– *बुद्धप्रकाश बौद्ध दबोह भिण्ड*
पिछले दिनों हुई मामूली बारिश से लहार के जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश कोर्ट परिसर में पानी भर गया। इससे कार्यालय परिसर तालाब में तब्दील हो गया है। जिसके चलते न्यायालय के अधिकारी व कर्मचारी, पक्षकार सहित वकीलों को परेशानी उठानी पड़ रही है। जलनिकासी का उचित प्रबंध न होने की वजह से अधिक बारिश होने से न्यायालय परिसर में घुटनों तक पानी भर जाता है। अदालत के बाहर पानी भरा होने से अधिवक्ताओं और पक्षकारों को पानी में से होकर ही निकलना पड़ता है।लेकिन स्थानीय प्रशासन द्वारा कोई काम नहीं किया जा रहा है।
यह जलभराव की समस्या अभी की नहीं है बल्कि कई सालों से बरकरार है। इसके बाद भी जिम्मेदार अधिकारियों द्वारा जलनिकासी की उचित व्यवस्था नहीं की जा रही है। जिसका खामियाजा लोगों को भुगतना पड़ रहा है।
*पानी भरने से पेड़ की छाँव में भी नहीं बैठ पाते पक्षकार*
न्यायालय परिसर में बारिश का पानी भरा होने से बाहर से आने वाले पक्षकारों को धूप से बचने के लिए यहाँ-वहाँ बैठना पड़ता है। क्योंकि कोर्ट परिसर में जो पेड़ खड़े हैं , उनके चारों ओर पानी ही पानी भरा हुआ है। जिससे वहाँ मौजूद लोगों को उमस भरी गर्मी में पेड़ों से दूर जाकर मजबूरी में किसी की दुकान या अन्य छायादार चीजों का सहारा लेना पड़ता है। जो उसके नीचे बैठ भी जाते हैं, उन्हें मच्छरों के प्रकोप एवं बदबू से दूर भागना पड़ता है। लिहाजा कोई भी परिसर में बैठ तक नहीं पाता है।

