Thursday, February 26, 2026
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*घर में खाना खाने के बाद मां-बेटी की मौत:मायके वालों ने ससुराल वालों पर लगाया जहर खिलाने का आरोप, अस्पताल में किया हंगामा*

मूकनायक बालाघाट ब्यूरो

बालाघाट।वारासिवनी थाना क्षेत्र के केरा में कृष्ण जन्माष्टमी के विसर्जन के बाद भोजन खाने से चार वर्षीय बच्ची की मौत हो गई। इसके बाद बच्ची की मां ने भी दम तोड़ दिया। घटना के बाद महिला के मायके पक्ष वालों ने पति और ससुरालवालों पर जहरीला खाने खिलाने का आरोप लगाया है। फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुट गई है। बताया जाता है कि केरा निवासी महेंद्र चौरे वाहन चालक है, जिसकी पत्नी मीना चौरे और दो बच्चे है। 6 सितंबर को महेंद्र चौरे के पुत्र ने श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के बाद पड़ोस में खाना खा लिया था। जबकि मीना चौरे और बेटी चहक ने घर में ही खाना खाया। खाना-खाने के बाद दोनों मां-बेटी को उल्टियां होने लगी और उनकी तबीयत बिगड़ने लगी।

पहले बेटी फिर मां की मौत

इसके बाद महेंद्र ने दोनों को जिला अस्पताल लाया। यहां रात में चहक ने दम तोड़ दिया। इसके शव का सुबह अस्पताल चौकी पुलिस ने पीएम करवाकर शव परिजनों को सौंप दिया। इसके शव का अंतिम संस्कार करने परिजन लेकर जा रहे थे, इसी दौरान अस्पताल में गंभीर हालत में भर्ती मीना चौरे ने 8 सितंबर की दोपहर में दम तोड़ दिया।

मीना की मौत के बाद उसके मायके पक्ष वालों ने हंगामा खड़ा कर दिया। मीना के पति महेंद्र चौरे और उसके परिजनों पर जहरीला भोजन कराकर मां-बेटी की हत्या किए जाने का आरोप लगाया। मीना के खापा निवासी मायके पक्ष वालों में मां शीला माने और मामी मंजू मेश्राम ने आरोप लगाया कि बेटी मीना के पति महेंद्र चौरे का किसी अन्य महिला से अवैध संबंध है।

इसके कारण वह अक्सर बेटी मीना से विवाद करता रहता था। अन्य महिला से संबंध को लेकर महेंद्र चौरे को पूर्व में समझाइश भी दी गई थी, लेकिन वह मानने को तैयार नहीं था और इसी कारण उसने हमसे बात करना बंद कर दिया था। उन्होंने बताया कि कन्हैया विसर्जन के बाद महेंद्र के पुत्र ने मोहल्ले में किसी की घर खाना खाया, जबकि पति महेंद्र ने घर पर खाना नहीं खाया। बेटी मीना और उसकी बेटी चहक ने ही खाना खाया और उसके बाद उनकी तबीयत बिगड़ गई। इससे दोनों की मौत हो गई। उन्होंने कहा कि यह यह मां-बेटी की मौत का मामला है और संगीन मामला है।

इसमें जांच कर महेंद्र चौरे और उसके परिवारवालों पर सख्त से सख्त कार्रवाई होना चाहिए। उन्होंने बताया कि घटना शाम की होने के बावजूद उन्हें देर रात सूचना दी गई। जब वे यहां पहुंचे तो बेटी चहक की मौत हो गई थी। जबकि मीना गंभीर हालत में थी। इससे उन्हें यकीन है कि महेंद्र और उसके परिजनों ने मीना और उसकी बेटी की हत्या, जहरीला खाना खिलाकर की है।

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