मूकनायक/राष्ट्रीय प्रभारी ओमप्रकाश वर्मा
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हर बूंद कीमती होती है, चाहे वह जल की हो, रक्त की हो या आंखों के आंसू की हो” इस पंक्ति का अर्थ है कि जीवन के लिए आवश्यक हर तरल पदार्थ, चाहे वह पानी हो (जीवन का आधार), खून (जीवन का रक्त), या आंसू (भावनाओं का प्रतीक), अपने आप में अनमोल और महत्वपूर्ण है, और हमें इनकी कद्र करनी चाहिए क्योंकि ये तीनों ही हमारी अस्तित्व और भावनाओं के लिए अनिवार्य हैं। जल के बिना जीवन असंभव, रक्त जीवन का प्रवाह और आंसू मन की गहराई का संचार करते हैं ।
बूंद का छोटा स्वरूप उसकी शक्ति को कम नहीं करता। बूंद-बूंद से ही सागर भरता है और बूंद-बूंद की बर्बादी से ही जीवन रिक्त होता है। हमें जल को बचाना चाहिए ताकि पर्यावरण सुरक्षित रहे, रक्त दान करना चाहिए ताकि मानवता जीवित रहे और दूसरों के आंसुओं को पोंछना चाहिए ताकि दुनिया में करुणा बनी रहे। याद रखिए, जो चीजें हमें प्रकृति से मुफ्त मिलती हैं, वे वास्तव में अमूल्य होती हैं।
बिरदी चंद गोठवाल
प्रदेश प्रभारी मूकनायक, हरियाणा

