संवाददाता सत्यशील गोंडाने बालाघाट

मुस्लिम एजुकेशन एंड कल्चरल सोसायटी ने मेधावी विद्यार्थियों को किया सम्मानित, शिक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने का दिया संदेश

बालाघाट। मुस्लिम एजुकेशन एंड कल्चरल सोसायटी बालाघाट द्वारा रविवार, 16 अगस्त 2026 को शादी हॉल, बालाघाट में मेधावी सम्मान समारोह आयोजित किया गया। समारोह में कक्षा 10वीं एवं 12वीं की बोर्ड परीक्षाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित किया गया।
समारोह का उद्देश्य प्रतिभाशाली विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन करने के साथ समाज के अन्य बच्चों को भी शिक्षा के क्षेत्र में बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रेरित करना रहा। कार्यक्रम में विद्यार्थियों के माता-पिता, गणमान्य नागरिक, समाजसेवी, समिति के पदाधिकारी एवं बड़ी संख्या में लोग उपस्थित रहे।

128 विद्यार्थियों का हुआ सम्मान
समारोह में कक्षा 10वीं के 77 तथा कक्षा 12वीं के 50 विद्यार्थियों सहित कुल 127 मेधावी विद्यार्थियों को सम्मानित किया गया। इसके अलावा नवोदय विद्यालय में 94 प्रतिशत अंक हासिल करने वाली एक मुस्लिम छात्रा को विशेष रूप से सम्मानित किया गया। इस प्रकार कुल 128 विद्यार्थियों का सम्मान हुआ।
सम्मानित विद्यार्थियों को प्रमाण-पत्र, ट्रॉफी एवं प्रोत्साहन राशि प्रदान की गई। आयोजन समिति ने विद्यार्थियों की उपलब्धियों को समाज के लिए प्रेरणादायी बताते हुए कहा कि आज की सफलता आने वाले कल की बड़ी उपलब्धियों की नींव है।
कक्षा 10वीं में उत्कृष्ट प्रदर्शन
कक्षा 10वीं में मोहम्मद जिशान कुरैशी ने 474 अंक एवं 94.8 प्रतिशत अंक प्राप्त कर प्रथम स्थान हासिल किया। तल्बूसुन कुरैशी ने 471 अंक एवं 94.2 प्रतिशत के साथ द्वितीय तथा अल्तिया खान ने 470 अंक एवं 94 प्रतिशत अंक प्राप्त कर तृतीय स्थान हासिल किया।
आयोजन समिति की ओर से विद्यार्थियों को शिक्षा के साथ अपने व्यक्तित्व, सोच और समाज के प्रति जिम्मेदारी को मजबूत करने के लिए प्रेरित किया गया।
कक्षा 12वीं में बेटियों ने बढ़ाया मान
कक्षा 12वीं में अलवीरा खान ने 472 अंक एवं 94.4 प्रतिशत अंक प्राप्त कर प्रथम स्थान हासिल किया। तल्बूसुन कुरैशी ने 471 अंक एवं 94.2 प्रतिशत के साथ द्वितीय तथा अल्तिया खान ने 470 अंक एवं 94 प्रतिशत अंक प्राप्त कर तृतीय स्थान प्राप्त किया।
प्रथम स्थान प्राप्त विद्यार्थी को 5,100 रुपये, ट्रॉफी एवं प्रशस्ति पत्र, द्वितीय स्थान प्राप्त विद्यार्थी को 3,100 रुपये, ट्रॉफी एवं प्रशस्ति पत्र तथा तृतीय स्थान प्राप्त विद्यार्थी को 2,100 रुपये, ट्रॉफी एवं प्रशस्ति पत्र प्रदान किए गए।


