
राज्यमंत्री दर्जा प्राप्त भगतसिंह नेताम ने विद्यार्थियों को दिए सफलता के सूत्र, 5M से दूर रहने की सीख; छात्रावास, छात्रवृत्ति और ई-श्रमिक योजनाओं की दी विस्तृत जानकारी

बालाघाट/दमोह। एकीकृत शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय दमोह में नवीन शैक्षणिक सत्र 2026-27 के अवसर पर अभिनंदन एवं नि:शुल्क साइकिल वितरण समारोह गरिमामय वातावरण में आयोजित किया गया। समारोह के मुख्य अतिथि मध्यप्रदेश राज्य अनुसूचित जनजाति आयोग के सदस्य एवं राज्यमंत्री दर्जा प्राप्त भगतसिंह नेताम रहे। विद्यालय परिसर में उनके प्रथम आगमन पर भारतीय परंपरा के अनुरूप तिलक, आरती, पुष्पवर्षा एवं आत्मीय स्वागत के साथ अभिनंदन किया गया।

समारोह को संबोधित करते हुए भगतसिंह नेताम ने विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए शिक्षा को जीवन की सबसे बड़ी शक्ति बताया। उन्होंने कहा कि कठिन परिस्थितियों और सीमित संसाधनों के बावजूद निरंतर परिश्रम, अनुशासन और लक्ष्य के प्रति समर्पण से कोई भी विद्यार्थी सफलता की ऊंचाइयों तक पहुंच सकता है। उन्होंने अपने छात्र जीवन के संघर्षों का उल्लेख करते हुए कहा कि पहले विद्यार्थियों को पुस्तकें और छात्रावास जैसी मूलभूत सुविधाएं भी आसानी से उपलब्ध नहीं होती थीं, लेकिन आज शासन द्वारा शिक्षा के क्षेत्र में अनेक कल्याणकारी योजनाएं संचालित की जा रही हैं, जिनका पूरा लाभ विद्यार्थियों को उठाना चाहिए।


उन्होंने बताया कि जब तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के कार्यकाल में साइकिल वितरण योजना का प्रारूप तैयार किया जा रहा था, तब उन्हें ट्राइबल एडवाइजरी काउंसिल (टीएसी) के सदस्य के रूप में इस महत्वपूर्ण नीति को अंतिम रूप देने वाली टीम में कार्य करने का अवसर मिला था। उन्होंने कहा कि इस योजना ने विशेष रूप से ग्रामीण एवं आदिवासी क्षेत्रों के विद्यार्थियों, खासकर बालिकाओं की शिक्षा को नई गति प्रदान की है।


विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए उन्होंने आदिवासी क्षेत्र की एक साधारण परिवार की बेटी के भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) में वैज्ञानिक बनने का उदाहरण प्रस्तुत किया और कहा कि दृढ़ संकल्प एवं कठिन परिश्रम से कोई भी लक्ष्य असंभव नहीं होता।
अपने प्रेरक संबोधन में उन्होंने विद्यार्थियों को छात्र जीवन में ‘5M’ से सावधान रहने की सीख दी। उन्होंने कहा कि मोबाइल का उपयोग केवल ज्ञानवर्धक कार्यों तक सीमित रखें, बिना वैध आयु और लाइसेंस के मोटरसाइकिल न चलाएं, धन के प्रति अनावश्यक आकर्षण से बचें, फिल्मों की काल्पनिक दुनिया में समय नष्ट न करें तथा अनुशासनहीन मस्ती से दूर रहकर अपने जीवन के लक्ष्य पर पूरा ध्यान केंद्रित करें। उनके अनुसार यही पांच बातें विद्यार्थियों को सफलता के मार्ग पर आगे बढ़ाने में सहायक सिद्ध होंगी।
भगतसिंह नेताम ने पालकों के प्रति चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि शासन द्वारा विद्यार्थियों के गणवेश के लिए भेजी जाने वाली 600 रुपये की राशि तथा छात्रावास में प्रवेश लेने वाले विद्यार्थियों को बिस्तर किट के लिए उपलब्ध कराई जाने वाली राशि का कई स्थानों पर सही उपयोग नहीं हो रहा है। इससे विद्यार्थियों को पुराने एवं अनुपयोगी बिस्तरों का उपयोग करना पड़ता है, जिससे स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं उत्पन्न हो रही हैं। उन्होंने इस विषय की आगामी 15 अगस्त की ग्राम सभा में अनिवार्य समीक्षा करने के निर्देश दिए।
उन्होंने छात्रावासों में अध्ययनरत विद्यार्थियों की बढ़ाई गई छात्रवृत्ति, ई-श्रमिक कार्ड से मिलने वाली विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं, मेधावी छात्र छात्रवृत्ति, प्रतियोगी परीक्षा प्रोत्साहन राशि, प्रधानमंत्री आवास योजना के अतिरिक्त लाभ, ई-स्कूटी योजना, दिव्यांगजन सहायता, वृद्धावस्था पेंशन तथा दुर्घटना एवं मृत्यु सहायता जैसी अनेक योजनाओं की विस्तृत जानकारी देते हुए विद्यार्थियों एवं पालकों से इनका अधिकाधिक लाभ लेने का आग्रह किया।

समारोह के दौरान कक्षा 6वीं एवं 9वीं के पात्र छात्र-छात्राओं को नि:शुल्क साइकिलों का वितरण किया गया। नई साइकिल प्राप्त कर विद्यार्थियों के चेहरे खुशी से खिल उठे। इस अवसर पर विद्यालय में अतिरिक्त कक्षों के निर्माण की मांग भी प्रमुखता से रखी गई, जिस पर मुख्य अतिथि ने सकारात्मक सहमति व्यक्त करते हुए आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया।

कार्यक्रम में जिला पंचायत सदस्य अनुपमा नेताम, पूर्व मंडल अध्यक्ष विनोद हरिद्वाज, सरपंच यशोदा धुर्वे, उपसरपंच अरविंद बंजारे, मंडल अध्यक्ष चित्रकुमार ठाकरे, सरपंच प्रतिनिधि राजकुमार नायक, सामाजिक कार्यकर्ता प्रकाश डहरवाल, वरिष्ठ सदस्य रमेश पिवहरे, यशवंत मागरे, मध्यप्रदेश शिक्षक संघ के वरिष्ठ सदस्य हेमेंद्र नेवारे, पालक शिक्षक संघ के प्रतिनिधियों सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, पालक एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का सफल संचालन वरिष्ठ शिक्षक नीरज जैन ने किया तथा संस्था के प्राचार्य के.एस. छेदाम ने आभार व्यक्त किया। समारोह को सफल बनाने में विद्यालय के समस्त शिक्षक-शिक्षिकाओं एवं कर्मचारियों ने सक्रिय भूमिका निभाई। श्री एस.आर. उके, एच.के. नेवारे, बी.आर. बिसेन, डी.के. खैरवार, चंद्रकांत नंदनवार, चरण बघेल, उमादेवी राठौर, प्रेमलता बिसेन, रमेश तुरकर, अनिता कालबेले, सुनीता श्यामकुंवर, वृंदा मेश्राम, शांता जैन, सुषमा धारणे, जितेंद्र डाहटे सहित समस्त स्टाफ के सहयोग से कार्यक्रम सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।

