भोपाल, शुक्रवार 11 अगस्त 2023
’’आयोग आपके द्वार’’
18 मामले सुने गये, 09 मौके पर निराकृत – एक नया मामला भी मिला
मध्यप्रदेश मानव अधिकार आयोग ने ’’’आयोग आपके द्वार कार्यक्रम’’’ के तहत शुक्रवार (11 अगस्त) को कलेक्टर कार्यालय, खंडवा के सभागृह में आयोग में पहले से लम्बित और मौके पर मिले नये मामलों की जनसुनवाई की। आयोग के माननीय अध्यक्ष श्री मनोहर ममतानी एवं माननीय सदस्य श्री राजीव कुमार टंडन ने पक्षकारों/आवेदकों व जिलाधिकारियों से रूबरू होकर कुल 18 मामलों की सुनवाई की। जनसुनवाई में कलेक्टर खंडवा श्री अनूप कुमार सिंह, एसपी श्री सत्येन्द्र कुमार शुक्ल, डी.एफ.ओ. श्री राकेश कुमार डामोर, सहायक कलेक्टर सुश्री अंशु जावला, मप्र मानव अधिकार आयोग में खंडवा जिले के मामलों के प्रस्तुतकर्ता अधिकारी सहित अन्य प्रशासनिक व पुलिस अधिकारियों सहित मानव अधिकार हनन मामलों से संबंधित विभागों के जिलाधिकारी एवं पक्षकार/आवेदक भी मौजूद थे।
खंडवा की जनसुनवाई में आयोग द्वारा पहले से लंबित कुल 18 मामले सुने गये। इनमें से 09 मामले आयोग द्वारा मौके पर ही निराकृत कर दिये गये। शेष 09 मामलों में आयोग ने संबंधित विभागाधिकारियों को और अधिक गंभीरतापूर्वक जांचकर पुनः प्रतिवेदन देने के निर्देश दिये। जनसुनवाई के दौरान ही आयोग को एक नया आवेदन भी मिला। आयोग द्वारा इस प्रकरण को मौके पर ही पंजीबद्ध कर लिया गया और कलेक्टर से रिपोर्ट मांगी गई।
आयोग की जनसुनवाई के दौरान ही खंडवा जिले के एक गल्र्स हाॅस्टल की कुछ बालिकाएं आयोग से मिलने के लिये आईं। दरअसल इस गल्र्स हाॅस्टल की कुछ बालिकाएं कुछ दिन पहले फूड पाईजनिंग हो जाने के कारण बीमार हो गईं थीं। इस बारे में खबर प्रकाशित होने पर आयोग ने इसे संज्ञान में लेकर प्रकरण पंजीबद्ध किया था। प्रकरण की सुनवाई के दौरान बालिकाओं ने आयोग से कहा कि अब हाॅस्टल मंे इस तरह की कोई समस्या नहीं है और उन्हंे भी अब कोई शिकायत नहीं है। इस पर आयोग अध्यक्ष ने बालिकाओं के साथ आईं हाॅस्टल वार्डन को निर्देशित किया कि इस तरह की किसी भी घटना की पुनरावृत्ति नहीं होनी चाहिये। बालिकाओं के स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखा जाये। हाॅस्टल वार्डन के आश्वासन पर यह मामला आयोग में समाप्त कर दिया गया।
जिला जेल खंडवा का निरीक्षण
मध्यप्रदेश मानव अधिकार आयोग के माननीय अध्यक्ष श्री मनोहर ममतानी एवं माननीय सदस्य श्री राजीव कुमार टंडन ने शुक्रवार को जिला जेल, खण्डवा का निरीक्षण किया। आपद्वय जिला जेल में बंदियों के लिये आयोजित स्वास्थ्य परीक्षण शिविर में भी शामिल हुये, बंदियों से आत्मीय चर्चा की, उनकी कुशल क्षेम पूछकर स्वास्थ्य परीक्षण शिविर में उन्हें दिये जा रहे उपचार और दवाई वितरण आदि व्यवस्थाओं का भी मुआयना किया। इस अवसर पर जिला जेल के जेलर श्री ललित दीक्षित सहित अन्य जेल अधिकारी/कर्मचारी भी मौजूद थे।
जिला जेल परिसर में पौधारोपण भी किया
मध्यप्रदेश मानव अधिकार आयोग के माननीय अध्यक्ष श्री मनोहर ममतानी एवं माननीय सदस्य श्री राजीव कुमार टंडन सहित अन्य अधिकारियों ने शुक्रवार की सुबह जिला जेल परिसर खण्डवा में पौधारोपण किया। इस दौरान प्रधान जिला न्यायाधीश खंडवा श्रीमती ममता जैन, कलेक्टर श्री अनूप कुमार सिंह, एसपी श्री सत्येन्द्र कुमार शुक्ल, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव श्री सूरज सिंह राठौड़, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट श्री कमलेश कुमार कोल, जिला रजिस्टार अधिकारी श्री विपेंद्र सिंह यादव सहित अन्य अधिकारी भी मौजूद थे। (फोटो संलग्न है)
आयोग द्वारा संज्ञान लेने पर मृतक की धर्मपत्नी को मिले चार लाख रूपये
मध्यप्रदेश मानव अधिकार आयोग द्वारा 23 फरवरी 2023 को एक दैनिक समाचार पत्र में सागर जिले में डीपी पर काम कर रहे बिजली कंपनी के एक कर्मचारी को करंट लग जाने और अस्पताल ले जाते समय उसकी मौत हो जाने संबंधी प्रकाशित खबर पर संज्ञान लिया था। आयोग ने मुख्य अभियंता, सागर क्षेत्र, मप्र पूर्व क्षेत्र विविकंलि, सागर से प्रकरण की जांच कराकर की गई कार्यवाही के संबंध में जवाब मांगा था। आयोग ने मुख्य अभियंता को यह भी कहा था कि मृतक के परिजनों को दी गई मुआवजा राशि के संबंध में भी प्रतिवेदन दें। आयोग द्वारा मामले पर संज्ञान लेने पर मुख्य अभियंता, सागर क्षेत्र, मप्र पूर्व क्षेत्र विविकंलि, सागर ने आयोग को प्रतिवेदन दिया है कि प्रकरण की जांच कराई गई। जिसमें यह पाया गया कि मृतक आउटसोर्स कर्मचारी श्री धर्मेन्द्र अहिरवार मीटिर रीडिंग का काम करता था, उसे डीपी सुधारने का कोई अनुभव नहीं था, फिर भी डीपी सुधारने वाले लाईनमैन ने अपने स्थान पर डीपी सुधार के लिये उसे चढ़ा दिया था। चूंकि धर्मेन्द्र अनुभवी नहीं था, इसलिये उसे करंट लग गया और उसकी अस्पताल ले जाते वक्त उसकी मौत हो गई। दोषी लाईनमैन को निलंबित कर दिया गया है एवं मृतक आउटसोर्स श्री धर्मेन्द्र अहिरवार की धर्मपत्नी श्रीमती ऋतु अहिरवार को चार लाख रूपये क्षतिपूर्ति राशि का भुगतान भी कर दिया गया है। चूंकि मृतक की धर्मपत्नी को मुआवजा राशि मिल चुकी है। अतः आयोग में भी यह प्रकरण समाप्त कर दिय गया है।

