Tuesday, September 29, 2026
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बारिश में बच्चों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता, निर्माण स्थलों पर सुरक्षा घेरा अनिवार्य हो : डॉ. वर्णिका शर्मा

राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग ने जिला प्रशासन और नगरीय निकायों को जारी किए निर्देश, खुले गड्ढों व निर्माणाधीन स्थलों पर विशेष अभियान चलाने के दिए आदेश

रायपुर, 30 जून 2026।

बारिश के मौसम में खुले गड्ढों, निर्माणाधीन स्थलों और पानी से भरी नालियों के कारण बच्चों की सुरक्षा पर मंडरा रहे खतरे को गंभीरता से लेते हुए छत्तीसगढ़ राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग ने राज्यभर के जिला प्रशासन और नगरीय निकायों को व्यापक सुरक्षा उपाय सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। आयोग ने स्पष्ट किया है कि बच्चों की सुरक्षा के साथ किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा।

राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग की अध्यक्ष डॉ. वर्णिका शर्मा ने कहा कि वर्षा ऋतु में खुले गड्ढों में पानी भर जाने से उनकी गहराई का अनुमान लगाना मुश्किल हो जाता है। ऐसे में खेलते समय या स्कूल आने-जाने के दौरान बच्चे अनजाने में दुर्घटनाओं का शिकार हो सकते हैं। इसलिए सभी संबंधित विभागों को तत्काल आवश्यक सुरक्षा प्रबंध सुनिश्चित करने होंगे।

आयोग ने नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग, सभी जिला कलेक्टरों तथा नगरीय निकायों को निर्देशित किया है कि नगर क्षेत्रों में विशेष अभियान चलाकर खुले गड्ढों, नालियों और निर्माणाधीन स्थलों की पहचान की जाए। जहां संभव हो वहां गड्ढों को तत्काल भरा जाए और जहां यह संभव न हो वहां मजबूत बैरिकेडिंग एवं सुरक्षा घेरा लगाया जाए, ताकि किसी भी प्रकार की दुर्घटना रोकी जा सके।

निर्माण एजेंसियों, ठेकेदारों और आवासीय कॉलोनियों के संचालकों को भी निर्देशित करने की अनुशंसा की गई है कि निर्माण कार्य के लिए खोदे गए गड्ढों को खुला न छोड़ा जाए। प्रत्येक निर्माण स्थल पर पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था, चेतावनी संकेतक तथा आवश्यक सुरक्षा घेरा अनिवार्य रूप से लगाया जाए।

डॉ. शर्मा ने कहा कि संवेदनशील और निर्माणाधीन स्थानों पर आवश्यकता के अनुसार चौकीदार अथवा सुरक्षाकर्मी भी तैनात किए जाएं, ताकि बच्चों को जोखिम वाले क्षेत्रों में जाने से रोका जा सके। उन्होंने जिला स्तर पर नियमित समीक्षा बैठक आयोजित करने तथा संबंधित अधिकारियों द्वारा लगातार निगरानी रखने पर भी जोर दिया।

आयोग ने सभी संबंधित विभागों और नगरीय निकायों से निर्देशों के पालन में की गई कार्रवाई की विस्तृत जानकारी 7 जुलाई 2026 तक उपलब्ध कराने को कहा है। आयोग का उद्देश्य बारिश के पूरे मौसम में बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करना तथा संभावित दुर्घटनाओं को रोकना है।

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