सुषमा पूंटा रोहडू | “हिमालय की कोली जाति” पुस्तक का विधिवत विमोचन अखिल भारतीय कोली समाज के राष्ट्रीय अधिवेशन तालकटोरा स्टेडियम दिल्ली में संपन्न हुआ। यह पुस्तक हिमालयी क्षेत्र में निवास करने वाली कोली जाति के इतिहास, संस्कृति, परंपराओं, सामाजिक जीवन, रीति-रिवाजों तथा उनके योगदान पर आधारित एक महत्वपूर्ण शोधपरक कृति है। लेखक बबलू बरागटा द्वारा पुस्तक में कोली समाज की उत्पत्ति, उनके सांस्कृतिक मूल्यों, लोक परंपराओं और वर्तमान सामाजिक परिस्थितियों का विस्तृत वर्णन किया गया है। लेखक ने ऐतिहासिक तथ्यों और सामाजिक अध्ययन के माध्यम से हिमालय की कोली जाति की पहचान और विरासत को संरक्षित करने का प्रयास किया है। यह पुस्तक न केवल कोली समाज के लिए, बल्कि इतिहास, समाजशास्त्र और लोक संस्कृति के अध्येताओं के लिए भी एक महत्वपूर्ण संदर्भ ग्रंथ सिद्ध होगी।

