Tuesday, September 29, 2026
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बारिश में लापरवाही नहीं, सुरक्षा सर्वोपरि: जलमग्न पुल-पुलियों पर आवागमन रोकने के कलेक्टर के सख्त निर्देश

मूकनायक समाचार | सत्यशील गोंडाने | बालाघाट

लगातार हो रही बारिश के बीच आमजन की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए कलेक्टर मृणाल मीना ने जिले के सभी निर्माण विभागों को निर्देश दिए हैं कि जिन पुल-पुलियों पर बाढ़ का पानी बह रहा हो, वहां पानी उतरने तक किसी भी प्रकार का आवागमन पूरी तरह प्रतिबंधित रखा जाए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि जनहानि रोकने के लिए सुरक्षा उपायों में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

शुक्रवार को आयोजित निर्माण कार्यों की समीक्षा बैठक में कलेक्टर ने जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी अभिषेक सराफ सहित विभिन्न विभागों के अधिकारियों के साथ जिले में संचालित निर्माण कार्यों की प्रगति की समीक्षा की। बैठक की शुरुआत में हालिया भारी वर्षा के बाद नदी-नालों एवं पुल-पुलियों की स्थिति पर विस्तार से चर्चा की गई।

कलेक्टर ने लोक निर्माण विभाग, मध्यप्रदेश सड़क विकास प्राधिकरण (एमपीआरडीसी), प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क इकाई तथा ग्रामीण यांत्रिकी सेवा विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया कि जलमग्न पुल-पुलियों पर तत्काल बैरिकेडिंग कराई जाए। साथ ही विभागीय कर्मचारियों एवं संबंधित ग्रामों के कोटवारों की ड्यूटी लगाकर यह सुनिश्चित किया जाए कि कोई भी व्यक्ति या वाहन जोखिम उठाकर ऐसे मार्गों से आवागमन न करे।

बैठक में लोक निर्माण विभाग, एमपीआरडीसी, सेतु निर्माण संभाग, पीआईयू, भवन विकास निगम, पुलिस हाउसिंग, जनजातीय कार्य विभाग, ग्रामीण यांत्रिकी सेवा विभाग, जल संसाधन विभाग तथा हाउसिंग बोर्ड द्वारा संचालित निर्माण कार्यों की भी समीक्षा की गई।

समीक्षा के दौरान कलेक्टर ने एमपीआरडीसी के अधिकारियों को बैहर–परसवाड़ा–लामता, बालाघाट–बैहर तथा बैहर–सालेटेकरी मार्गों के मरम्मत एवं सुधार कार्यों को प्राथमिकता के साथ शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए। वहीं स्वास्थ्य एवं विद्यालय भवनों के निर्माण कार्यों का संबंधित विभागों द्वारा नियमित निरीक्षण सुनिश्चित करने को कहा।

सेतु निर्माण संभाग की समीक्षा में भटेरा रोड ओवरब्रिज निर्माण कार्य में तेजी लाने तथा जागपुर घाट पुल निर्माण में अनावश्यक विलंब करने वाले ठेकेदार के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई के निर्देश दिए गए।

जल संसाधन विभाग की समीक्षा के दौरान सातनारी जलाशय परियोजना को शीघ्र पूर्ण कराने पर विशेष जोर देते हुए कलेक्टर ने कहा कि यह परियोजना 25 से 30 गांवों के किसानों के लिए सिंचाई का महत्वपूर्ण आधार बनेगी। उन्होंने वन विभाग से समन्वय स्थापित कर परियोजना से जुड़े वन क्षेत्र के कार्यों को भी प्राथमिकता से पूरा कराने के निर्देश दिए।

जनजातीय कार्य विभाग की समीक्षा में छात्रावास भवनों के निर्माण की गुणवत्ता पर विशेष बल देते हुए कलेक्टर ने कहा कि छात्र-छात्राओं को सुरक्षित, सुविधायुक्त एवं गुणवत्तापूर्ण छात्रावास उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है।

बैठक के अंत में कलेक्टर मृणाल मीना ने सभी निर्माण एजेंसियों को निर्देश दिए कि निर्माण कार्य निर्धारित समय-सीमा एवं गुणवत्ता मानकों के अनुरूप पूर्ण किए जाएं। पूर्ण हो चुके कार्यों के पूर्णता प्रमाण-पत्र शीघ्र प्रस्तुत कर भवन संबंधित विभागों को हस्तांतरित किए जाएं तथा कार्यों में अनावश्यक विलंब करने वाले ठेकेदारों के विरुद्ध नियमानुसार कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

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