

बालाघाट जिले में 25 न्यायिक खंडपीठों ने संभाली जिम्मेदारी, वारासिवनी की 7 खंडपीठों में भी हुआ मामलों का समाधान
मूकनायक समाचार — संवाददाता सत्यशील गोंडाने, बालाघाट (मध्यप्रदेश)
बालाघाट। राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण नई दिल्ली एवं राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण जबलपुर के निर्देशानुसार शनिवार 12 सितंबर 2026 को बालाघाट जिले में नेशनल लोक अदालत का सफल आयोजन किया गया। आपसी सहमति, राजीनामा एवं समझौते के माध्यम से लंबित और प्री-लिटिगेशन मामलों के निराकरण की इस पहल में जिलेभर से कुल 1545 प्रकरण प्रस्तुत किए गए, जिनमें से 1434 प्रकरणों का निराकरण किया गया। निराकृत प्रकरणों में कुल 4 करोड़ 79 लाख 05 हजार 609 रुपये की अवार्ड राशि पारित की गई।
नेशनल लोक अदालत का आयोजन प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश एवं अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण बालाघाट प्राणेश कुमार प्राण के मार्गदर्शन में किया गया। आयोजन से पूर्व अधिकारियों एवं न्यायाधीशगण की बैठक लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए तथा तैयारियों और प्रकरणों के निराकरण की लगातार समीक्षा की गई।
25 न्यायिक खंडपीठों ने संभाली जिम्मेदारी
जिले में नेशनल लोक अदालत के लिए कुल 25 न्यायिक खंडपीठों का गठन किया गया। इनमें जिला न्यायालय बालाघाट में 13, सिविल न्यायालय बैहर में 3, कटंगी में 1, लांजी में 1 तथा वारासिवनी में 7 खंडपीठ शामिल रहीं। इन खंडपीठों के समक्ष विभिन्न प्रकृति के लंबित एवं प्री-लिटिगेशन मामलों को रखा गया।
लोक अदालत में आपराधिक शमनीय प्रकरण, पराक्रम्य अधिनियम की धारा 138 के मामले, बैंक एवं मनी रिकवरी, मोटर दुर्घटना क्षतिपूर्ति दावा (एमएसीटी), वैवाहिक विवाद, श्रम विवाद, भूमि अधिग्रहण, जलकर, विद्युत चोरी सहित शमनीय प्रकरणों तथा दीवानी मामलों का निराकरण किया गया।
प्री-लिटिगेशन के 1011 मामलों का समाधान
मुकदमा पूर्व अर्थात प्री-लिटिगेशन श्रेणी में कुल 1053 प्रकरण प्रस्तुत किए गए, जिनमें से 1011 प्रकरणों का निराकरण हुआ। इन मामलों में 1 करोड़ 51 लाख 54 हजार 759 रुपये की अवार्ड राशि पारित की गई।
वहीं न्यायालयों द्वारा रेफर किए गए लंबित मामलों में कुल 492 प्रकरण प्रस्तुत हुए, जिनमें से 423 प्रकरणों का निराकरण किया गया। इन मामलों में 3 करोड़ 27 लाख 50 हजार 850 रुपये की अवार्ड राशि पारित हुई। इस प्रकार दोनों श्रेणियों को मिलाकर कुल 1545 प्रकरण प्रस्तुत हुए और 1434 प्रकरणों का निराकरण किया गया।
स्वास्थ्य शिविर में 200 से अधिक लोगों को दवाइयां
नेशनल लोक अदालत के दौरान जिला न्यायालय परिसर में जिला आयुष विभाग के सहयोग से स्वास्थ्य परीक्षण शिविर भी आयोजित किया गया। शिविर में पक्षकारों एवं न्यायालयीन कर्मचारियों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया तथा 200 से अधिक लोगों को आवश्यक दवाइयों का वितरण किया गया।
प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश प्राणेश कुमार प्राण एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव सतीश शर्मा ने लोक अदालत की कार्यवाही का अवलोकन किया।
श्रवण बाधित बच्चों को कान की मशीन, पौधों का वितरण
लोक अदालत के दौरान प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश प्राणेश कुमार प्राण ने श्रवण बाधित बालकों को कान की मशीनों का वितरण किया। वहीं वैवाहिक विवाद से जुड़े एक प्रकरण का राजीनामे के माध्यम से निराकरण होने के बाद फलदार एवं छायादार पौधों का वितरण किया गया। इस पहल से लोक अदालत के माध्यम से न्यायिक विवादों के समाधान के साथ सामाजिक सरोकार का संदेश भी दिया गया।
न्यायिक अधिकारियों एवं अतिथियों की रही उपस्थिति
लोक अदालत के शुभारंभ अवसर पर माता सरस्वती के छायाचित्र पर दीप प्रज्वलित कर पुष्प अर्पित किए गए। इस अवसर पर विशेष न्यायाधीश (एट्रोसिटी) रघुवीर प्रसाद पटेल, प्रथम जिला न्यायाधीश गौतम सिंह मरकाम, द्वितीय जिला न्यायाधीश डी.एन. सिंह, अतिरिक्त जिला न्यायाधीश तबस्सुम खान, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट मनीष सिंह, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव सतीश शर्मा, न्यायिक मजिस्ट्रेट नीरज सोनी, अविनाश छारी, शालिनी भण्डारी, राज पाण्डे, सौरभ गोस्वामी, निहारिका व्यास एवं ईशान डंगुला सहित अन्य गणमान्य उपस्थित रहे।
बैंक, बीमा, पुलिस एवं पैरालीगल वॉलेंटियर्स का सहयोग
नेशनल लोक अदालत की सफलता में बैंक, बीमा कंपनियों, पुलिस विभाग, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, न्यायालयीन कर्मचारियों तथा पैरालीगल वॉलेंटियर्स का महत्वपूर्ण सहयोग रहा। दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों से पहुंचे पक्षकारों को भी आपसी सहमति और समझौते के माध्यम से अपने मामलों के त्वरित समाधान का अवसर मिला।
मीडिया एवं सहयोगियों के प्रति जताया आभार
प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश एवं अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण प्राणेश कुमार प्राण ने नेशनल लोक अदालत के आयोजन एवं प्रकरणों के निराकरण में सहयोग के लिए जिले के दैनिक समाचार पत्रों के प्रधान संपादकों एवं संपादकों तथा प्रिंट एवं इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के सभी सदस्यों के प्रति आभार व्यक्त किया।
उन्होंने न्यायाधीशगण, प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारियों, समाजसेवियों, आमजन तथा दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों से लोक अदालत में पहुंचे पक्षकारों का भी सहयोग के लिए धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा कि न्यायदान की इस महत्वपूर्ण परंपरा को आगे भी प्रभावी ढंग से जारी रखने के लिए सभी का सार्थक सहयोग आवश्यक है।
नेशनल लोक अदालत : आंकड़े एक नजर में
कुल प्रस्तुत प्रकरण — 1545
कुल निराकृत प्रकरण — 1434
कुल अवार्ड राशि — ₹4,79,05,609
प्री-लिटिगेशन प्रस्तुत — 1053
प्री-लिटिगेशन निराकृत — 1011
लंबित प्रकरण प्रस्तुत — 492
लंबित प्रकरण निराकृत — 423
कुल न्यायिक खंडपीठ — 25
वारासिवनी में न्यायिक खंडपीठ — 7

