Thursday, June 11, 2026
Homeदेशसंघर्ष ही जीवन का साथी है, बस कम ना हो कोशिशें

संघर्ष ही जीवन का साथी है, बस कम ना हो कोशिशें

मूकनायक/राष्ट्रीय प्रभारी ओमप्रकाश वर्मा
✍🏻✍🏻
जीवन की डगर के सुख और दुख दो छोर हैं । मनुष्य कभी इस पार तो कभी उस पार, इसी धुन में रहता है कि उसे सुख मिले लेकिन प्रयासों का पत्थर लौट कर दुख की ओर धकेलता है । यह तथ्य सोचने पर बाध्य कर देता है कि जीवन का अर्थ क्या है, ध्येय क्या है ? इस संबंध में निष्कर्ष यही निकलता है कि संघर्ष ही मानव जीवन को अर्थ प्रदान करता है ।
जीवन के दौर में एक संघर्ष समाप्त होता है कि दूसरा शुरू हो जाता है ।किनारा सामने आते ही छूट जाता है और सफलता मिलते-मिलते रह जाती है ।ऐसा हम सबने कभी ना कभी अनुभव अवश्य किया है, जबकि मनुष्य आशावान रहता है कि उसकी मेहनत और उसका संघर्ष उसे ऊंचाई तक पहुंचा ही देगा, जिसकी वह इच्छा रखता है । यही आशा उसे अपने प्रयासों को जारी रखने की प्रेरणा देती है ।
बिरदी चंद गोठवाल, नारनौल
प्रदेश प्रभारी मूकनायक, हरियाणा

- Advertisment -

Most Popular

Recent Comments