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महाबोधि महाविहार की मुक्ति के लिए 19 जुलाई से पटना में 10 दिवसीय अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल
बिलासपुर छत्तीसगढ़
मूकनायक
कमलेश लवहात्रै छत्तीसगढ़ प्रभारी
बोधगया। महाबोधि महाविहार बोधगया मुक्ति आंदोलन राष्ट्रीय समिति के तत्वावधान में महाबोधि महाविहार के प्रबंधन को पूर्ण रूप से बौद्ध समाज को सौंपने तथा बोधगया मंदिर अधिनियम, 1949 को निरस्त करने की मांग को लेकर 19 जुलाई 2026 (रविवार) से 28 जुलाई 2026 तक मुख्यमंत्री आवास, पटना के सामने दस दिवसीय भूख हड़ताल आयोजित की जाएगी।
समिति का कहना है कि महाबोधि महाविहार भगवान बुद्ध की ज्ञानस्थली होने के कारण विश्वभर के करोड़ों बौद्ध श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र है। आंदोलनकारियों का आरोप है कि वर्तमान व्यवस्था बौद्ध समाज के धार्मिक और प्रबंधन संबंधी अधिकारों के अनुरूप नहीं है। इसलिए वे मंदिर अधिनियम में बदलाव अथवा उसे निरस्त कर महाविहार का संपूर्ण प्रबंधन बौद्ध समुदाय को सौंपने की मांग कर रहे हैं।
आंदोलन के प्रमुख उद्देश्य महाबोधि महाविहार की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत का संरक्षण, बौद्ध परंपराओं की रक्षा तथा संविधानसम्मत और न्यायसंगत व्यवस्था सुनिश्चित करना बताए गए हैं। समिति का कहना है कि यह आंदोलन शांतिपूर्ण, लोकतांत्रिक और संवैधानिक तरीके से संचालित किया जाएगा।
समिति ने देशभर के बौद्ध अनुयायियों, सामाजिक संगठनों, बुद्धिजीवियों, युवाओं और न्यायप्रिय नागरिकों से अपील की है कि वे इस आंदोलन में अधिक से अधिक संख्या में शामिल होकर अपना समर्थन दें। साथ ही सोशल मीडिया के माध्यम से जनजागरण, हस्ताक्षर अभियान, शांति मार्च, सभाओं और विचार-विमर्श कार्यक्रमों में सक्रिय भागीदारी निभाने का भी आग्रह किया गया है।
समिति के अनुसार, ऑल इंडिया बुद्धिस्ट फोरम, राष्ट्रीय बौद्ध महासभा (आर.बी.एम.), दि बुद्धिस्ट सोसाइटी ऑफ इंडिया, समता सैनिक दल सहित अनेक बौद्ध संगठन इस अभियान से जुड़े हुए हैं और जातिविहीन, समतामूलक तथा आदर्श बौद्ध समाज के निर्माण के उद्देश्य से कार्य कर रहे हैं।
महाबोधि महाविहार बोधगया मुक्ति आंदोलन राष्ट्रीय समिति ने सभी समर्थकों से 19 जुलाई 2026 को सुबह 10 बजे मुख्यमंत्री आवास, पटना पहुंचकर आंदोलन को सफल बनाने की अपील की है।


