Thursday, June 11, 2026
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“सबसे दूर सबसे पास” अभियान : दूरस्थ आदिवासी गांवों तक पहुंची शासन की पहल ग्रामीणों ने रखीं समस्याएं, अधिकारियों को दिए गए त्वरित निराकरण के निर्देश

मूकनायक समाचार | सत्यशील गोंडाने

बालाघाट। मध्यप्रदेश राज्य अनुसूचित जनजाति आयोग के सदस्य भगत सिंह नेताम द्वारा संचालित “सबसे दूर सबसे पास” अभियान के तहत जिले के दूरस्थ आदिवासी क्षेत्रों में जनसंवाद कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। अभियान का उद्देश्य शासन और ग्रामीणों के बीच सीधा संवाद स्थापित कर समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित करना है।

अभियान के दौरान भगत सिंह नेताम ने लोंगूर, समनापुर, परसाटोला, उकवा सहित विभिन्न आदिवासी बहुल गांवों का दौरा किया। ग्रामीणों ने पेयजल संकट, सड़क, स्वास्थ्य सेवाएं, राशन वितरण, बिजली और शिक्षा व्यवस्था से जुड़ी समस्याएं सामने रखीं। इस पर संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई एवं त्वरित निराकरण के निर्देश दिए गए।

जनसंवाद कार्यक्रमों में बड़ी संख्या में महिलाएं, बुजुर्ग एवं युवा शामिल हुए। ग्रामीणों ने बताया कि कई गांवों में आज भी स्वास्थ्य सुविधाओं और सड़क व्यवस्था का अभाव है, जिससे लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। निरीक्षण के दौरान आंगनवाड़ी केंद्रों, स्कूलों एवं स्वास्थ्य उपकेंद्रों की व्यवस्थाओं की भी समीक्षा की गई।

भगत सिंह नेताम ने कहा कि शासन की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचना चाहिए तथा आदिवासी क्षेत्रों का विकास सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने अधिकारियों को लापरवाही न बरतने की चेतावनी देते हुए ग्रामीणों को खुलकर अपनी समस्याएं रखने के लिए प्रोत्साहित किया।

अभियान में जिला पंचायत सदस्य अनुपमा नेताम ने भी सक्रिय भागीदारी निभाई। उन्होंने ग्रामीणों से संवाद कर शासन की योजनाओं का लाभ लेने के लिए जागरूक रहने की अपील की।

ग्रामीणों एवं सामाजिक संगठनों ने इस पहल की सराहना करते हुए उम्मीद जताई है कि “सबसे दूर सबसे पास” अभियान दूरस्थ क्षेत्रों में विकास एवं प्रशासनिक जवाबदेही को नई दिशा देगा।

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