मूकनायक / देश
*राष्ट्रीय प्रभारी ओमप्रकाश वर्मा*
👩🦰👨🦰 एक बार कुछ परेशान लोगों ने बुद्ध से पूंछा की हमारा ये शोषण कब तक होता रहेगा?
💎 तथागत गौतम बुद्ध ने कहा है कि:-
तुम्हारा शोषण 😢😢 तब तक होता रहेगा जब तक तुम अज्ञानी🧠 हो ……
☸️☸️☸️☸️ सिद्धार्थ गौतम से लेकर मान्यवर कांशीराम साहेब तक भारत में जितने भी महापुरूषों ,संतो, गुरुओं ने जन्म लिया उन सभी ने इस देश के बहुसंख्यक समाज की समस्यायों के लिए इनके अज्ञान को दोषी माना है।
*सिद्धार्थ गौतम जब 29 वर्ष के थे, तब तक शाक्य संघ के सदस्य थे , संघ की बैठकों में आते जाते थे। *🌈एक बार शाक्य संघ के समक्ष रोहिणी नदी के पानी💧💧 को लेकर एक विषय आया। पानी को लेकर शाक्य और कोलिय ( कोरी ) हमेशा लड़ते रहते थे।*
👉सिद्धार्थ ने सुझाव दिया कि कोलिय और शाक्य दोनों मिल बैठकर (दोनों के दो दो वरिष्ठ लोगों को मिलाकर एक आयोग बना दिया जाए) इस समस्या का हल निकाले।
👉 सेनापति सहित संघ के दूसरे सदस्यों ने इसका विरोध किया और संघ ने बहुमत से यह निर्णय लिया कि हम कोलियो के विरूद्ध युद्ध करेंगे।
👉 सिद्धार्थ गौतम इससे सहमत🧠 नहीं हुए । संघ से असहमति का मतलब था सज़ा, दंड। सिद्धार्थ गौतम के पास अब तीन विकल्प थे सजा के तौर पर …..
👉 1- उनकी वा उनके परिवार की सम्पत्ति जब्त कर ली जाए ।
👉 2- उनको फांसी दी जाय ।।
👉 3- उनको देश निकाला दिया जाए ।।।
*☸️ सिद्धार्थ गौतम ने देश निकाला स्वीकार किया। लेकिन इस सजा के क्रियान्वयन में एक समस्या थी इसके लिए कोशल नरेश प्रशनजीत की अनुमति , और यह एक कठिन कार्य था। *इसको देखते हुए सिद्धार्थ गौतम ने स्वयं देश छोड़ने का फैसला लिया।*
लेकिन सिद्धार्थ गौतम ने शाक्य संघ की आखिरी बैठक में जो कहा वो बहुत महत्वपूर्ण है। सिद्धार्थ गौतम ने कहा मेरा दृढ़ विश्वास है कि युद्ध किसी समस्या का समाधान नहीं है और बैर को कभी भी बैर से समाप्त नहीं किया जा सकता। और यदि आप को लगता है कि आप लोगो का निर्णय सही है तो यह आपकी अज्ञानता है , आप ऐसा अपने अज्ञान के कारण कर रहे है।
अतः सिद्धार्थ ने अपना घर और अपने लोग दोनों को छोड़ दिया। 🍏और वह निकाल पड़े सच्चे ज्ञान की खोज में । लगभग 6 वर्षों के गहन अध्ययन के बाद उन्होंने इस बात की पुष्टि कर दी और उन्हें सच्चा ज्ञान प्राप्त हो गया।
💎वह निश्चित हो गए की लोगो की समस्याओं का एक प्रमुख कारण उनका 🧠अज्ञान है।💎
👉 मध्यकालीन भारत के महान समाज सुधारकों में:-
👉 संत रविदास ,
👉 संत कबीर दास,
👉 संत गुरुनानक
आदि ने भी हमारी बर्बादी के लिए हमारी अज्ञानता को ही दोषी माना है।
🗣️ आधुनिक भारत में
☸️ महामना ज्योतिबा राव फुले
☸️ साहू जी महाराज
☸️ महामना ललई सिंह यादव
☸️ चौधरी महाराज सिंह भारती
☸️ महामना राम स्वरूप वर्मा
☸️ जगदेव बाबू
☸️ बाबा साहेब डा अम्बेडकर
☸️ मान्यवर साहब कांशीराम
आदि आदि इन सभी महापुरुषों ने भी हमारी बर्बादी के लिए हमारे अज्ञान को ही दोषी माना है।
🟢इस अज्ञान को दूर कैसे किया जाए ???????
🌈🌈बाबा साहेब की पूजा करने और उनकी जय जय कार करने के बजाय उनके द्वारा लिखा गया और बोला गया विचार अपनाया जाय, और जन जन तक पहुंचाया जाय।
भारत सरकार ने बाबा साहेब के विचारो को संकलित करके 40 किताबो📚📖 में निकाला है।
लेकिन ये किताबें बड़े बड़े अंबेडकरवादियों के पास नहीं मिलेगी ।
देश में तमाम ज्ञाता लोग अपने विचार, समाज को परोस 🗣️🗣️ रहे है और नाम बाबा साहेब का ले रहे है।
या तो ये कहा जाए की लोग अपना ही कोई मिशन चला रहे हैं और नाम बाबा साहेब का ले रहे है ।
💎💎 हमें ऐसे लोगो से भी सावधान👁️ रहना चाहिए।
अंबेडकरवादी बनने और बनाने के लिए पहले हमें बाबा साहब के विचारों🧠 को जानना होगा , फिर खुद मानना होगा, अपनाना होगा तभी हम दूसरो को बताए। तभी बाबा साहेब के सपनों का भारत बनेगा।
👉 नकली और अधकचरे लोगों के द्वारा यह सम्भव नहीं जो केवल अपने नाम के लिए काम कर रहे है।
👉 सच्चे अंबेडकरवादी बने ,
👉 समाज को धोखा देने वाले नहीं।
👉 समाज को धोखा देने वालों से सावधान भी रहें।
लेखक:🙏🅰️🅿️ Singh
जय भीम जय भारत जय संविधान

