न्यूज़ छत्तीसगढ़
कवर्धा में मूलनिवासी संघ का कलेक्ट्रेट घेराव, मांगों पर 20 दिन का अल्टीमेटम
मूकनायक
कमलेश लवहात्रै छत्तीसगढ़ प्रभारी
कवर्धा, छत्तीसगढ़
मूलनिवासी संघ कबीरधाम के बैनर तले शनिवार को जिला मुख्यालय कवर्धा में जनआक्रोश रैली, आमसभा एवं कलेक्ट्रेट घेराव का आयोजन किया गया। संगठन के जिला अध्यक्ष डॉ. जे. अजीत के नेतृत्व में आयोजित इस कार्यक्रम में आयोजकों के अनुसार जिले सहित प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों से बड़ी संख्या में सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि एवं नागरिक शामिल हुए।
आयोजकों के अनुसार गांधी मैदान से शुरू हुई रैली में करीब 2,000 लोगों ने भाग लिया। कार्यक्रम का संचालन डॉ. जे. अजीत ने किया, जबकि सभा की अध्यक्षता अमरजीत पटेल ने की। कार्यक्रम में पूर्व विधायक जनकलाल ठाकुर मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। इस दौरान विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने भी सभा को संबोधित किया।
सभा में वक्ताओं ने संविधान की रक्षा, सामाजिक न्याय तथा वंचित वर्गों के अधिकारों से जुड़े मुद्दों को उठाया। उन्होंने कहा कि देश संविधान के अनुरूप चले और सभी नागरिकों के साथ समान व्यवहार सुनिश्चित किया जाए। साथ ही कानून-व्यवस्था एवं प्रशासनिक कार्यप्रणाली को लेकर भी अपनी चिंताएं व्यक्त कीं।
संगठन ने प्रशासन के समक्ष जल, जंगल और जमीन पर स्थानीय समुदायों के अधिकारों की रक्षा, धर्मांतरण विधेयक पर पुनर्विचार तथा सभी नागरिकों की शिकायतों पर निष्पक्ष एवं समान कार्रवाई सुनिश्चित करने जैसी मांगें रखीं।
रैली जब कलेक्ट्रेट की ओर बढ़ी तो अंबेडकर चौक के पास पुलिस ने बैरिकेडिंग कर जुलूस को रोक दिया। आयोजकों का कहना है कि इस दौरान प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच कुछ देर धक्का-मुक्की की स्थिति भी बनी। हालांकि बाद में प्रदर्शन शांतिपूर्ण ढंग से जारी रहा।
इस अवसर पर जिला अध्यक्ष डॉ. जे. अजीत ने प्रदर्शनकारियों से शांतिपूर्ण एवं संवैधानिक तरीके से आंदोलन जारी रखने की अपील करते हुए कहा कि संगठन लोकतांत्रिक तरीके से अपनी मांगें प्रशासन के समक्ष रख रहा है और संविधान के दायरे में रहकर न्याय एवं समान अधिकारों की मांग कर रहा है।
कार्यक्रम के अंत में प्रतिनिधिमंडल ने जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपते हुए मांगों पर कार्रवाई के लिए 20 दिनों का अल्टीमेटम दिया। संगठन ने चेतावनी दी कि यदि निर्धारित अवधि में मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं हुई तो 21वें दिन प्रदेश के विभिन्न जिलों में राष्ट्रीय एवं राज्य राजमार्गों पर लोकतांत्रिक तरीके से चक्का जाम आंदोलन किया जाएगा।
मूलनिवासी संघ ने दावा किया कि उसका आंदोलन पूरी तरह शांतिपूर्ण, लोकतांत्रिक और संवैधानिक है तथा सामाजिक न्याय और समान अधिकारों की मांग को लेकर आगे भी जारी रहेगा।

