MSME यानि केवल स्मॉल बिजनेस नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण में Big Impact; छोटे उद्योग भारतीय अर्थव्यवस्था का सबसे शक्तिशाली गतिमान इंजन: चेम्बर अध्यक्ष अशोक जिरावाला
मूकनायक समाचार । सूरत
धी चैम्बर ऑफ कॉमर्स एन्ड इंडस्ट्री (SGCCI) की ‘MSME कमिटी’ द्वारा सीईडी (सेंटर फॉर एंट्रप्रोन्योरशिप डेवलपमेंट, गुजरात सरकार) गांधीनगर के संयुक्त तत्त्वावधान में दक्षिण गुजरात के सूक्ष्म, लघु व मध्यम उद्योगों को सरकारी सहायक योजनाओं, टेक्नोलॉजी अपग्रेडेशन और ग्लोबल सप्लाई चेन से जोड़ने के उद्देश्य से शुक्रवार, 23 अक्टूबर 2026 को सुबह 10:00 बजे प्लेटिनम हॉल, सरसाणा, सूरत में भव्य ‘MSME कॉन्क्लेव 2026’ का सफल आयोजन किया गया। इस कॉन्क्लेव में केंद्र और राज्य सरकार के विभिन्न औद्योगिक विभागों के उच्च अधिकारी, बैंकिंग विशेषज्ञ और बड़ी संख्या में उद्योगसाहसिक उपस्थित रहे।
कॉन्क्लेव के उद्घाटन अवसर पर स्वागत भाषण देते हुए चेम्बर अध्यक्ष अशोक जिरावाला ने कहा, “किसी भी देश की सच्ची आर्थिक ताकत मुठ्ठीभर बड़े कॉर्पोरेट्स से नहीं नापी जाती, किन्तु लाखों छोटे और मध्यम उद्योगों के अदम्य सामर्थ्य से नापी जाती है। MSME सेक्टर का हिस्सा करीब 31.1%, उत्पादन में 35.4% और देश की कुल निर्यात में 48.58% जितना है।” जबकि गुजरात में उद्यम पोर्टल पर 18 लाख से अधिक युनिटों दर्ज है, जिसके द्वारा राज्य के 1 करोड 15 लाख से अधिक लोगों को रोजी-रोटी मिलती है, इतना ही नहीं गुजरात में करीब 20 प्रतिशत एमएसएमई युनिटों का नेतृत्व महिला उद्योग साहसिकों संभाल रहे है, जो गौरवपूर्ण बाबत है।
उन्होंने आगे कहा, “अब सिर्फ सस्ता उत्पादन ही पर्याप्त नहीं; आज का युग गुणवत्ता, टेक्नोलॉजी, डिजिटल मार्केटिंग और वित्तीय शिस्त का है। MSME एकमों को अब ‘सर्वाइवल मोड’ से निकलकर ‘ग्रोथ मोड’ की ओर बढ़े इसके लिए तीन प्रमुख स्तंभ—समय पर वित्तीय सहायता, टेक्नोलॉजी अपग्रेडेशन और मार्केट एक्सेस आवश्यक हैं।” जिला उद्योग केंद्र (DIC): उद्योग विभाग के संयुक्त आयुक्त और सूरत DIC के जनरल मैनेजर जे. बी. दवे ने गुजरात सरकार की औद्योगिक नीति, विकसित गुजरात नीति 2026 के तहत सब्सिडी सहायता, प्रोत्साहनों और MSME एकमों के लिए विभिन्न सहायक योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी।

