मूकनायक/ देश
“राष्ट्रीय प्रभारी ओमप्रकाश वर्मा”
बहुजनों के मसीहा, बहुजन नायक, क्रांतिकारी महान तॅपस्वी, महान त्यागी, बहुजनों के मार्ग दर्शक और वैज्ञानिक से बने समाजिक वैज्ञानी मान्यवर साहिब श्री कांशीराम जी के त्याग और संघर्ष भरे जीवन की दास्तान हम आपके साथ सांझा करते हैं।
घटना 1994-95 हरियाणा के महम-गोहाना रोड पर स्थित जिला रोहतक के एक गाँव की है। कुछ जाट दबंगों ने गाँव की ही एक बहू का सामूहिक बलात्कार किया था। हरियाणा पुलिस ने राजनीतिक दबाव के कारण बहू की शिकायत को लेकर रिपोर्ट तक दर्ज नहीं की थी। हार कर इलाके के कुछ सक्रिय बामसेफ कार्यकर्ता जिनमें मास्टर करण सिंह, सतवीर सिंह, फूल सिंह, दुनी चंद कश्यप, सतीश व जगदीश शामिल थे, ने साहेब से संपर्क किया और घटना के बारे में विस्तार सहित बताया। साहेब अगले ही दिन रोहतक पहुँच गए। साहेब के आते ही रोहतक का शासन-प्रशासन दवाब में आ गया। उसी दिन ही पुलिस ने पीड़ित पक्ष की एफ.आई.आर. लिखने में अपनी भलाई समझी।
साहेब ने कार्यकर्ताओं को सचेत करते हुए कहा कि आज तक आपने बैलट को मजबूत नहीं किया लेकिन अपनी वहन, बहू व बेटियों की इज्जत बचाने के लिए बुलेट को हर हालत में मजबूत करना होगा ताकि हमारा दुश्मन हमारी बहु-बेटियों की तरफ आँख उठाकर भी ना देख सके।
इटावा से सांसद होने के कारण साहेब ने संसद में भी केंद्र की नरसिम्हा राव सरकार पर जमकर हमला बोला। उधर माननीय सुप्रीम कोर्ट के जजों, ए. एस. आनंद व जस्टिस फैजुद्दीन ने इस तरह की तत्कालीन घटनाओं पर चिंता जाहिर करते हुए कहा। यह असल में एक दुखदाई दिन होगा अगर जनता के जेहन में यह बात घर कर गई कि पुलिस बल समाज के हितों की रक्षा के लिए नहीं है, और अगर एक बार लोगों की ऐसी धारणा बन गई तो फिर इसके नतीजे गंभीर होंगे। आखिर यह केस अपने अंजाम तक पहुँचा और दोषियों को सख्त सजा मिली।
मेरे पास ना जमीन है ना ही मेरा कोई बैंक अकाउंट और ना ही कोई चल या अचल संपत्ति।मेरे पास सिर्फ बहुजन समाज है-साहेब कांशी राम।
प्रस्तुत करते है।
इंजीनियर तेजपाल सिंह
94177-94756
जुॅग पलटाऊ बहुजन नायक
पुस्तक मैं कांशीराम बोलता हूं।
पम्मी लालो मजारा-95011-43755

