मूकनायक/भरतपुर/राजस्थान
चन्द्रप्रकाश (शेरू)
जयपुर राजस्थान की राजनीति में सामाजिक समीकरणों के नए संकेत देते हुए जयपुर जिले के आमेर विधानसभा क्षेत्र में आजाद समाज पार्टी द्वारा आयोजित जनसंपर्क एवं सदस्यता अभियान की बैठक ने व्यापक राजनीतिक चर्चा को जन्म दिया है। प्रदेश महासचिव चंद्रशेखर मौर्य के नेतृत्व में आयोजित इस कार्यक्रम में मुस्लिम समाज के सैकड़ों लोगों ने पार्टी की सदस्यता ग्रहण की और आगामी निकाय चुनावों में सक्रिय भागीदारी का संकल्प लिया।बैठक को दलित-मुस्लिम एकता की दिशा में एक महत्वपूर्ण राजनीतिक पहल के रूप में देखा जा रहा है कार्यक्रम में पार्टी पदाधिकारियों ने इसे सामाजिक न्याय और राजनीतिक भागीदारी को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम बताया।आमेर क्षेत्र में आयोजित इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिकों, पार्टी कार्यकर्ताओं और समाज के विभिन्न वर्गों ने भाग लिया। खास बात यह रही कि मुस्लिम समाज के लोगों की भागीदारी उल्लेखनीय रही, जिन्होंने मंच से पार्टी के प्रति समर्थन व्यक्त किया।
कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य सदस्यता अभियान को गति देना, पार्टी की नीतियों को जन-जन तक पहुंचाना और आने वाले निकाय चुनावों के लिए मजबूत संगठनात्मक आधार तैयार करना था।
बैठक के दौरान उपस्थित लोगों ने पार्टी के सामाजिक न्याय और समान अवसर के एजेंडे का समर्थन करते हुए इसे समाज के वंचित वर्गों की आवाज बताया।कार्यक्रम में महिलाओं की बड़ी संख्या में मौजूदगी ने बैठक को और प्रभावशाली बना दिया। महिलाओं ने भी सदस्यता अभियान में सक्रिय रूप से भाग लिया और पार्टी के कार्यक्रमों में सहयोग करने का भरोसा दिलाया।राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि महिलाओं की बढ़ती भागीदारी स्थानीय चुनावों में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है और यह लोकतांत्रिक प्रक्रिया को मजबूत करने का संकेत है।प्रदेश महासचिव चंद्रशेखर मौर्य ने अपने संबोधन में कहा कि आजाद समाज पार्टी समाज के सभी वर्गों को साथ लेकर चलने में विश्वास करती है। उन्होंने कहा कि दलित और मुस्लिम समाज की एकता सामाजिक परिवर्तन की मजबूत आधारशिला बन सकती है।उन्होंने कार्यकर्ताओं और समाज के लोगों से अपील की कि वे आने वाले निकाय चुनावों में पार्टी का समर्थन करें और एक मजबूत सामाजिक-राजनीतिक विकल्प को स्थापित करने में सहयोग दें।मौर्य ने कहा कि पार्टी का लक्ष्य केवल चुनाव जीतना नहीं बल्कि समाज में समान अधिकार और सम्मान सुनिश्चित करना है बैठक में आगामी निकाय चुनावों को लेकर विशेष रणनीति पर चर्चा की गई। पार्टी नेताओं ने इसे संगठन के विस्तार और जनाधार मजबूत करने का महत्वपूर्ण अवसर बताया।
प्रदेश सह प्रभारी मोहनलाल बैरवा ने कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि चुनाव में सफलता के लिए जमीनी स्तर पर निरंतर संपर्क जरूरी है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से घर-घर जाकर लोगों को पार्टी की नीतियों से अवगत कराने और संगठन को मजबूत बनाने का आह्वान किया।उन्होंने कहा कि समर्पण और मेहनत से ही संगठन मजबूत होगा और चुनाव में सकारात्मक परिणाम मिलेंगे।कार्यक्रम में पार्टी के कई वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी ने बैठक को संगठनात्मक दृष्टि से मजबूत बनाया। राजस्थान के पूर्व प्रदेश सचिव नीरज मौर्य, पूर्व संभाग प्रभारी पुष्पेंद्र कौशल और पूर्व जिला उपाध्यक्ष भरतपुर चंद्र प्रकाश,शेरू पूर्व संभाग आई टी प्रभारी जीतू आज़ाद, पूर्व सांगानेर अध्यक्ष भागीरथ बाकोलिया सहित अन्य पार्टी के पदाधिकारी उपस्थित रहे।इन नेताओं ने कार्यकर्ताओं को संगठन के विस्तार और समाज के बीच सक्रिय रहने के लिए प्रेरित किया।बैठक को राजनीतिक दृष्टि से दलित-मुस्लिम एकता की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। जानकारों का कहना है कि यदि यह सामाजिक गठजोड़ मजबूत होता है तो स्थानीय चुनावों में इसका असर देखने को मिल सकता है।इस तरह के कार्यक्रम सामाजिक समरसता और राजनीतिक भागीदारी को बढ़ावा देने में अहम भूमिका निभाते हैं।बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि सदस्यता अभियान को गांव-गांव और वार्ड स्तर तक पहुंचाया जाएगा। कार्यकर्ताओं को लोगों की समस्याओं को सुनने और उनके समाधान के लिए प्रयास करने की जिम्मेदारी दी गई।नेताओं ने कहा कि जनता से सीधा संवाद ही पार्टी की सबसे बड़ी ताकत है और यही संगठन को मजबूत बनाएगा।इस कार्यक्रम के बाद क्षेत्र के राजनीतिक हलकों में चर्चाएं तेज हो गई हैं। कई राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह अभियान आने वाले निकाय चुनावों में नए समीकरण बना सकता है।हालांकि चुनाव परिणाम क्या होंगे यह भविष्य के गर्भ में है, लेकिन इतना तय है कि इस बैठक ने स्थानीय राजनीति में नई ऊर्जा का संचार किया है।बैठक में शामिल लोगों ने उम्मीद जताई कि इस तरह के कार्यक्रम समाज के विभिन्न वर्गों को एक मंच पर लाने में मदद करेंगे और सामाजिक बदलाव की दिशा में सकारात्मक माहौल तैयार करेंगे।नेताओं ने कहा कि समाज की एकजुटता ही लोकतंत्र की सबसे बड़ी ताकत है और इसी से विकास का रास्ता प्रशस्त होता है।

