Tuesday, September 29, 2026
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नीट क्वालीफाई विद्यार्थियों से मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का संवाद: शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और विकसित छत्तीसगढ़ का रखा व्यापक विजन

प्रयास आवासीय विद्यालयों के विद्यार्थियों से कहा— केवल सफल डॉक्टर नहीं, संवेदनशील इंसान बनें; शिक्षा, पर्यटन, खेल, सुशासन और नशामुक्ति पर विस्तार से रखे विचार

रायपुर, 2 अगस्त 2026। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने रविवार को मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में आयोजित विशेष कार्यक्रम में प्रयास आवासीय विद्यालयों के नीट-2026 में सफल विद्यार्थियों से आत्मीय एवं प्रेरक संवाद किया। लगभग दो घंटे तक चले इस संवाद में मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों के साथ शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, खेल, पर्यटन, सुशासन, नशामुक्ति, नई शिक्षा नीति, विकसित छत्तीसगढ़ और विकसित भारत के संकल्प सहित अनेक महत्वपूर्ण विषयों पर खुलकर चर्चा की। विद्यार्थियों ने भी बेझिझक अपने प्रश्न मुख्यमंत्री के सामने रखे, जिनका उन्होंने विस्तार से उत्तर देते हुए राज्य सरकार की योजनाओं, उपलब्धियों और भविष्य की कार्ययोजना की जानकारी साझा की।

मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम की शुरुआत में सभी सफल विद्यार्थियों का अभिनंदन करते हुए कहा कि प्रयास आवासीय विद्यालयों के विद्यार्थियों ने नीट जैसी कठिन राष्ट्रीय परीक्षा में सफलता प्राप्त कर न केवल अपने परिवार और शिक्षकों का, बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ का नाम रोशन किया है। उन्होंने कहा कि दूरस्थ वनांचल, आदिवासी क्षेत्रों और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों से आने वाले इन विद्यार्थियों की उपलब्धि यह सिद्ध करती है कि यदि प्रतिभा को सही मार्गदर्शन और अवसर मिले तो वह किसी भी चुनौती को पार कर सकती है।

मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य में वर्तमान में 17 प्रयास आवासीय विद्यालय संचालित किए जा रहे हैं। इन विद्यालयों की स्थापना का उद्देश्य जनजातीय, ग्रामीण और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के मेधावी विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, आधुनिक सुविधाएं तथा प्रतियोगी परीक्षाओं की बेहतर तैयारी उपलब्ध कराना है। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों की सफलता उनके माता-पिता के त्याग, शिक्षकों की मेहनत और स्वयं विद्यार्थियों के अनुशासन एवं कठिन परिश्रम का परिणाम है।

‘डॉक्टर बनना केवल पेशा नहीं, सेवा का संकल्प है’

मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि डॉक्टर का स्थान समाज में अत्यंत सम्माननीय है। भगवान जीवन देते हैं और डॉक्टर उस जीवन की रक्षा करते हैं। इसलिए डॉक्टर बनने का अर्थ केवल एक सफल करियर बनाना नहीं, बल्कि मानवता की सेवा करना भी है। उन्होंने विद्यार्थियों से आग्रह किया कि वे ज्ञान और तकनीक के साथ संवेदनशीलता, करुणा और मानवीय व्यवहार को भी अपने व्यक्तित्व का हिस्सा बनाएं। उन्होंने कहा कि कई बार मरीज के प्रति अपनापन और सकारात्मक व्यवहार ही उसके उपचार की सबसे बड़ी दवा बन जाता है।

शिक्षा के क्षेत्र में तेजी से बढ़ रहा है छत्तीसगढ़

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार शिक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले विद्यार्थियों के लिए प्रदेशभर में नालंदा परिसर विकसित किए जा रहे हैं। वर्तमान में कई नालंदा परिसर संचालित हैं और 34 नए परिसर निर्माणाधीन हैं, जहां विद्यार्थियों को सप्ताह के सातों दिन चौबीसों घंटे अध्ययन की सुविधा मिलेगी। इन परिसरों में ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यमों से अध्ययन सामग्री उपलब्ध रहेगी, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यार्थियों को भी बड़े शहरों जैसी सुविधाएं मिल सकें।

उन्होंने बताया कि दिल्ली स्थित ट्रायबल यूथ हॉस्टल में सीटों की संख्या 50 से बढ़ाकर 200 कर दी गई है। यहां अनुसूचित जनजाति वर्ग के विद्यार्थियों को निःशुल्क आवास एवं भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने बताया कि इसी वर्ष इस हॉस्टल के 13 विद्यार्थियों ने संघ लोक सेवा आयोग की प्रारंभिक परीक्षा में सफलता प्राप्त की है, जो राज्य के लिए गर्व का विषय है।

मेडिकल शिक्षा का तेजी से हो रहा विस्तार

मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ राज्य बनने के समय प्रदेश में केवल एक मेडिकल कॉलेज था, जबकि आज निजी और शासकीय संस्थानों को मिलाकर 15 मेडिकल कॉलेज संचालित हो रहे हैं। इसके अलावा पांच नए मेडिकल कॉलेज स्थापित किए जा रहे हैं, जिनसे एमबीबीएस की 250 अतिरिक्त सीटें उपलब्ध होंगी। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य है कि प्रदेश के विद्यार्थियों को चिकित्सा शिक्षा के लिए दूसरे राज्यों का रुख न करना पड़े।

