


संवाददाता : सत्यशील गोंडाने | बालाघाट
बालाघाट। भीम आर्मी भारत एकता मिशन ने सोमवार को अपना 11वां स्थापना दिवस जिला मुख्यालय स्थित कार्यालय में उत्साहपूर्वक मनाया। कार्यक्रम में जिले के विभिन्न क्षेत्रों से पहुंचे कार्यकर्ताओं, युवाओं एवं महिलाओं ने भाग लिया और बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर के विचारों को जन-जन तक पहुंचाने तथा सामाजिक न्याय, शिक्षा, समानता एवं संवैधानिक मूल्यों के संरक्षण के लिए कार्य करने का संकल्प लिया।


कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि जीतू सी.एन. बौद्ध तथा विशिष्ट अतिथि निलेश बौद्ध की उपस्थिति में हुआ। समारोह की अध्यक्षता जिलाध्यक्ष रितेश बोरकर ने की, जबकि संचालन संजीव राव ने किया। कार्यक्रम की शुरुआत डॉ. भीमराव आंबेडकर, मान्यवर कांशीराम, महात्मा ज्योतिबा फुले एवं सावित्रीबाई फुले के चित्रों पर माल्यार्पण के साथ हुई। इसके बाद उपस्थित जनसमूह ने भारतीय संविधान की प्रस्तावना का सामूहिक वाचन किया।


अपने संबोधन में जिलाध्यक्ष रितेश बोरकर ने कहा कि संगठन का उद्देश्य समाज के अंतिम व्यक्ति तक शिक्षा, सुरक्षा, सम्मान और संवैधानिक अधिकारों की पहुंच सुनिश्चित करना है। मुख्य अतिथि जीतू सी.एन. बौद्ध ने युवाओं से शिक्षा को सबसे बड़ा माध्यम बनाकर सामाजिक परिवर्तन की दिशा में आगे बढ़ने का आह्वान किया। वहीं निलेश बौद्ध ने सामाजिक न्याय एवं संवैधानिक मूल्यों के संरक्षण के लिए लोकतांत्रिक तरीके से कार्य करने पर जोर दिया।


कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक से जुड़े घटनाक्रम का उल्लेख करते हुए शांतिपूर्ण विरोध और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को लोकतांत्रिक व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा बताया तथा संवैधानिक अधिकारों के सम्मान की आवश्यकता पर बल दिया।

समारोह में संगठन के 11 वर्षों के सामाजिक कार्यों, शिक्षा, सामाजिक जागरूकता और संवैधानिक अधिकारों से जुड़े अभियानों पर भी चर्चा की गई। इस अवसर पर एडवोकेट संतोष गेडाम, अनामिका मेश्राम, एजाज खान, अभय मेश्राम, मयंक गनवीर, जितेंद्र पटले, मो. हाजी सोहेब खान (मूकनायक समाचार के प्रदेश प्रभारी) सहित संगठन के पदाधिकारी, कार्यकर्ता एवं बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के समापन पर उपस्थित सभी लोगों ने अशिक्षा, नशाखोरी, जातीय भेदभाव एवं सामाजिक कुरीतियों के विरुद्ध जागरूकता फैलाने तथा बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर के समता, न्याय और बंधुत्व के विचारों को समाज के प्रत्येक वर्ग तक पहुंचाने का संकल्प लिया।

