
रायपुर, 3 जुलाई। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि सहकारिता किसानों की आय बढ़ाने, ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने और आत्मनिर्भर छत्तीसगढ़ के निर्माण का सबसे प्रभावी माध्यम बन रही है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में गठित सहकारिता मंत्रालय ने देश में “सहकार से समृद्धि” के संकल्प को नई दिशा दी है और छत्तीसगढ़ में भी सहकारिता के माध्यम से किसानों, वनवासियों, महिला स्व-सहायता समूहों तथा ग्रामीण परिवारों को आर्थिक रूप से मजबूत किया जा रहा है।

इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कृषि मंडपम में सहकारिता मंत्रालय के पांच वर्ष पूर्ण होने पर आयोजित राज्य स्तरीय सहकारी सम्मेलन एवं सहकारी सप्ताह कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने संग्रहण वर्ष 2023 के 7.14 लाख तेंदूपत्ता संग्राहकों के लिए 162 करोड़ रुपये से अधिक की प्रोत्साहन पारिश्रमिक राशि के वितरण का शुभारंभ किया। इस अवसर पर उत्कृष्ट सहकारी समितियों को “सहकार प्रेरणा पुरस्कार” से सम्मानित किया गया तथा महिला स्व-सहायता समूहों को लाभांश वितरित किया गया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में सहकारिता का दायरा तेजी से बढ़ा है और सभी पंचायतों तक इसकी पहुंच सुनिश्चित करने के लिए 1352 नई सहकारी समितियों का गठन किया गया है। उन्होंने बताया कि किसानों को अब सहकारी व्यवस्था और किसान क्रेडिट कार्ड के माध्यम से बिना ब्याज ऋण उपलब्ध कराया जा रहा है। इस वर्ष प्रदेश के 15 लाख से अधिक किसानों को 8 हजार करोड़ रुपये से अधिक का कृषि ऋण प्रदान किया गया है।

उन्होंने कहा कि कृषि के साथ-साथ पशुपालन, दुग्ध उत्पादन, मत्स्य पालन, वनोपज और ग्रामीण उद्यमिता जैसे क्षेत्रों में भी सहकारिता को बढ़ावा दिया जा रहा है। राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड के सहयोग से प्रदेश में दुग्ध उत्पादन के क्षेत्र में सकारात्मक बदलाव देखने को मिल रहे हैं।
सहकारिता मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि सहकारिता मंत्रालय के पांच वर्ष पूरे होना देश के लिए गौरव का विषय है। उन्होंने बताया कि 29 जून से 6 जुलाई तक सहकारिता सप्ताह के अंतर्गत विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं तथा विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में सहकारिता की महत्वपूर्ण भूमिका रहेगी।
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने सहकारिता विभाग के ऑनलाइन पोर्टल का शुभारंभ किया, जिससे किसानों का पंजीयन पूरी तरह ऑनलाइन, पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से किया जा सकेगा। उन्होंने विभिन्न सहकारी संस्थाओं के प्रदर्शनी स्टॉलों का अवलोकन किया, पांच नवीन पैक्स समितियों को माइक्रो एटीएम वितरित किए, छत्तीसगढ़ हर्बल्स के पांच नए उत्पादों का लोकार्पण किया तथा उत्कृष्ट तेंदूपत्ता संग्राहकों को प्रशस्ति पत्र, वन-धन समितियों की हैंडबुक, हितग्राहियों को सामग्री, प्रोत्साहन राशि और किसान क्रेडिट कार्ड ऋण वितरित किए।
इस अवसर पर विभिन्न सहकारी संस्थाओं के पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि, किसान एवं बड़ी संख्या में हितग्राही उपस्थित रहे।

