Tuesday, September 29, 2026
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मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव करेंगे उपार्जन केन्द्रों का आकस्मिक निरीक्षणकिसी भी समय किसी भी जिले में उतर सकता है मुख्यमंत्री का हेलीकॉप्टर

मूकनायक / समाचार / सत्यशील गोंडाने
बालाघाट

भोपाल। प्रदेश में गेहूं उपार्जन प्रक्रिया को पारदर्शी, व्यवस्थित और किसान हितैषी बनाने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सख्त रुख अपनाया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार मुख्यमंत्री आगामी दिनों में प्रदेश के विभिन्न उपार्जन केन्द्रों का बिना पूर्व सूचना के आकस्मिक निरीक्षण करेंगे। इस सूचना के बाद प्रशासनिक अमले में हलचल तेज हो गई है।

सूत्रों के अनुसार मुख्यमंत्री का हेलीकॉप्टर किसी भी समय किसी भी जिले के उपार्जन केन्द्र पर उतर सकता है। निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री स्वयं किसानों से संवाद कर जमीनी स्तर पर व्यवस्थाओं की वास्तविक स्थिति का जायजा लेंगे तथा यह सुनिश्चित करेंगे कि शासन द्वारा निर्धारित सभी सुविधाएं किसानों तक सही ढंग से पहुंच रही हैं या नहीं।

मुख्यमंत्री किसानों से सीधे बातचीत कर उनकी समस्याओं, शिकायतों और सुझावों को जानेंगे। सरकार का उद्देश्य उपार्जन प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की लापरवाही, भ्रष्टाचार या अनियमितता पर तत्काल रोक लगाना है।

राज्य सरकार द्वारा उपार्जन केन्द्रों पर किसानों के लिए पेयजल, छायादार बैठने की व्यवस्था सहित अन्य मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। किसानों को जिले के किसी भी उपार्जन केन्द्र पर अपनी उपज बेचने की स्वतंत्रता दी गई है। तौल प्रक्रिया को तेज करने के लिए तौल कांटों की संख्या बढ़ाकर छह कर दी गई है, जिसे आवश्यकता पड़ने पर और बढ़ाया जा सकता है।

एफएक्यू मानकों में भी शिथिलता दी गई है, जिससे अधिक किसानों को लाभ मिल सके। चमक विहीन गेहूं की सीमा 50 प्रतिशत, सूकड़े दाने 10 प्रतिशत तथा क्षतिग्रस्त दानों की सीमा 6 प्रतिशत तक निर्धारित की गई है।

उपार्जन केन्द्रों पर बारदाना, हम्माल, सिलाई मशीन, कंप्यूटर, इंटरनेट सुविधा, गुणवत्ता परीक्षण उपकरण, सफाई संसाधन सहित सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जा रही हैं। किसानों की बढ़ती संख्या को देखते हुए प्रति केन्द्र प्रतिदिन स्लॉट बुकिंग क्षमता 1000 क्विंटल से बढ़ाकर 2250 क्विंटल कर दी गई है, जबकि आवश्यकता अनुसार इसे 3000 क्विंटल तक बढ़ाने की अनुमति भी दी गई है।

प्रदेश में किसानों से गेहूं की खरीदी 2585 रुपये प्रति क्विंटल समर्थन मूल्य पर की जा रही है, जिसमें राज्य सरकार द्वारा 40 रुपये प्रति क्विंटल बोनस जोड़कर कुल 2625 रुपये प्रति क्विंटल का भुगतान किया जा रहा है। किसानों की सुविधा के लिए अब प्रत्येक शनिवार को भी स्लॉट बुकिंग और उपार्जन कार्य जारी रहेगा।

जनसंपर्क विभाग द्वारा उपार्जन केन्द्रों पर पोस्टर और बैनर के माध्यम से किसानों को योजनाओं एवं सुविधाओं की जानकारी दी जा रही है।

मुख्यमंत्री का यह आकस्मिक निरीक्षण अभियान प्रशासन के लिए स्पष्ट संदेश माना जा रहा है कि किसानों के हितों से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि जमीनी स्तर पर व्यवस्थाएं कितनी प्रभावी सिद्ध होती हैं और किसानों को इन प्रयासों का कितना लाभ मिल पाता है।

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