
विभिन्न स्थानों पर स्वच्छता, पौधारोपण, जल संरक्षण और गाजर घास उन्मूलन को लेकर चलाया जागरूकता अभियान
दुर्ग। हरा-भरा और स्वच्छ धरा के उद्देश्य को लेकर स्वच्छ धरा वेलफेयर समिति छत्तीसगढ़ का पर्यावरण संरक्षण एवं जनजागरूकता अभियान लगातार जारी है। समिति के संस्थापक एवं प्रदेश अध्यक्ष नवनीत कुमार हरदेल के मार्गदर्शन में टीम ने लगातार 1,281वें दिन छत्तीसगढ़ के विभिन्न स्थानों पर स्वच्छता, पौधारोपण, जल संरक्षण, नशामुक्ति और गाजर घास उन्मूलन को लेकर अभियान चलाया।
अभियान के तहत शिवनाथ नदी मुक्ति धाम स्थित प्राचीन शिव मंदिर, राम-जानकी मंदिर, भिलाई हुडको तालाब, रिसाली दशहरा मैदान, ग्राम अंजोरा ख, कपिश्वर मंदिर भिलाई, शिव दुर्गा मंदिर सेक्टर-10 भिलाई, शिव पार्वती धाम बालोद तथा शिव मंदिर महाकाल सुरेगांव सहित विभिन्न स्थानों पर साफ-सफाई की गई। टीम ने झिल्ली, डिस्पोजल, दोना-पत्तल, प्लास्टिक बोतल, पानी पाउच, गुटखा पाउच, खाद्य पदार्थों के रेपर और शराब की बोतलों सहित अन्य कचरे को एकत्र कर निर्धारित स्थान पर डंप किया।
शिवनाथ नदी मुक्ति धाम स्थित प्राचीन शिव मंदिर परिसर में गाजर घास को जड़ से उखाड़कर नष्ट किया गया तथा पूर्व में लगाए गए पौधों के आसपास निंदाई-गुड़ाई कर उनकी देखभाल की गई। मंदिर के अध्यक्ष स्वर्गीय राजू शर्मा की स्मृति में सावन पर्व के अवसर पर लगाए गए शमी के पौधे की भी देखभाल की गई।
हुडको तालाब भिलाई, शिव पार्वती धाम बालोद, शिव दुर्गा मंदिर सेक्टर-10, कपिश्वर धाम भिलाई और अन्य स्थानों पर भी सफाई अभियान चलाया गया। ग्राम अंजोरा में स्वास्थ्य के लिए हानिकारक गाजर घास को जड़ से उखाड़कर नष्ट किया गया। रिसाली दशहरा मैदान में रिसाली प्रभारी तरुणा देशमुख की टीम ने सफाई कर बड़ी मात्रा में डिस्पोजल, झिल्ली, शराब की बोतल और पत्तल सहित कचरा एकत्र किया। समिति ने प्रशासन से सार्वजनिक स्थानों पर नशाखोरी और शराब सेवन पर प्रभावी रोक लगाने की मांग की।
नदी-तालाबों को स्वच्छ रखने की अपील
समिति की टीम ने नदी, तालाब, मंदिर एवं सार्वजनिक स्थलों पर आने वाले लोगों को कचरा निर्धारित स्थान पर डालने के लिए जागरूक किया। बैनर, नारों, स्लोगन और कविताओं के माध्यम से जल संरक्षण, स्वच्छता, पौधारोपण, पर्यावरण संरक्षण, नशामुक्ति और गाजर घास उन्मूलन का संदेश दिया गया।
इस दौरान ‘जल है तो बल है’, ‘जल ही जीवन धारा है, जिसने हमें संवारा है’, ‘जागो और जगाओ, स्वच्छता अपनाओ’, ‘पौधे लगाकर पेड़ बनाओ, जीवन में खुशियां बरसाओ’ और ‘नशे का होना आदी, घर-परिवार की है बर्बादी’ जैसे नारों के माध्यम से लोगों को जागरूक किया गया।
तालाबों में कुंड निर्माण की मांग
समिति के संस्थापक प्रदेश अध्यक्ष नवनीत कुमार हरदेल ने कहा कि समिति प्रतिवर्ष स्वच्छता, जल संरक्षण, पौधारोपण, नशामुक्ति और गाजर घास उन्मूलन को लेकर अभियान चलाती है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक तालाब में कुंड का निर्माण किया जाना चाहिए और साफ-सफाई के बाद ही तालाब में पानी भरना उचित होगा, जिससे जल स्वच्छ रह सके। उन्होंने निर्धारित स्थानों पर उचित घेरे अथवा आठ फीट ऊंचे ट्री गार्ड में पौधारोपण करने की अपील की, ताकि पौधों की सुरक्षा और देखभाल बेहतर तरीके से हो सके।
हरदेल ने श्रद्धालुओं से नदी और तालाबों में पूजन सामग्री कम से कम विसर्जित करने की अपील करते हुए कहा कि स्वच्छता में ही ईश्वर का वास है। उन्होंने दुर्ग निगम प्रशासन से शिवनाथ नदी मुक्ति धाम, महमरा एनीकट क्षेत्र में घाट के किनारे एकत्र होने वाले कचरे को नियमित रूप से उठाकर निर्धारित स्थान पर डंप कराने का आग्रह किया।
महिलाओं की भी सक्रिय भागीदारी
प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य थनेश्वरी हरदेल ने कहा कि स्वच्छता का महत्व महिलाओं की दिनचर्या का महत्वपूर्ण हिस्सा है। समिति के जागरूकता अभियानों में महिलाएं भी नियमित रूप से निःस्वार्थ भाव से भाग ले रही हैं। उन्होंने लोगों से अपने आसपास स्वच्छता बनाए रखने, पौधारोपण करने, जल संरक्षण एवं नशामुक्ति को बढ़ावा देने तथा गाजर घास का उन्मूलन करने की अपील की।
उन्होंने बताया कि समिति द्वारा प्रतिवर्ष बरसात के मौसम में गाजर घास उन्मूलन अभियान चलाकर इसे जड़ से उखाड़कर नष्ट किया जाता है। इसके परिणामस्वरूप कई स्थानों पर गाजर घास की समस्या में कमी आई है।
अभियान में प्रदेश अध्यक्ष नवनीत कुमार हरदेल, संयुक्त सचिव सुरेन्द्र साहू, प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य थनेश्वरी हरदेल, रिसाली प्रभारी तरुणा देशमुख, खुशबू कस्तूरिया, सूर्या हरदेल, श्वेता जैन, निकिता जयेश शिंगणे, टीनल हरदेल, कार्तिक राम चंद्राकर, विजय कुमार सिंह, चितरंजन दुर्गा देशमुख, महेंद्र यादव, भागीरथी सिन्हा, डेरहा देशमुख, टिकेंद्र हरदेल, दाऊ लाल बघेल, दुर्योधन साहू सहित अनेक गणमान्य नागरिक शामिल हुए।

