निर्माण कार्यों में तेजी और सफाई व्यवस्था दुरुस्त करने के निर्देश, स्कूल में बच्चों को पढ़ाया गणित, कूड़े का ढेर मिला तो सचिव-एडीओ का वेतन रोका
मूकनायक/ रतन लालब्यूरो चीफ चंदौली
चकिया, चंदौली। विकास कार्यों की जमीनी हकीकत परखने के लिए मुख्य विकास अधिकारी आर. जगत साईं ने शनिवार को विकासखंड नौगढ़ और चकिया क्षेत्र का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने निर्माणाधीन परियोजनाओं, विद्यालयों, डिजिटल लाइब्रेरी, पंचायत भवन, सामुदायिक शौचालय समेत ग्रामीण क्षेत्रों में चल रहे विकास कार्यों का स्थलीय निरीक्षण कर प्रगति की जानकारी ली। निरीक्षण के दौरान जहां कई कार्य संतोषजनक पाए गए, वहीं कुछ स्थानों पर खामियां भी सामने आईं। लापरवाही मिलने पर सीडीओ ने संबंधित अधिकारियों को कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी और मौके पर ही व्यवस्थाओं में सुधार के निर्देश दिए। पशु अस्पताल के सामने कूड़े का ढेर मिलने पर उन्होंने संबंधित ग्राम विकास अधिकारी (सचिव) और एडीओ पंचायत का वेतन रोकने के निर्देश दिए।
सीडीओ ने सबसे पहले विकासखंड नौगढ़ में नव-निर्मित राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (आईटीआई) का निरीक्षण किया। यहां राजकीय निर्माण निगम के प्रोजेक्ट मैनेजर ने सीडीओ को बताया कि भवन निर्माण का कार्य शत-प्रतिशत पूरा हो चुका है, लेकिन अभी तक भवन हस्तांतरण की प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी है। सीडीओ ने इस पर नाराजगी जताते हुए संबंधित अधिकारियों को सभी लंबित औपचारिकताएं शीघ्र पूरी कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि निर्माण पूरा होने के बाद भवन को अनावश्यक रूप से अपने कब्जे में रखने के बजाय संबंधित विभाग को जल्द हस्तांतरित किया जाए। उन्होंने आगामी 10 से 15 दिनों के भीतर भवन हस्तांतरण की प्रक्रिया पूरी कराने के स्पष्ट निर्देश दिए।
निर्माण कार्य में तेजी के साथ गुणवत्ता पर जोर
इसके बाद सीडीओ चकिया विकासखंड के ग्राम पंचायत गनेशपुर पहुंचे, जहां निर्माणाधीन सीएम कम्पोजिट विद्यालय का निरीक्षण किया। उन्होंने विद्यालय के निर्माण कार्यों की प्रगति का स्थलीय जायजा लिया। निरीक्षण में एकेडमिक ब्लॉक, मल्टीपर्पज हॉल, बालवाटिका और मिड-डे-मील शेड का निर्माण कार्य शुरू पाया गया।
सीडीओ ने कार्यदायी संस्था सीएनडीएस (CNDS) के प्रोजेक्ट मैनेजर से निर्माण की प्रगति और निर्धारित समय सीमा की जानकारी ली। उन्होंने निर्देश दिया कि निर्माण कार्य में मैनपावर बढ़ाकर गति लाई जाए। साथ ही निर्माण सामग्री और कार्य की गुणवत्ता पर विशेष निगरानी रखने को कहा। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकारी धन से तैयार होने वाली परियोजनाओं में गुणवत्ता से किसी भी स्तर पर समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। कार्य समय से पूरा हो और भवन तैयार होने के बाद विद्यार्थियों को इसका लाभ जल्द से जल्द मिल सके, इसके लिए नियमित निगरानी के निर्देश दिए गए।
बच्चों के बीच पहुंचे सीडीओ, खुद पढ़ाया गणित
ग्राम पंचायत भीषमपुर के कम्पोजिट विद्यालय के निरीक्षण के दौरान सीडीओ का अलग अंदाज देखने को मिला। उन्होंने विद्यालय में पहुंचकर बच्चों से संवाद किया और विभिन्न विषयों से संबंधित सवाल पूछकर उनकी शैक्षिक समझ को परखा। बच्चों से बातचीत करते हुए उन्होंने उन्हें नियमित अध्ययन करने और सवाल पूछकर अपनी जिज्ञासा दूर करने के लिए प्रेरित किया।
निरीक्षण के दौरान सीडीओ ने कक्षा-1 के विद्यार्थियों को स्वयं गणित विषय पढ़ाया। उन्होंने बच्चों से सवाल-जवाब करते हुए उनकी समझ का आकलन किया और सरल तरीके से गणित के सवाल समझाए। सीडीओ ने शिक्षकों को भी निर्देश दिया कि बच्चों की बुनियादी शिक्षा पर विशेष ध्यान दिया जाए, क्योंकि प्राथमिक स्तर पर मजबूत शैक्षिक आधार आगे की पढ़ाई में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
विद्यालय के किचन शेड का निरीक्षण करते हुए उन्होंने वहां की व्यवस्थाओं और साफ-सफाई की जानकारी ली। उन्होंने जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी को निर्देश दिया कि विद्यालय परिसर में स्वच्छता व्यवस्था बेहतर रखी जाए और बच्चों से संबंधित सभी सुविधाएं निर्धारित मानकों के अनुरूप दुरुस्त रहें।
