Thursday, February 26, 2026
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हरिजन आबादी की भूमि पर अवैध कब्जे को लेकर बस्ती के ग्राम उसका में उबाल, प्रशासन को 48 घंटे का अल्टीमेटम

मूकनायक/ दुर्गेंद्र सम्राट ब्यूरो प्रभारी बस्ती/ उत्तर प्रदेश

बस्ती। जनपद बस्ती की तहसील सदर अंतर्गत ग्राम उसका में हरिजन आबादी के लिए आरक्षित भूमि पर अवैध अतिक्रमण का गंभीर मामला सामने आया है। इस प्रकरण ने अब सामाजिक तनाव का रूप ले लिया है। पीड़ित ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि गांव के प्रभावशाली लोगों द्वारा अनुसूचित जाति के लिए सुरक्षित भूमि पर जबरन कब्जा कर अवैध निर्माण कराया जा रहा है, जबकि प्रशासन को बार-बार शिकायत देने के बावजूद निर्माण कार्य नहीं रुकवाया जा रहा है।

पीड़ित ग्रामीणों के अनुसार ग्राम उसका में स्थित गाटा संख्या 147 और 301 हरिजन आबादी के लिए आरक्षित है। इस भूमि पर गांव के ही कुछ दबंग किस्म के लोग, जिनका कथित रूप से ग्राम प्रधान से संरक्षण बताया जा रहा है, अवैध रूप से कब्जा कर निर्माण कार्य करा रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि यह भूमि अनुसूचित जाति के भूमिहीन परिवारों के आवास के लिए सुरक्षित है, जिस पर किसी अन्य वर्ग का कोई वैधानिक अधिकार नहीं बनता।

इस संबंध में पहले ग्रामीणों ने उपजिलाधिकारी सदर बस्ती को लिखित शिकायत देकर न्याय की गुहार लगाई थी। शिकायत के बावजूद जब निर्माण कार्य नहीं रुका तो सोमवार को पीड़ित ग्रामीणों ने प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य भीम आर्मी कमलेश सचान और भीम आर्मी जिला अध्यक्ष अजय आजाद के नेतृत्व में जिलाधिकारी बस्ती को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन के माध्यम से प्रशासन को चेताया गया कि यदि अवैध निर्माण कार्य शीघ्र नहीं रोका गया तो हम ग्रामीणों के साथ मजबूरन हरिजन आबादी की भूमि पर ही धरना-प्रदर्शन करेंगे।

इस दौरान प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य कमलेश सचान ने प्रशासन को 48 घंटे का अल्टीमेटम देते हुए कहा कि हरिजन आबादी की भूमि अनुसूचित जाति के लोगों के अधिकार की भूमि है। इस पर किसी भी प्रकार का अवैध निर्माण या कब्जा बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यदि निर्धारित समय सीमा के भीतर निर्माण कार्य नहीं रोका गया तो भीम आर्मी और ग्रामीण संयुक्त रूप से धरना देने को बाध्य होंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।

वहीं, इसी गांव के निवासी प्रिंस ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि ग्राम प्रधान के सहयोगियों द्वारा उन्हें फर्जी मुकदमे में फंसाने और जान से मारने की धमकियां दी जा रही हैं। उनका आरोप है कि पुलिस प्रशासन भी दबाव में आकर उन्हें झूठे मुकदमे में जेल भेजने की धमकी दे रहा है। प्रिंस की मां ने रोते हुए बताया कि उनका बेटा गांव के दलित ग्रामीणों के हक और अधिकार की लड़ाई लड़ रहा है, जिसके चलते वह लगातार डर और दबाव में है। उन्होंने कहा कि यदि उनके बेटे को कोई नुकसान होता है तो इसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन और ग्राम प्रधान की होगी।

ग्रामीणों ने यह भी बताया कि अवैध कब्जे की सूचना थाना वाल्टरगंज को दी गई थी। पुलिस मौके पर पहुंची और कब्जा न करने की हिदायत भी दी, लेकिन दबंगों ने पुलिस की चेतावनी को नजरअंदाज करते हुए दोबारा कब्जा करने का प्रयास शुरू कर दिया। इससे गांव की हरिजन आबादी में भय और असुरक्षा का माहौल व्याप्त हो गया है।

पीड़ितों का कहना है कि यदि समय रहते प्रशासन ने सख्त हस्तक्षेप नहीं किया तो हरिजन आबादी की पूरी जमीन पर कब्जा हो जाएगा, जिससे गरीब और भूमिहीन दलित परिवारों के सामने गंभीर आवासीय संकट खड़ा हो जाएगा। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि ग्राम स्तर पर प्रभावशाली लोगों का दबदबा होने के कारण उनकी कहीं सुनवाई नहीं हो पा रही है।

इस मामले को लेकर अखिलेश, सुजीत, राजेश, अजय कुमार, राजेन्द्र प्रसाद, गुरूचरन सहित अन्य ग्रामीणों ने जिलाधिकारी बस्ती से मांग की है कि अवैध कब्जा करने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाए। साथ ही हरिजन आबादी की भूमि की पैमाइश कराकर उसे स्थायी रूप से कब्जा मुक्त कराया जाए और पात्र अनुसूचित जाति के परिवारों को विधिवत आवंटन किया जाए।

ग्रामीणों ने प्रशासन से यह भी आग्रह किया है कि मौके पर राजस्व और पुलिस की संयुक्त टीम भेजकर स्थिति का स्थलीय निरीक्षण कराया जाए, ताकि भविष्य में किसी भी प्रकार का विवाद न हो। फिलहाल गांव में तनाव और डर का माहौल बना हुआ है और पीड़ित ग्रामीण प्रशासन की कार्रवाई का इंतजार कर रहे हैं।

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