
तीन कमरों में पहली से आठवीं तक की कक्षाएं संचालित, भवन से मलबा गिरने का खतरा बरकरार; संकल्प जनकल्याण समाज सेवा संघ ने प्रशासन को दी चेतावनी

तखतपुर/बिलासपुर। तखतपुर विधानसभा क्षेत्र के ग्राम पंचायत मेडपार बाजार स्थित शासकीय विद्यालयों की बदहाल स्थिति को लेकर प्रशासन की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठने लगे हैं। विद्यालय भवनों की जर्जर अवस्था, पर्याप्त कक्षों का अभाव और लगातार हो रही शिकायतों के बावजूद करीब दस माह से कोई ठोस कार्रवाई नहीं होने पर ग्रामीणों में भारी नाराजगी है। संकल्प, जनकल्याण समाज सेवा संघ (छत्तीसगढ़) के कार्यकारी प्रदेशाध्यक्ष बिहारी सिंह टोडर ने आरोप लगाया है कि अधिकारियों की उदासीनता के कारण सैकड़ों विद्यार्थियों का भविष्य संकट में पड़ गया है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र समाधान नहीं किया गया तो पंचायत प्रतिनिधियों, विद्यार्थियों, पालकों और ग्रामीणों के साथ व्यापक जनआंदोलन किया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।


बिहारी सिंह टोडर ने बताया कि ग्राम पंचायत मेडपार बाजार का शासकीय माध्यमिक विद्यालय भवन अत्यंत जर्जर हो चुका है। भवन की कई कक्षाओं की छत और दीवारों से लगातार मलबा गिरने की घटनाएं सामने आ रही हैं, जिससे विद्यालय में अध्ययनरत विद्यार्थियों एवं शिक्षकों की सुरक्षा पर गंभीर खतरा मंडरा रहा है। इसके बावजूद विद्यालय में नियमित रूप से कक्षाएं संचालित की जा रही हैं, जिससे कभी भी बड़ा हादसा होने की आशंका बनी हुई है।
उन्होंने बताया कि शासकीय प्राथमिक शाला की स्थिति भी अत्यंत दयनीय है। विद्यालय के पुराने भवन पूरी तरह जर्जर होकर समाप्त हो चुके हैं, जबकि नए भवनों का निर्माण नहीं कराया गया है। परिणामस्वरूप प्राथमिक एवं पूर्व माध्यमिक स्तर के विद्यार्थियों को अत्यंत सीमित संसाधनों में पढ़ाई करने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है।

जानकारी के अनुसार विद्यालय में कक्षा पहली से आठवीं तक लगभग 235 विद्यार्थी अध्ययनरत हैं। इतने विद्यार्थियों के लिए कम से कम आठ कक्षाओं की आवश्यकता है, ताकि प्रत्येक कक्षा का संचालन व्यवस्थित रूप से किया जा सके। लेकिन वर्तमान में केवल तीन कमरों में ही सभी कक्षाओं का संचालन किया जा रहा है। एक ही कमरे में बड़ी संख्या में बच्चों को बैठाने से न तो शिक्षण कार्य प्रभावी ढंग से हो पा रहा है और न ही विद्यार्थियों को अध्ययन के लिए अनुकूल वातावरण मिल पा रहा है।
बिहारी सिंह टोडर ने कहा कि लगभग दस माह पूर्व तखतपुर के तत्कालीन एसडीएम, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत तथा विकासखंड शिक्षा अधिकारी ने विद्यालय का निरीक्षण किया था। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने अस्थायी व्यवस्था के रूप में प्राथमिक विद्यालय की कक्षाओं को माध्यमिक विद्यालय में दो पालियों में संचालित करने के निर्देश दिए थे। उस समय आश्वासन दिया गया था कि स्थायी समाधान के लिए आवश्यक कार्रवाई की जाएगी, लेकिन दस माह बीत जाने के बाद भी न तो अतिरिक्त कक्षों के निर्माण की स्वीकृति मिली और न ही जर्जर भवन की मरम्मत का कार्य शुरू हुआ।
उन्होंने बताया कि 27 अप्रैल 2026 को ग्राम पंचायत मेडपार बाजार की सरपंच सत्यवती घृतलहरे ने कलेक्टर बिलासपुर एवं जिला पंचायत बिलासपुर को ज्ञापन सौंपकर विद्यालय भवन की मरम्मत तथा अतिरिक्त कक्षों के निर्माण की मांग की थी। इसके बावजूद आज तक संबंधित विभागों द्वारा कोई प्रभावी निर्णय नहीं लिया गया। इससे ग्रामीणों में यह धारणा बन रही है कि प्रशासन बच्चों की शिक्षा और सुरक्षा जैसे गंभीर विषय को भी प्राथमिकता नहीं दे रहा है।
टोडर ने आरोप लगाया कि जिम्मेदार अधिकारियों की लापरवाही के कारण विद्यार्थी भीड़भाड़ वाले कमरों में पढ़ाई करने को मजबूर हैं। कई बार बच्चों को बैठने तक के लिए पर्याप्त स्थान नहीं मिल पाता। ऐसे माहौल में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की कल्पना भी नहीं की जा सकती। उन्होंने कहा कि सरकार शिक्षा के स्तर को बेहतर बनाने और विद्यालयों में मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने के दावे करती है, लेकिन मेडपार बाजार का विद्यालय उन दावों की वास्तविकता को उजागर कर रहा है।
उन्होंने प्रशासन से मांग की कि विद्यालय भवन की तकनीकी जांच कराकर जर्जर हिस्सों को तत्काल उपयोग से बाहर किया जाए, नए अतिरिक्त कक्षों के निर्माण की स्वीकृति शीघ्र जारी की जाए तथा विद्यार्थियों की सुरक्षा और नियमित पढ़ाई सुनिश्चित करने के लिए वैकल्पिक व्यवस्था की जाए।
बिहारी सिंह टोडर ने स्पष्ट कहा कि यदि संबंधित विभाग और जिला प्रशासन शीघ्र अंतिम निर्णय लेकर आवश्यक कार्रवाई नहीं करते हैं, तो संकल्प, जनकल्याण समाज सेवा संघ पंचायत प्रतिनिधियों, विद्यार्थियों, पालकों एवं ग्रामीणों के साथ लोकतांत्रिक तरीके से चरणबद्ध आंदोलन करेगा। उन्होंने कहा कि आंदोलन के दौरान उत्पन्न होने वाली किसी भी अप्रिय स्थिति की संपूर्ण जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।