नशामुक्त युवा ही बनाएंगे विकसित भारत

संवाद के दौरान मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा प्रारंभ किए गए ‘नशा मुक्त युवा, विकसित भारत संकल्प अभियान’ का उल्लेख करते हुए कहा कि युवाओं को नशे जैसी सामाजिक बुराई से दूर रहना होगा। उन्होंने कहा कि नशा केवल व्यक्ति के स्वास्थ्य को ही नहीं, बल्कि पूरे परिवार और समाज को प्रभावित करता है। नशे के कारण अपराध बढ़ते हैं, परिवार टूटते हैं और युवाओं का भविष्य अंधकारमय हो जाता है। उन्होंने विद्यार्थियों से स्वयं नशामुक्त रहने तथा समाज में भी इसके प्रति जागरूकता फैलाने का आह्वान किया।

नई शिक्षा नीति से बदल रही शिक्षा व्यवस्था

विद्यार्थियों के प्रश्नों के उत्तर में मुख्यमंत्री ने कहा कि नई शिक्षा नीति के तहत शिक्षा को रोजगार और कौशल से जोड़ा जा रहा है। शासकीय विद्यालयों में स्मार्ट क्लास, आधुनिक प्रयोगशालाएं, नियमित शिक्षक प्रशिक्षण, विद्यालयों का नवीनीकरण तथा अभिभावक-शिक्षक बैठक जैसी व्यवस्थाएं लागू की जा रही हैं। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य शासकीय विद्यालयों को निजी विद्यालयों के समान या उससे बेहतर बनाना है।

पर्यटन, उद्योग और रोजगार का नया दौर

मुख्यमंत्री ने कहा कि नक्सलवाद समाप्त होने के बाद बस्तर और सरगुजा में पर्यटन की अपार संभावनाएं खुली हैं। चित्रकोट जलप्रपात, तीरथगढ़, अबूझमाड़, रानीदाह सहित अनेक प्राकृतिक स्थल विश्वस्तरीय पर्यटन केंद्र बन सकते हैं। नई उद्योग नीति में पर्यटन क्षेत्र को विशेष प्राथमिकता दी गई है। होमस्टे योजना के माध्यम से स्थानीय परिवारों को रोजगार से जोड़ने का कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि पर्यटन उद्योग आने वाले वर्षों में लाखों युवाओं के लिए रोजगार का बड़ा माध्यम बनेगा।

कृषि, ऊर्जा और उद्योग में नई संभावनाएं

मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ खनिज संपदा, कृषि और ऊर्जा के क्षेत्र में देश के अग्रणी राज्यों में शामिल है। प्रदेश में लगभग साढ़े तीन लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं, जिनसे हजारों रोजगार के अवसर सृजित होंगे। बिजली उत्पादन, सिंचाई परियोजनाओं, कृषि आधारित उद्योगों, पशुपालन, मत्स्य पालन, हर्बल उत्पादन और खाद्य प्रसंस्करण को बढ़ावा देकर ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत किया जा रहा है।

खेल प्रतिभाओं को मिलेगा पूरा सम्मान

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर की सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए लगातार कार्य कर रही है। जशपुर में आधुनिक स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स और आर्चरी अकादमी का निर्माण किया जा रहा है। नई खेल नीति के तहत ओलंपिक और अन्य अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में पदक जीतने वाले खिलाड़ियों को करोड़ों रुपये की प्रोत्साहन राशि तथा शासकीय सेवा में अवसर प्रदान किए जाएंगे।

जीवन संघर्षों से सफलता तक की कहानी सुनाई

विद्यार्थियों के आग्रह पर मुख्यमंत्री ने अपने जीवन संघर्षों का उल्लेख करते हुए बताया कि बचपन में पिता के निधन के बाद परिवार की जिम्मेदारी उनके कंधों पर आ गई थी। खेती-बाड़ी करते हुए उन्होंने शिक्षा और सामाजिक जीवन में आगे बढ़ने का प्रयास किया। उन्होंने कहा कि जीवन में सफलता पाने के लिए ईमानदारी, अनुशासन, परिश्रम और धैर्य सबसे बड़े मंत्र हैं। कोई भी कार्य छोटा नहीं होता, बल्कि उसे पूरी निष्ठा से करना ही व्यक्ति को महान बनाता है।

सुशासन में तकनीक की बड़ी भूमिका

मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों को हाल ही में प्रारंभ की गई सीएम हेल्पलाइन 1076 की जानकारी देते हुए कहा कि प्रदेशवासी अपनी समस्याएं और सुझाव सीधे सरकार तक पहुंचा सकते हैं। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री डैशबोर्ड विकसित किया जा रहा है, जिसके माध्यम से स्कूलों, अस्पतालों, राशन व्यवस्था, शिक्षकों की उपस्थिति और विभिन्न शासकीय योजनाओं की रियल टाइम मॉनिटरिंग की जाएगी। इससे प्रशासन अधिक पारदर्शी, जवाबदेह और प्रभावी बनेगा।

राष्ट्र निर्माण में युवाओं की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण

संवाद के समापन पर मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य को प्राप्त करने में आज के युवाओं की सबसे बड़ी भूमिका होगी। उन्होंने विद्यार्थियों से राष्ट्रहित को सर्वोच्च प्राथमिकता देने, ईमानदारी के साथ अपने कर्तव्यों का पालन करने तथा समाज सेवा को जीवन का उद्देश्य बनाने का आह्वान किया। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि प्रयास आवासीय विद्यालयों के ये विद्यार्थी भविष्य में उत्कृष्ट चिकित्सक बनकर प्रदेश और देश की सेवा करेंगे तथा विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान देंगे।

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