Tuesday, September 29, 2026
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मेघवाल समाज संघ का स्नेह मिलन कार्यक्रम हुआ संपन्न।

मूकनायक /राजस्थान/जोधपुर/ संभाग प्रभारी रूपाराम मेघवाल

मेघवाल समाज संघ का सम्मेलन मेघवाल शिक्षा एवं विकास सेवा संस्थान मूंगड़ा रोड बालोतरा में भव्य रूप से आयोजित किया गया,जिसमें शपथ ग्रहण समारोह की रस्म अदा करते हुए कई गणमान्य महानुभावों तथा कार्यकारिणी सदस्यों ने मेघवाल समाज की काया पलट करने का बीड़ा उठाते हुए जन मानस में जागरूकता फैलाने और कुरीतियों को समूल रूप से नष्ट करने की हुंकार भरी।इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि रूपाराम धनदे तथा विशिष्ट अतिथि गोपाराम मेघवाल,जिला प्रमुख प्रियंका मेघवाल और रणजीत आश्रम के गादीपति महंत आत्माराम जी महाराज सहित कई गणमान्यों को भी मंच सुशोभित करने का अवसर दिया।कार्यक्रम को विधिवत संचालित करने के लिए मानारामजी मेघवाल तथा सालग राम परिहारभंवरलाल भाटी, गोविन्द मेघवाल,बाबुलालजी नामा,भैरुलाल नामा, नारायण गेंवा ने कार्यक्रम समाप्ति तक कमर कसकर रखी और अपने उद्बोधन में सभी को एकता के सूत्र में बंधे रहने का आवाह्न किया।इस कार्यक्रम की मुख्य बातें-नशा मुक्ति अभियान चलाने,सामूहिक विवाह,मेघवाल शिक्षा विकास संस्थान को निर्बाध रूप से विकासात्मक गति प्रदान करने, मेघवाल समाज को हर तरह से मजबूती प्रदान करने,बालिका शिक्षा को बढ़ावा देने के साथ ही आपसी सद्भाव कायम रखने जैसी बातें प्रमुख रही।हम क्षेत्रवाद,भाषावाद तथा जातिवाद से परे रह कर एक अच्छे सभ्य और सुसंस्कृत समाज का निर्माण करें,इन बातों को विशेष रूप से मंचासीन अतिथियों ने उद्बोधित किया। रूपाराम धनदे,गोपाराम मेघवाल,ओमाराम मेघवाल सहित कई वक्ताओं ने अपनी बातें प्रमुखता से रखी और जायज बातों पर आत्म मंथन करते हुए समाज के नव निर्माण में तन मन धन से सहयोग करने हेतु सभी संकल्पित हुए बालोतरा जिले के अलावा बाड़मेर जिले से बाहर,जोधपुर संभाग तक के कर्मचारी,अधिकारी,शिक्षाविद,ठेकेदार तथा मेघवाल समाज के गणमान्य बंधुओ ने शिरकत की,जिसमें अनिता मेघवाल,देवी इणकखिया,ममता कुमारी सहित कई मातृशक्ति ने इस कार्यक्रम में शिरकत कर आपसी भाईचारे को कायम रखने तथा अच्छे विचारों को साझा कर,एक मंच पर बैठने और स्नेह,समर्पण तथा सदाचारों के समावेश के लिए एक दूसरे को समझने तथा समझाने का प्रयास भी किया।गणमान्य नागरिकों के साथ पत्रकार बंधु और विद्यार्थी भी शामिल रहने से इस कार्यक्रम में चार चांद लगे रहे। डॉ.ममता का नीट क्लियर होने पर मंचासीन अतिथियों ने बहुमान किया।कार्यकारिणी सदस्यों तथा पदाधिकारियों को अनुपम भेंट देने के साथ उन्हें शपथ दिलाई और वादा किया कि समाज हित में हम दिन-रात अपने परिश्रम से सकारात्मक रुझान लायेंगे।हालांकि इसमें कई लोगों ने बताया कि अभी काफी समय गुजर चुका है और आगे भी ऐसे ही समय निकल जाने वाला है,मगर हिम्मतवान व्यक्ति और शिक्षा का सदुपयोग करने वाले व्यक्ति सफलता पाकर,अपना लक्ष्य प्राप्त करेंगे,इसमें कोई अतिश्योक्ति नहीं होगी।मेघवाल समाज बहुत बड़ा है और इसमें कई लोग सकारात्मक सोच के धनी हैं,जो ऊर्जावान है और समाज में नई ऊर्जा का संचार करेंगे।कई ऐसे भामाशाह भी है,जो इस समाज का बीड़ा उठाए हुए हैं।वे कभी धन की कमी नहीं आने देंगे।कई वक्ताओं ने बताया कि संपूर्ण राजस्थान में भामाशाहों ने धरातल पर समाज के बच्चों को अध्ययन के लिए तथा लोगों को निशुल्क शिक्षा देने के साथ-साथ चिकित्सा सेवाएं प्रदान करने,रोजगार देने जैसे मोर्चे को संभाल रखा है,जो भविष्य में हमारे लिए प्रेरणामयी साबित होने वाले उदाहरण होंगे।आप विश्वास बनाए रखें और अपना काम अपने हाथ और हर अच्छे काम की शुरुआत अपने परिवार से करें,क्योंकि अपना सुधार ही संसार की सबसे बड़ी सेवा है।हम अमरबेल की भांति जीवन नहीं जिएं,हम केवल रोटी,कपड़ा और मकान के लिए ही नहीं जिएं,बल्कि हम खुद एक दूसरे का सहारा बनें और एक अच्छी अमिट छाप छोड़े,जिससे व्यक्ति का सर्वांगीण विकास हो और अच्छे व्यक्तित्व के धनी कहलायें।हां कतिपय आपसी मन मुटाव हो सकते हैं,मगर उन्हें भुलाकर हम अनेकता तथा विविधता,कई संगठनों के होते हुए भी “एकता” का परिचय दें,जिससे हम राजनीति में भी परचम लहरा सकें,उच्च पद पा सकें,खेल,व्यापार, तकनीकी और हर क्षेत्र में आगे आकर विरोधी को पछाड़ कर,मेघवाल समाज को उच्च शिखर तक पहुंचाने में कामयाब हो सकें।अल्पाहार के पश्चात कार्यशाला के समस्त आगंतुक अतिथियों ने विसर्जन किया और तत्पश्चात महंत आत्माराम जी महाराज से आशीर्वाद लेकर अपने घरों की तरफ प्रस्थान किया।दिल सबका अपने अपने जज्बातों से परिपूर्ण था,अपनी सटीक बातों से आत्म मंथन किया जा रहा था कि हमें एकता कायम रखने के लिए कई परिस्थितियों से तालमेल और नये अपडेट तथा वर्जन के साथ काम करना चाहिए।इसमें विशेष कर युवाओं को आगे आना चाहिए और उनको ही जिम्मेवारी दी जानी चाहिए,जिसमें जोश,जिद और जुनून है।उनकी भावनाओं की भी कद्र की जानी चाहिए।समय-समय पर ऐसी कार्यशाला का आयोजन,अच्छा परिणाम लायेगा,ऐसे प्रयास किए जाने चाहिए।

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