
संभाग स्तरीय तीरंदाजी प्रतियोगिता में प्रथम स्थान हासिल कर राज्य स्तरीय प्रतियोगिता के लिए किया क्वालीफाई, कठिन परिस्थितियों को मात देकर रचा प्रेरक इतिहास
कोण्डागांव, 17 जुलाई 2026। कठिन परिस्थितियां किसी व्यक्ति की राह जरूर कठिन बना सकती हैं, लेकिन दृढ़ इच्छाशक्ति, आत्मविश्वास, सही मार्गदर्शन और निरंतर मेहनत के सामने हर चुनौती छोटी पड़ जाती है। कोण्डागांव जिले की श्रवण दिव्यांग बालिका शिवबती ने अपने संघर्ष, साहस और प्रतिभा के दम पर यह साबित कर दिखाया है। जिला प्रशासन एवं महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा संचालित छत्तीसगढ़ राज्य बाल कल्याण परिषद के बालिकागृह कोण्डागांव में रहकर शिवबती ने संभाग स्तरीय शालेय तीरंदाजी प्रतियोगिता में प्रथम स्थान प्राप्त किया है और अब राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करेंगी।
शिवबती का जीवन बचपन से ही कठिनाइयों से घिरा रहा। कम उम्र में बीमारी के कारण उन्होंने अपनी मां को खो दिया। इस दुख से उबर भी नहीं पाई थीं कि कुछ समय बाद नक्सली हिंसा में उनके पिता का भी निधन हो गया। माता-पिता दोनों का साया सिर से उठ जाने के बाद उनके सामने जीवन का बड़ा संकट खड़ा हो गया। ऐसी विषम परिस्थितियों में उनके चाचा ने उन्हें कोण्डागांव स्थित बालिकागृह में प्रवेश दिलाया, जहां से उनके जीवन को नई दिशा मिली।
बालिकागृह में शिवबती को न केवल सुरक्षित वातावरण और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिली, बल्कि उनकी प्रतिभा को पहचानकर उसे निखारने का अवसर भी दिया गया। खेलों में विशेष रुचि रखने वाली शिवबती की तीरंदाजी के प्रति लगन को देखते हुए महिला एवं बाल विकास विभाग ने उन्हें भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) के प्रशिक्षकों से विशेष प्रशिक्षण उपलब्ध कराया। कठिन अभ्यास, अनुशासन और निरंतर मेहनत के बल पर उन्होंने कम समय में अपनी प्रतिभा का उत्कृष्ट प्रदर्शन किया।
बेहतर प्रदर्शन के आधार पर शिवबती का चयन खेलो इंडिया स्टेट सेंटर ऑफ एक्सीलेंस, बहतराई (बिलासपुर) में हुआ, जहां उन्होंने एक वर्ष तक आधुनिक तकनीकों और विशेषज्ञ प्रशिक्षकों के मार्गदर्शन में उच्च स्तरीय प्रशिक्षण प्राप्त किया। इस प्रशिक्षण ने उनकी तकनीकी दक्षता, आत्मविश्वास और प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया।
महिला एवं बाल विकास विभाग ने बाल कोष निधि के माध्यम से बालिकागृह की बालिकाओं के लिए इंडियन एवं रिकर्व तीरंदाजी उपकरण भी उपलब्ध कराए। समय पर मिले संसाधनों, प्रशिक्षकों के मार्गदर्शन और शिवबती की अथक मेहनत ने उनकी सफलता की मजबूत नींव तैयार की। आज वे नियमित रूप से अभ्यास कर अपने लक्ष्य की ओर आगे बढ़ रही हैं।
हाल ही में जगदलपुर में आयोजित संभाग स्तरीय शालेय तीरंदाजी प्रतियोगिता में शिवबती ने शानदार प्रदर्शन करते हुए प्रथम स्थान हासिल किया। इस उपलब्धि के साथ उन्होंने राज्य स्तरीय शालेय तीरंदाजी प्रतियोगिता के लिए भी अपना स्थान सुनिश्चित कर लिया है। उनकी यह सफलता केवल व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं, बल्कि यह संदेश भी है कि उचित अवसर और प्रोत्साहन मिलने पर विपरीत परिस्थितियों में पलने वाले बच्चे भी असाधारण उपलब्धियां हासिल कर सकते हैं।
शिवबती की प्रेरक यात्रा उन हजारों बच्चों, विशेषकर दिव्यांग बेटियों के लिए आशा की किरण है, जो जीवन की कठिन चुनौतियों के बावजूद अपने सपनों को साकार करने का साहस रखती हैं। उनकी सफलता यह साबित करती है कि प्रतिभा किसी परिस्थिति की मोहताज नहीं होती, बल्कि उसे सही दिशा, समर्पण और अवसर की आवश्यकता होती है।
जिला प्रशासन, महिला एवं बाल विकास विभाग, छत्तीसगढ़ राज्य बाल कल्याण परिषद तथा बालिकागृह कोण्डागांव परिवार ने शिवबती की इस उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए उन्हें राज्य स्तरीय शालेय तीरंदाजी प्रतियोगिता के लिए शुभकामनाएं दी हैं। अधिकारियों ने विश्वास जताया है कि शिवबती भविष्य में राष्ट्रीय स्तर पर भी अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर छत्तीसगढ़ का नाम गौरवान्वित करेंगी और प्रदेश की बेटियों के लिए प्रेरणा का सशक्त प्रतीक बनेंगी।

