Tuesday, September 29, 2026
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खबर का असर: 20 साल से बदहाल सहेजा टोला की सड़क देखने पहुंचे विधायक विवेक पटेल

मूकनायक की खबर के बाद जागा जनप्रतिनिधित्व, ग्रामीणों को जल्द सड़क निर्माण की उम्मीद

संवाददाता सत्यशील गोंडाने बालाघाट

बालाघाट। सहेजा टोला की बदहाल सड़क को लेकर मूकनायक समाचार द्वारा लगातार उठाई जा रही ग्रामीणों की समस्या का असर अब जमीन पर दिखाई देने लगा है। करीब 20 वर्षों से सड़क निर्माण की राह देख रहे सहेजा टोला के ग्रामीणों की आवाज आखिरकार जनप्रतिनिधि तक पहुंची। क्षेत्रीय विधायक विवेक पटेल ने मौके पर पहुंचकर सड़क की स्थिति का जायजा लिया और ग्रामीणों से चर्चा की।

सहेजा टोला की सड़क ग्राम पंचायत मेंडकी एवं झाड़गांव की सीमा से लगी हुई है। लंबे समय से सड़क निर्माण नहीं होने के कारण बरसात के दिनों में यहां आवागमन बेहद कठिन हो जाता है। कीचड़ और गड्ढों से भरी सड़क के कारण स्कूली बच्चों, ग्रामीणों, किसानों और कर्मचारियों को रोजाना परेशानी का सामना करना पड़ता है।

ग्रामीणों का कहना है कि सड़क निर्माण को लेकर वर्षों से पंचायत स्तर से लेकर जिम्मेदार अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों तक मांग रखी जाती रही, लेकिन समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो सका। दो पंचायतों की सीमा से जुड़ी होने के कारण सड़क निर्माण की जिम्मेदारी को लेकर भी स्थिति स्पष्ट नहीं रही और सहेजा टोला की सड़क लंबे समय से उपेक्षा का शिकार बनी हुई है।

मूकनायक की खबर ने खींचा जिम्मेदारों का ध्यान

मूकनायक समाचार ने “20 साल से सड़क के नाम पर छलावा! सहेजा टोला की बदहाल सड़क पर दो पंचायतों के विकास दावों पर सवाल” शीर्षक से प्रमुखता से खबर प्रकाशित की थी। खबर में ग्रामीणों की परेशानी, सड़क की बदहाल स्थिति और दो पंचायतों के बीच वर्षों से अटके विकास कार्य को प्रमुखता से उठाया गया था।

खबर सामने आने के बाद क्षेत्र में सड़क की समस्या को लेकर चर्चा तेज हुई और आखिरकार विधायक विवेक पटेल सहेजा टोला पहुंचे। विधायक ने मौके पर पहुंचकर ग्रामीणों से बातचीत की तथा सड़क की वास्तविक स्थिति का जायजा लिया। ग्रामीणों ने उन्हें अपनी वर्षों पुरानी समस्या से अवगत कराते हुए जल्द सड़क निर्माण की मांग रखी।

ग्रामीणों को जल्द कार्य शुरू होने की उम्मीद

विधायक के मौके पर पहुंचने से ग्रामीणों में उम्मीद जगी है कि अब वर्षों पुरानी सड़क की समस्या का स्थायी समाधान हो सकेगा। ग्रामीणों का कहना है कि उन्हें केवल आश्वासन नहीं, बल्कि सड़क निर्माण का काम जमीन पर दिखाई देना चाहिए।

ग्रामीणों ने बताया कि बरसात के दौरान सड़क की स्थिति और भी खराब हो जाती है। आपात स्थिति में मरीजों को अस्पताल पहुंचाने से लेकर बच्चों के स्कूल जाने तक में परेशानी होती है। किसानों को भी आवागमन में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।

अब सवाल सिर्फ सड़क का नहीं, जवाबदेही का भी

सहेजा टोला की सड़क ने दो पंचायतों के विकास दावों पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। यदि दो पंचायतों की सीमा से लगे गांव में करीब दो दशक से सड़क जैसी मूलभूत सुविधा उपलब्ध नहीं हो पाई है, तो विकास योजनाओं की जमीनी निगरानी पर सवाल उठना स्वाभाविक है।

अब ग्रामीणों की निगाहें विधायक विवेक पटेल के निरीक्षण के बाद होने वाली अगली कार्रवाई पर टिकी हैं। ग्रामीणों को उम्मीद है कि इस बार मामला केवल फाइलों और आश्वासनों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि सड़क निर्माण का कार्य वास्तव में शुरू होगा।

मूकनायक समाचार द्वारा ग्रामीणों की आवाज को प्रमुखता से उठाए जाने के बाद जनप्रतिनिधि के मौके पर पहुंचने से ग्रामीणों में नई उम्मीद जगी है। सहेजा टोला के ग्रामीणों को भरोसा है कि उनका 20 साल का इंतजार जल्द खत्म होगा और बदहाल सड़क की जगह उन्हें पक्की एवं सुगम सड़क की सुविधा मिलेगी।

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