मूकनायक
देश
राष्ट्रीय प्रभारी ओमप्रकाश वर्मा
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व्यक्ति का सबसे बड़ा मित्र उसका नियंत्रित मन ही है । जीवन में हम श्रेष्ठ तभी हो सकते है जब हम में दृढ़ता हो परंतु जिद नहीं, वाणी हो परंतु कटुता नहीं, दया हो परंतु कमजोरी नहीं, ज्ञान हो परंतु अहंकार नहीं।
इसलिए हमें वही करना चाहिये, जो हमारा दिल हमसे कहे क्योंकि जो दिमाग कहता है, वो “मजबूरी” होती है और जो दिल कहता है वो “मंजूरी” होती है । बाकी:- थोड़ा सा आदर का स्पर्श करके देखो, इंसान का हृदय भी टच स्क्रीन से कम नहीं है । हर पल में प्यार है, हर लम्हे में ख़ुशी है, खो दो तो यादें हैं जी लो तो ज़िंदगी है ।
लेखक
बिरदी चंद गोठवाल, नारनौल
प्रदेश प्रभारी मूकनायक, हरियाणा

