
मूकनायक/संतोष सहारे
डोंगरगढ़ छत्तीसगढ़
दोनों हाथ नहीं, पैर से भी विकलांग आंगनबाड़ी कार्यकर्ता लक्ष्मी पैर से मोबाइल में विभागीय जानकारी करती हैं अपलोड
आत्मविश्वास , इच्छा शक्ति कुछ कर गुजरने का संकल्प यदि कोई ले तो कोई भी बाधा उसके जीवन में रुकावट नहीं बन सकती इसका ताजा उदाहरण ग्राम तिलईरवार की आंगनबाड़ी कार्यकर्ता लक्ष्मी साहू ने। दोनों हाथ न होने के बावजूद उसने हौसला नहीं खोया और अपनी योग्यता के दम पर आंगनबाड़ी कार्यकर्ता के रूप में चयनित हुई। विभाग को जानकारी देने के लिए वह अपने मोबाइल का इस्तेमाल करती है। आश्चर्य की बात यह है कि वह पैर से मोबाइल चला कर उसमें आंगनबाड़ी की जानकारी अपलोड कर विभागीय अधिकारियों को भेजती हैं।
लक्ष्मी साहू जन्म से ही विकलांग है। उसके दोनों हाथ नहीं है। पैर से भी वह विकलांग है। सामान्य पैरों की तुलना में उसके पैर काफी छोटे हैं। साथ ही पर की उंगलियां भी सामान्य नहीं है। लक्ष्मी ने अपनी विकलांगता को कभी अपनी सफलता की राह में आड़े नहीं आने नहीं दिया।
लक्ष्मी पैर से विकलांग और दोनों हाथ नहीं होने के बावजूद उसने अपनी प्रारंभिक शिक्षा पूरी की। पढ़ाई पूर्ण करने के बाद उसने आंगनबाड़ी कार्यकर्ता के लिए आवेदन किया। यहां भी वह अपनी मेहनत के बल पर आंगनबाड़ी कार्यकर्ता के रूप में चयनित हुई। उसकी नियुक्ति डोंगरगांव जनपद पंचायत के अंतर्गत आने वाले ग्राम तिलईरवार के आंगनवाड़ी केंद्र में कार्यकर्ता के रूप में हुई। कार्यकर्ता की तरह ही आंगनबाड़ी के बच्चों को पढ़ाई करवा कर खेल गतिविधियों के माध्यम से उनका भविष्य संवार रही है। लक्ष्मी साहू पैरों से विकलांग होने के बावजूद आंगनबाड़ी की दैनिक गतिविधियों की जानकारी पैर से ही मोबाइल चला कर उसमें जानकारी अपलोड करते हुए विभागीय अधिकारियों को नियमित रूप से प्रदान करती है।

