मूकनायक/ रिपोर्टर राजेश कुमार बस्ती/उत्तर प्रदेश
बस्ती। विकास खण्ड सल्टौआ गोपालपुर क्षेत्र में 14 अप्रैल को राष्ट्रनायक बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर की जयंती को भव्य एवं ऐतिहासिक रूप से मनाने की तैयारियाँ शुरू हो गई हैं। इसी क्रम में सरदार वल्लभभाई पटेल श्रीमती राजपति देवी शिक्षण संस्थान, मझौआ खुर्द में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई, जिसमें क्षेत्र के सामाजिक कार्यकर्ताओं, बुद्धिजीवियों एवं अंबेडकर विचारधारा से जुड़े लोगों ने भाग लिया।
बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि 14 अप्रैल को बाबा साहब की जयंती को केवल एक कार्यक्रम तक सीमित न रखते हुए राष्ट्रीय पर्व के रूप में पूरे सम्मान और उत्साह के साथ मनाया जाएगा। इस अवसर पर क्षेत्र में भव्य रैली एवं पदयात्रा निकाली जाएगी, जिसमें बड़ी संख्या में लोग शामिल होकर बाबा साहब के विचारों को जन-जन तक पहुंचाने का संकल्प लेंगे।
बैठक के दौरान उपस्थित लोगों ने डॉ. भीमराव अंबेडकर को “राष्ट्रनायक” की उपाधि देते हुए कहा कि उन्होंने अपने ज्ञान, संघर्ष और दूरदर्शिता से भारतीय समाज को नई दिशा दी। उन्होंने न केवल देश का संविधान निर्माण कर भारत को लोकतांत्रिक और न्यायपूर्ण व्यवस्था प्रदान की, बल्कि समाज के वंचित, शोषित और दलित वर्गों को अधिकारों के लिए संघर्ष करने की प्रेरणा भी दी।
वक्ताओं ने कहा कि बाबा साहब का जीवन संघर्ष, शिक्षा और सामाजिक परिवर्तन की महान मिसाल है। अत्यंत विषम परिस्थितियों में जन्म लेकर उन्होंने शिक्षा के बल पर सामाजिक असमानता, छुआछूत और भेदभाव के खिलाफ आजीवन संघर्ष किया। उनका दिया हुआ संदेश — “शिक्षित बनो, संगठित हो, संघर्ष करो” — आज भी समाज के लिए मार्गदर्शक है।
इस अवसर पर सभी ने संकल्प लिया कि बाबा साहब की जयंती को भव्य, आकर्षक और ऐतिहासिक रूप से मनाया जाएगा तथा उनके विचारों और आदर्शों को जन-जन तक पहुंचाया जाएगा।
बैठक में शैलेन्द्र अम्बेडकर, राम सेवक बौद्ध, गिरीश चंद चौधरी, राम कुमार, रामस्वरूप वर्मा, धर्मेन्द्र कुमार (गुरुजी) एवं प्रदीप कुमार एडवोकेट सहित कई सामाजिक कार्यकर्ता उपस्थित रहे। सभी ने मिलकर 14 अप्रैल को होने वाले कार्यक्रम को सफल बनाने का संकल्प लिया और क्षेत्रवासियों से अधिक से अधिक संख्या में शामिल होने की अपील की।

