Friday, April 17, 2026
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सुख में मिलते हैं सभी प्रेम से और दुख की घड़ी में मिलते हैं सिर्फ अपने

मूकनायक
देश
राष्ट्रीय प्रभारी ओमप्रकाश वर्मा
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लोग आपके चेहरे को भूल सकते हैं, परन्तु आपके व्यवहार को नहीं । सभी के अंदर अलग अलग गुण है, दूसरों से तुलना ना करके अपने कल से आज की तुलना कर उसे बेहतर बनाने का प्रयास करना चाहिए क्योंकि चिन्ता ने आज तक कभी किसी कमी को पूरा नहीं किया है और वही सितारे ज्यादा चमकते हैं, जिनके पीछे अंधेरा होता है ।
चिंता और चिंतन दोनों ही मानव के व्यवहार को प्रभावित करते हैं क्योंकि चिन्ता हमेशा मानव को उलझाती है और चिंतन सुलझाता है । जीवन बहती नदी के सम्मान है और इस जीवन यात्रा की हर परिस्थिति में आगे बढ़कर कोशिश करने वालों की जहां कभी हार नहीं होती, वहां नसीबो को भी झुकना पड़ता है, काँटो पर चल कर ही फूल खिलते हैं । इस जीवन यात्रा के सुख में सभी बड़े प्यार से मिलते हैं, परंतु दुख की घड़ी में सिर्फ और सिर्फ अपने ही मिलते हैं।
लेखक:
बिरदी चंद गोठवाल, नारनौल
प्रदेश प्रभारी मूकनायक, हरियाणा

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