Tuesday, September 29, 2026
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रामपायली सब स्टेशन में नई गाइडलाइन: 11 के.वी. कृषि फीडरों का ग्रुप परिवर्तन, सिंचाई संकट के बीच किसानों में नाराज़गी

मूकनायक/ सत्यशील गोंडाने
बालाघाट

रामपायली (वारासिवनी), 12 फरवरी 2026।
लगातार कम वोल्टेज और अनियमित आपूर्ति से जूझ रहे रामपायली क्षेत्र के किसानों के लिए बिजली विभाग ने नई गाइडलाइन जारी की है। म.प्र. पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड के अंतर्गत वितरण केंद्र रामपायली द्वारा 33/11 के.वी. उपकेंद्र से संचालित 11 के.वी. कृषि फीडरों का ग्रुप परिवर्तन (ग्रुप चेंज) किया गया है।

कार्यालय सहायक अभियंता द्वारा जारी पत्र क्रमांक 481 दिनांक 12/02/2026 के अनुसार, जनप्रतिनिधियों एवं ग्रामीण उपभोक्ताओं से मिल रही लगातार शिकायतों के बाद यह निर्णय लिया गया है। विभाग का कहना है कि लोड संतुलन बेहतर करने और वोल्टेज समस्या कम करने के उद्देश्य से यह बदलाव लागू किया गया है।

🔌 नया समय निर्धारण-

अम्बयी AG फीडर

सुबह 11:00 बजे से शाम 6:00 बजे तक

रात्रि 12:30 बजे से 3:30 बजे तक

रामपायली AG फीडर

सुबह 5:00 बजे से 11:00 बजे तक

रात्रि 12:30 बजे से 4:30 बजे तक

मोहगांव AG फीडर

सुबह 5:00 बजे से 11:00 बजे तक

रात्रि 12:30 बजे से 4:30 बजे तक

आदेश की प्रतिलिपि कार्यपालन अभियंता बालाघाट एवं सहायक अभियंता वारासिवनी को भी प्रेषित की गई है, ताकि निर्धारित समयानुसार विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित की जा सके।

🌾 किसानों की पीड़ा: आधी रात की सिंचाई, घटती फसल की उम्मीद-

क्षेत्र के किसानों का कहना है कि लंबे समय से कम वोल्टेज के कारण मोटर पंप पूरी क्षमता से नहीं चल पा रहे हैं। कई बार आधी रात में खेतों तक जाना पड़ता है, जिससे सुरक्षा और स्वास्थ्य दोनों पर असर पड़ता है।

कुछ किसानों ने बताया कि रात्रिकालीन समय में बिजली मिलने से जंगली जानवरों और दुर्घटना का खतरा भी बना रहता है। वहीं, दिन में पर्याप्त वोल्टेज न मिलने से फसल की सिंचाई अधूरी रह जाती है, जिससे उत्पादन पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है।

किसान संगठनों ने स्पष्ट किया है कि यदि नई व्यवस्था प्रभावी ढंग से लागू नहीं हुई और वोल्टेज की समस्या बरकरार रही, तो वे आगे की रणनीति तय करेंगे। किसानों में यह आशंका भी है कि केवल समय परिवर्तन से समस्या का स्थायी समाधान संभव नहीं होगा, जब तक तकनीकी सुधार नहीं किए जाते।

विभाग का पक्ष-

विभागीय अधिकारियों के अनुसार, ग्रुप परिवर्तन के बाद लोड संतुलन बेहतर होगा और वोल्टेज स्तर में सुधार की संभावना है। उनका दावा है कि इससे सिंचाई कार्य में सुविधा मिलेगी और शिकायतों में कमी आएगी।

फिलहाल क्षेत्र के किसानों की निगाहें इस नई व्यवस्था के परिणाम पर टिकी हैं। यदि निर्णय धरातल पर सफल रहा तो राहत मिल सकती है, अन्यथा सिंचाई संकट और गहराने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।

रामपायली क्षेत्र में अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि नई बिजली गाइडलाइन किसानों के लिए राहत साबित होती है या नाराज़गी का कारण बनती है।

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