

मूकनायक समाचार | सत्यशील गोंडाने | बालाघाट
बालाघाट। मानसून के दौरान आमजन की सुरक्षा, शासकीय व्यवस्थाओं की मजबूती और जनहित से जुड़े कार्यों के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। रविवार को कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित टीएल (टाइम लिमिट) बैठक में कलेक्टर मृणाल मीना ने विभिन्न विभागों के समय-सीमा वाले प्रकरणों की विस्तृत समीक्षा करते हुए स्पष्ट निर्देश दिए कि जनहित से जुड़े किसी भी कार्य में लापरवाही अब किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने सभी अधिकारियों से कहा कि विकास कार्यों के साथ नागरिक सुविधाओं और सुरक्षा संबंधी व्यवस्थाओं पर विशेष प्राथमिकता के साथ कार्य करें।
बैठक में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी अभिषेक सराफ, अपर कलेक्टर डी.पी. बर्मन, संयुक्त कलेक्टर राहुल नायक एवं मायाराम कोल, डिप्टी कलेक्टर प्रदीप कौरव, एसडीएम गोपाल सोनी सहित विभिन्न विभागों के जिला अधिकारी उपस्थित रहे। जिले के सभी एसडीएम, तहसीलदार, जनपद पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारी तथा नगरीय निकायों के मुख्य नगर पालिका अधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक में शामिल हुए।

जर्जर भवनों को तत्काल हटाने के निर्देश
कलेक्टर ने जिले के जर्जर शासकीय भवनों की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि जिन भवनों अथवा दीवारों की मरम्मत संभव नहीं है, उन्हें तत्काल हटाया जाए ताकि किसी भी प्रकार की दुर्घटना की आशंका समाप्त हो सके। जिला शिक्षा अधिकारी एवं महिला एवं बाल विकास विभाग को निर्देशित किया गया कि कोई भी विद्यालय या आंगनवाड़ी जर्जर भवन में संचालित न हो। जहां मरम्मत की आवश्यकता है, वहां प्राथमिकता के आधार पर कार्य शीघ्र पूरा कराया जाए।
बिजली व्यवस्था में लापरवाही नहीं होगी बर्दाश्त
मानसून के दौरान विद्युत आपूर्ति को लेकर कलेक्टर ने बिजली विभाग को सख्त निर्देश देते हुए कहा कि बारिश और तेज हवाओं के बावजूद अनावश्यक बिजली बाधित नहीं होनी चाहिए। झूलते हुए बिजली के तारों की शिकायत किसी भी क्षेत्र से नहीं आनी चाहिए। सभी तहसीलों में विभागीय अमले को सतर्क रखते हुए संभावित दुर्घटनाओं की रोकथाम सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।

जलभराव रोकने और सड़क-पुलों की निगरानी पर जोर
लोक निर्माण विभाग एवं प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि सभी सड़कों और पुल-पुलियों का निरीक्षण कर जलभराव की समस्या का तत्काल समाधान करें। कलेक्टर ने कहा कि कहीं भी जलभराव के कारण यातायात बाधित नहीं होना चाहिए। लापरवाही पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी। आदिवासी क्षेत्रों के छात्रावासों एवं विद्यालयों में छत से रिसाव और अन्य मरम्मत कार्यों को भी तत्काल पूरा करने के निर्देश दिए गए।
किसानों को समय पर खाद-बीज उपलब्ध कराने के निर्देश
कृषि विभाग की समीक्षा के दौरान कलेक्टर ने खरीफ सीजन को देखते हुए किसानों को निर्धारित दरों पर पर्याप्त मात्रा में उर्वरक उपलब्ध कराने तथा गुणवत्तापूर्ण बीज समय पर वितरित करने के निर्देश दिए। साथ ही वनाधिकार अधिनियम के सभी पात्र हितग्राहियों को शासन की योजनाओं से जोड़ने, किसान क्रेडिट कार्ड बनवाने और प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना का लाभ दिलाने पर विशेष जोर दिया।
25 जुलाई तक पूरी हो ई-केवाईसी
समग्र ई-केवाईसी की समीक्षा में लक्ष्य की तुलना में धीमी प्रगति पर कलेक्टर ने असंतोष जताया। जिला आपूर्ति अधिकारी ने बताया कि 92 हजार हितग्राहियों के लक्ष्य के विरुद्ध अब तक 31 हजार लोगों की ई-केवाईसी पूर्ण हुई है। कलेक्टर ने शेष सभी हितग्राहियों की ई-केवाईसी 25 जुलाई तक हर हाल में पूर्ण करने के निर्देश दिए।
लंबित प्रकरणों के त्वरित निराकरण पर जोर
संबल योजना, श्रमयोगी मानधन योजना, पीएम विश्वकर्मा योजना तथा प्रधानमंत्री स्वरोजगार योजना के लंबित प्रकरणों का शीघ्र निराकरण करने के निर्देश दिए गए। समग्र आईडी संशोधन से संबंधित कटंगी एवं खैरलांजी जनपदों में अधिक शिकायतें मिलने पर विशेष अभियान चलाकर सभी मामलों के समाधान के निर्देश दिए गए।
सीएम हेल्पलाइन शिकायतों पर भी सख्ती
कलेक्टर ने कहा कि 50 दिनों से अधिक पुराने सीएम हेल्पलाइन प्रकरण प्राथमिकता के आधार पर निराकृत किए जाएं। शिकायतों के निराकरण में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने सभी विभागों को निर्देश दिए कि जिले की बेहतर रैंकिंग बनाए रखने के लिए संवेदनशीलता और जवाबदेही के साथ कार्य करें।
बैठक के अंत में कलेक्टर मृणाल मीना ने कहा कि प्रशासन का उद्देश्य केवल बैठकों तक सीमित नहीं, बल्कि धरातल पर परिणाम दिखाई देना है। उन्होंने सभी अधिकारियों को नियमित क्षेत्रीय निरीक्षण, जनसमस्याओं के त्वरित समाधान और मानसून के दौरान जनसुरक्षा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि विकास कार्यों, नागरिक सुविधाओं और शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में लापरवाही करने वाले अधिकारियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी।

