Sunday, July 26, 2026
Homeदेशजुनून इंसान के भीतर की वह तीव्र इच्छाशक्ति है, जो हर परिस्थिति...

जुनून इंसान के भीतर की वह तीव्र इच्छाशक्ति है, जो हर परिस्थिति में विफलता के बाद दोबारा खड़े होने की देता है हिम्मत

मूकनायक/राष्ट्रीय प्रभारी ओमप्रकाश वर्मा
✍️✍️
जुनून इंसान के भीतर सुलगती वह चिंगारी है, जो विपरीत परिस्थितियों के तूफानों में भी उसके हौसले के दीये को बुझने नहीं देती। यह केवल एक भावना नहीं, बल्कि वह तीव्र इच्छाशक्ति और मानसिक ऊर्जा है जो व्यक्ति को तब भी दौड़ने पर मजबूर करती है, जब उसके पैर पूरी तरह थक चुके होते हैं। जब किसी व्यक्ति के दिल और दिमाग पर जुनून सवार हो जाता है, तो उसके शब्दकोश से ‘असंभव’ शब्द गायब हो जाता है। जुनून इंसान को उसकी सुख-सुविधाओं से बाहर निकालता है और मुश्किलों से लड़ना सिखाता है क्योंकि एक जुनूनी इंसान को अपनी मंजिल के अलावा कुछ और दिखाई नहीं देता।
डॉ भीमराव अंबेडकर, महात्मा ज्योतिबा फुले से एपीजे अब्दुल कलाम तक, हर महान व्यक्तित्व की सफलता के पीछे उनका जुनून ही था, जिसने उन्हें हर विफलता के बाद दोबारा खड़े होने की हिम्मत दी। संसाधन कम हों या रास्ते में रुकावटें हज़ार, जुनून इंसान को बहानों से ऊपर उठाकर समाधान खोजने पर मजबूर करता है क्योंकि “जुनून वह जादू है जो एक साधारण इंसान को भी असाधारण बना देता है।” यदि आपके भीतर किसी नेक कार्य या लक्ष्य को पाने का सच्चा जुनून है, तो दुनिया की कोई भी ताकत, कोई भी कठिन परिस्थिति आपको रोक नहीं सकती। जुनून ही वह ईंधन है जो इंसान की जिंदगी की गाड़ी को सफलता के शिखर तक ले जाता है। इसलिए, अपने भीतर के जुनून को कभी ठंडा ना होने दें, क्योंकि यही आपकी सबसे बड़ी ताकत है।
बिरदी चंद गोठवाल
प्रदेश प्रभारी मूकनायक, हरियाणा

- Advertisment -

Most Popular

Recent Comments