अतिथियों ने शिक्षा को बताया प्रगति का आधार
कार्यक्रम में मुख्य अतिथियों ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि शिक्षा व्यक्ति के जीवन की दिशा बदलने का सबसे प्रभावी माध्यम है। शिक्षा से आत्मविश्वास बढ़ता है और व्यक्ति समाज एवं देश के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने में सक्षम बनता है।
कार्यक्रम में हिरो होंडा एजेंसी के संचालक एवं समाजसेवी अनुराग जायसवाल सहित अन्य अतिथियों ने विद्यार्थियों का स्वागत किया और उन्हें प्रशस्ति चिन्ह प्रदान किए। अतिथियों ने कहा कि ऐसे आयोजनों का उद्देश्य केवल पुरस्कार देना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों को उनकी मेहनत का सम्मान मिलने का एहसास कराना और उन्हें भविष्य के लिए प्रेरित करना है।
आर्थिक कठिनाइयों को शिक्षा की राह में बाधा न बनने दें
वक्ताओं ने कहा कि आर्थिक कठिनाइयां शिक्षा के मार्ग में चुनौती जरूर बन सकती हैं, लेकिन सफलता की अंतिम सीमा नहीं। विद्यार्थियों को उपलब्ध सरकारी योजनाओं, छात्रवृत्तियों और शैक्षणिक संसाधनों की जानकारी लेकर उनका लाभ उठाना चाहिए।
अभिभावकों से भी बच्चों को पढ़ाई के लिए लगातार प्रोत्साहित करने की अपील की गई। विशेष रूप से बेटियों की शिक्षा पर जोर देते हुए कहा गया कि शिक्षित बेटी परिवार के साथ पूरे समाज को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
बढ़ती संख्या बनी जागरूकता का प्रमाण
समिति के अध्यक्ष अब्दुल खान ने बताया कि पिछले वर्ष लगभग 78 से 80 विद्यार्थियों को सम्मानित किया गया था, जबकि इस वर्ष यह संख्या बढ़कर 128 हो गई है। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों की बढ़ती संख्या मुस्लिम समाज में शिक्षा के प्रति बढ़ती जागरूकता का प्रमाण है।
उन्होंने कहा कि माता-पिता अपने बच्चों को बेहतर शिक्षा दिलाने के लिए प्रयास कर रहे हैं और समाज भी शिक्षा के महत्व को समझ रहा है। ऐसे आयोजन विद्यार्थियों में सकारात्मक प्रतिस्पर्धा की भावना पैदा करने के साथ उन्हें अपने लक्ष्य के प्रति गंभीर बनने के लिए प्रेरित करते हैं।
सम्मान से बढ़ा विद्यार्थियों का आत्मविश्वास
सम्मान समारोह में विद्यार्थियों के चेहरों पर खुशी और आत्मविश्वास दिखाई दिया। ट्रॉफी, प्रशस्ति पत्र और प्रोत्साहन राशि मिलने पर विद्यार्थियों के साथ उनके अभिभावकों ने भी गर्व महसूस किया। अभिभावकों ने आयोजन को बच्चों की मेहनत को पहचान देने वाला महत्वपूर्ण प्रयास बताया।
समिति की ओर से कहा गया कि शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित करने की यह परंपरा आगे भी जारी रखी जाएगी। इसका उद्देश्य समाज के प्रत्येक बच्चे तक यह संदेश पहुंचाना है कि मेहनत, लगन और निरंतर प्रयास से सफलता हासिल की जा सकती है।
मेधा को सम्मान, भविष्य को उड़ान
मुस्लिम एजुकेशन एंड कल्चरल सोसायटी का यह आयोजन केवल सम्मान समारोह तक सीमित नहीं रहा, बल्कि समाज में शिक्षा के प्रति बढ़ती जागरूकता का संदेश भी दिया। 128 मेधावी विद्यार्थियों का सम्मान इस बात का प्रतीक रहा कि उचित अवसर, मार्गदर्शन और प्रोत्साहन मिलने पर विद्यार्थी किसी भी क्षेत्र में सफलता हासिल कर सकते हैं।
आयोजन के माध्यम से शिक्षा को प्राथमिकता देने, बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के अवसर उपलब्ध कराने और आर्थिक परिस्थितियों के कारण किसी प्रतिभाशाली विद्यार्थी की पढ़ाई न रुकने देने का संदेश दिया गया। ऐसे आयोजन समाज में सकारात्मक बदलाव की मजबूत नींव रखने के साथ आने वाली पीढ़ियों को मेहनत और शिक्षा के माध्यम से बेहतर भविष्य बनाने के लिए प्रेरित करते हैं।

