
शराब की लत, पारिवारिक विवाद और घरेलू कलह बनी हत्या की वजह, वारासिवनी पुलिस ने वैज्ञानिक जांच से सुलझाई सनसनीखेज वारदात

मूकनायक समाचार | सत्यशील गोंडाने | वारासिवनी/बालाघाट
बालाघाट जिले की वारासिवनी पुलिस ने महज 72 घंटे के भीतर एक अंधी हत्या की गुत्थी सुलझाते हुए मृतक के ससुर और उसके सहयोगी को गिरफ्तार कर मामले का खुलासा किया है। पुलिस ने वैज्ञानिक साक्ष्यों, तकनीकी जांच और गहन पूछताछ के आधार पर हत्या की वारदात का पर्दाफाश करते हुए आरोपियों के कब्जे से हत्या में प्रयुक्त गमछा, दो मोटरसाइकिल तथा दो मोबाइल फोन भी बरामद किए हैं।
पुलिस के अनुसार 14 जुलाई 2026 को ग्राम कोपे और डोंगरिया के बीच स्थित पुराने पट्टे टेकरा जंगल में राजेंद्र शरणागत (40) निवासी डोंगरिया का शव मिलने की सूचना प्राप्त हुई थी। सूचना मिलते ही वारासिवनी थाना पुलिस, फॉरेंसिक विशेषज्ञों तथा फिंगरप्रिंट टीम ने घटनास्थल पर पहुंचकर वैज्ञानिक तरीके से साक्ष्य एकत्रित किए और जांच प्रारंभ की। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में गला घोंटकर हत्या किए जाने की पुष्टि होने के बाद पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर विवेचना तेज कर दी।
वैज्ञानिक जांच और तकनीकी साक्ष्यों से खुला राज
जांच के दौरान पुलिस ने घटनास्थल से मिले साक्ष्यों, तकनीकी जानकारी तथा मृतक के परिजनों और परिचितों से विस्तृत पूछताछ की। विवेचना के दौरान मृतक के ससुर राजेश चौहान उर्फ बाबा (62) तथा उसके परिचित प्रभुदयाल बिसेन (44) की भूमिका संदिग्ध पाई गई। पुलिस द्वारा पूछताछ किए जाने पर दोनों आरोपियों ने हत्या में अपनी संलिप्तता स्वीकार कर ली।
शराब की लत और पारिवारिक विवाद बना हत्या का कारण
पुलिस जांच में सामने आया कि मृतक शराब पीने का आदी था और नशे की हालत में अपनी पत्नी तथा परिवार के अन्य सदस्यों के साथ आए दिन विवाद और मारपीट करता था। लगातार घरेलू कलह और मृतक द्वारा अपनी कृषि भूमि बेच दिए जाने से परिवार आर्थिक और मानसिक रूप से परेशान था। मृतक की पत्नी समय-समय पर अपने पिता राजेश चौहान को अपने साथ हो रही प्रताड़ना की जानकारी देती थी, जिससे वह लंबे समय से मानसिक तनाव में था।
शराब पिलाने के बहाने जंगल ले जाकर की हत्या
पुलिस के अनुसार 13 जुलाई को आरोपी प्रभुदयाल बिसेन मृतक को शराब पिलाने के बहाने एक ढाबे पर ले गया। इसके बाद दोनों कोपे-डोंगरिया के जंगल पहुंचे, जहां पहले से राजेश चौहान मौजूद था। तीनों ने साथ बैठकर शराब पी। इसी दौरान पैसों के लेन-देन और मृतक द्वारा पत्नी के साथ किए जा रहे दुर्व्यवहार को लेकर विवाद हुआ। विवाद बढ़ने पर दोनों आरोपियों ने गमछे से गला कसकर राजेंद्र शरणागत की हत्या कर दी और घटनास्थल से फरार हो गए।
हत्या में प्रयुक्त सामग्री बरामद
पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त गमछा, दो मोटरसाइकिल और दो मोबाइल फोन जब्त किए हैं। दोनों आरोपियों को विधिवत गिरफ्तार कर न्यायालय में प्रस्तुत करने की कार्रवाई की जा रही है।
72 घंटे में खुलासा, पुलिस की त्वरित कार्रवाई की सराहना
वारासिवनी पुलिस द्वारा वैज्ञानिक अनुसंधान, तकनीकी साक्ष्यों और सघन विवेचना के माध्यम से मात्र 72 घंटे के भीतर इस अंधी हत्या का खुलासा किए जाने की सराहना की जा रही है। मामले के शीघ्र खुलासे से यह स्पष्ट हुआ है कि आधुनिक जांच तकनीकों और सुनियोजित पुलिस कार्रवाई के माध्यम से गंभीर अपराधों का भी कम समय में सफलतापूर्वक पर्दाफाश किया जा सकता है।