डिजिटल लाइब्रेरी में शेष किताबें तत्काल उपलब्ध कराने के निर्देश
भीषमपुर में सीडीओ ने डिजिटल लाइब्रेरी का भी निरीक्षण किया। यहां फर्नीचर और एनबीटी (NBT) की किताबें उपलब्ध मिलीं, जबकि अन्य पुस्तकें अभी उपलब्ध नहीं थीं। सीडीओ ने इस स्थिति को देखते हुए जिला पंचायत राज अधिकारी को निर्देश दिया कि लाइब्रेरी के लिए शेष पुस्तकें तत्काल उपलब्ध कराई जाएं, ताकि ग्रामीणों और विद्यार्थियों को इसका पूरा लाभ मिल सके।
उन्होंने कहा कि डिजिटल लाइब्रेरी केवल भवन और फर्नीचर तक सीमित न रहे, बल्कि उसमें पर्याप्त अध्ययन सामग्री उपलब्ध होनी चाहिए। पुस्तकें और अन्य आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराकर इसे नियमित रूप से उपयोग में लाया जाए।
पंचायत भवन में योजनाओं की भी ली जानकारी
इसके बाद सीडीओ ने पंचायत भवन का निरीक्षण किया। पंचायत सहायक राहुल शर्मा ने उन्हें विभिन्न सरकारी योजनाओं से संबंधित रजिस्टर प्रस्तुत किया। रजिस्टर में 100 से अधिक ग्रामीणों को सरकारी योजनाओं का लाभ मिलने का अंकन पाया गया। सीडीओ ने योजनाओं के लाभार्थियों और पंचायत स्तर पर किए जा रहे कार्यों की जानकारी ली।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक पहुंचाने में किसी प्रकार की लापरवाही न हो। पंचायत स्तर पर आने वाले ग्रामीणों की समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर समाधान कराया जाए और योजनाओं की जानकारी आम लोगों तक पहुंचाई जाए।
सामुदायिक शौचालय की सफाई व्यवस्था मिली संतोषजनक
सीडीओ ने भीषमपुर स्थित सामुदायिक शौचालय का भी निरीक्षण किया। यहां सफाई व्यवस्था संतोषजनक मिली। उन्होंने केयरटेकर से मानदेय भुगतान की जानकारी ली और शौचालय के नियमित संचालन के संबंध में निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सामुदायिक शौचालय निर्धारित समय-सारिणी के अनुसार खुला रहना चाहिए, ताकि ग्रामीणों को इसका नियमित लाभ मिल सके।
उन्होंने साफ-सफाई की व्यवस्था को इसी तरह बनाए रखने तथा किसी भी तरह की लापरवाही होने पर जिम्मेदारी तय करने के निर्देश दिए।
पशु अस्पताल के सामने कूड़े का ढेर देख भड़के सीडीओ
निरीक्षण के दौरान पशु अस्पताल के सामने कूड़े का ढेर मिलने पर सीडीओ ने सख्त नाराजगी जताई। सार्वजनिक स्थान के पास गंदगी मिलने को उन्होंने गंभीर लापरवाही माना। उन्होंने मौके पर ही संबंधित ग्राम विकास अधिकारी (सचिव) और एडीओ पंचायत का वेतन रोकने के निर्देश दिए।
सीडीओ ने खंड विकास अधिकारी और एडीओ पंचायत को तत्काल कूड़ा हटवाने के निर्देश दिए। साथ ही गांव में नियमित सफाई के लिए रोस्टर तैयार करने को कहा। उन्होंने निर्देश दिया कि सफाई व्यवस्था की प्रतिदिन निगरानी की जाए और एक सप्ताह तक प्रतिदिन की सफाई की फोटो उपलब्ध कराई जाए।
सीडीओ ने अधिकारियों को स्पष्ट किया कि ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छता व्यवस्था को लेकर किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सरकारी योजनाओं और विकास कार्यों का उद्देश्य तभी पूरा होगा, जब उसका सीधा लाभ आम लोगों को मिले और गांवों में साफ-सफाई समेत मूलभूत सुविधाएं बेहतर रहें।
मौके पर मौजूद रहे अधिकारी
निरीक्षण के दौरान जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी सचिन कुमार, जिला अर्थ एवं संख्याधिकारी, संबंधित खंड विकास अधिकारी, कार्यदायी संस्था के प्रोजेक्ट मैनेजर, एडीओ पंचायत सहित अन्य संबंधित अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे। सीडीओ के औचक निरीक्षण से विकास विभाग से जुड़े अधिकारियों और कर्मचारियों में हड़कंप की स्थिति रही।
सीडीओ ने सभी अधिकारियों को निर्देश दिया कि विकास कार्यों की नियमित समीक्षा के साथ उनका स्थलीय सत्यापन भी किया जाए। निर्माणाधीन परियोजनाओं को निर्धारित समय सीमा में पूरा कराने, गुणवत्ता बनाए रखने और ग्रामीण क्षेत्रों में साफ-सफाई की व्यवस्था को प्रभावी बनाने में किसी भी प्रकार की लापरवाही न हो। उन्होंने कहा कि विकास कार्यों में पारदर्शिता, गुणवत्ता और समयबद्धता सरकार की प्राथमिकता है और इसमें लापरवाही मिलने पर जिम्मेदारी तय करते हुए कार्रवाई की जाएगी।

