

बलरामपुर में जागरूकता गोष्ठी ने दिया स्वस्थ, संवेदनशील और सशक्त समाज का संदेश
समाज में लंबे समय से संकोच और चुप्पी के दायरे में रहे माहवारी जैसे महत्वपूर्ण विषय पर अब खुलकर संवाद होने लगा है। बलरामपुर जिले में आयोजित माहवारी स्वच्छता एवं प्रबंधन जागरूकता गोष्ठी ने छात्र-छात्राओं को वैज्ञानिक जानकारी देने के साथ-साथ समाज में सकारात्मक और संवेदनशील सोच को भी नई दिशा दी।
कलेक्टर चंदन संजय त्रिपाठी के निर्देशन एवं मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. विजय कुमार सिंह के मार्गदर्शन में शासकीय महाविद्यालय बलरामपुर में यह कार्यक्रम आयोजित किया गया। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग तथा भारत स्काउट्स एंड गाइड जिला शाखा के संयुक्त प्रयास से आयोजित इस गोष्ठी में युवाओं को माहवारी से जुड़े मिथकों और भ्रांतियों के प्रति जागरूक किया गया।
कार्यक्रम की विशेष बात यह रही कि छात्र-छात्राओं ने बिना झिझक माहवारी जैसे विषय पर खुलकर चर्चा की। विशेषज्ञों ने सरल और सहज भाषा में बताया कि माहवारी एक प्राकृतिक प्रक्रिया है, जिसे लेकर शर्म या डर नहीं बल्कि जागरूकता और समझ की आवश्यकता है।
गोष्ठी के दौरान किशोरियों की जिज्ञासाओं का समाधान किया गया और युवाओं को यह संदेश दिया गया कि स्वस्थ समाज के निर्माण में संवेदनशील सोच और पारस्परिक सम्मान बेहद जरूरी है।
कार्यक्रम में “जागरूक बेटी, स्वस्थ बेटी, सशक्त समाज, समृद्ध भारत” का संदेश देते हुए माहवारी शिक्षा, पीरियड्स-फ्रेंडली वातावरण, स्वच्छता उत्पादों तक पहुंच और सम्मानजनक सुविधाओं की आवश्यकता पर विशेष जोर दिया गया। विशेषज्ञों ने कहा कि माहवारी पर खुलकर चर्चा करना केवल महिलाओं का विषय नहीं, बल्कि पूरे समाज की जिम्मेदारी है।
इस अवसर पर किशोरी स्वास्थ्य, पोषण, मानसिक स्वास्थ्य, आत्मविश्वास एवं व्यक्तिगत स्वच्छता जैसे विषयों पर भी विस्तृत जानकारी दी गई। साथ ही लड़कों और लड़कियों दोनों से समान भागीदारी और सहयोग की अपील करते हुए सामाजिक संवेदनशीलता विकसित करने का संदेश दिया गया।
यह जागरूकता गोष्ठी केवल स्वास्थ्य शिक्षा तक सीमित नहीं रही, बल्कि बदलती सामाजिक सोच, जागरूक युवा शक्ति और सम्मानजनक संवाद की प्रेरणादायी पहल बनकर सामने आई।

