साँचौर, 4 जनवरी 2026 – अम्बेडकर सेवा समिति साँचौर के तत्वावधान में चतुर्थ अनुसूचित जाति व जनजाति प्रतिभा सम्मान व स्नेहमिलन समारोह 2025-26 का आयोजन अम्बेडकर उद्यान, बी ढाणी साँचौर में गरिमामय वातावरण में सम्पन्न हुआ। समारोह महंत गणेशनाथ महाराज के सानिध्य में तथा जालोर-सिरोही सांसद लुंभाराम चौधरी के आतिथ्य एवं रमिला मेघवाल की अध्यक्षता में आयोजित किया गया।
सेवा समिति के महासचिव कानाराम पारीक ने बताया कि समारोह में अनुसूचित जाति व जनजाति वर्ग की लगभग 370 प्रतिभाओं को मंचासीन अतिथियों के करकमलों से सम्मानित किया गया। साँचौर, चितलवाना एवं सरनाऊ पंचायत समिति क्षेत्र की गरीब, वंचित एवं पिछड़े वर्ग की प्रतिभाओं को एक मंच पर सम्मान मिलने से समाज में आत्मविश्वास और उत्साह का वातावरण देखने को मिला।
महंत श्री श्री 1008 श्री गणेशनाथ महाराज ने कहा कि आज एससी-एसटी वर्ग की प्रतिभाएँ शिक्षा के क्षेत्र में निरंतर आगे बढ़ रही हैं। गरीबी कभी भी प्रतिभा के मार्ग में बाधा नहीं बन सकती। उन्होंने मोबाइल के बढ़ते उपयोग पर चिंता व्यक्त करते हुए उसके सार्थक एवं सकारात्मक उपयोग पर बल दिया।
मुख्य अतिथि सांसद लुंभाराम चौधरी ने कहा कि शिक्षा के साथ-साथ संस्कारों का होना भी आवश्यक है। जब तक समाज के हर घर से आरएएस और आईएएस जैसे अधिकारी नहीं निकलते, तब तक सच्चे अर्थों में सामाजिक परिवर्तन संभव नहीं है।
विशिष्ट अतिथि राजेश राणा ने अम्बेडकर सेवा समिति साँचौर द्वारा पिछड़े वर्गों में शिक्षा के प्रति जागरूकता लाने के प्रयास को ऐतिहासिक पहल बताया। पूर्व मंत्री राजस्थान सरकार सुखराम विश्नोई ने कहा कि ऐसे सम्मान समारोह उभरती प्रतिभाओं के हौसले को मजबूत करते हैं और उन्हें आगे बढ़ने की प्रेरणा देते हैं।
समन्वय मंच भारत के मंडल अध्यक्ष नकताराम भील ने कहा कि यदि व्यक्ति में आत्मविश्वास और कुछ कर दिखाने का जुनून हो, तो कोई भी लक्ष्य असंभव नहीं है। NSUI जिलाध्यक्ष जालोर सुष्मिता गर्ग ने प्रतिभाओं से आह्वान किया कि वे तब तक न रुकें, जब तक अपने लक्ष्य को प्राप्त न कर लें।
नवचयनित आईईएस विक्रमकुमार गर्ग ने कहा कि किसी भी परिस्थिति में स्वयं को कमजोर न समझें, लक्ष्य पर अडिग रहकर प्रत्येक प्रतियोगिता की पूरी तैयारी करें। इस अवसर पर पोपटलाल धोरावत एसीबीओ साँचौर, सुभाषचंद जीनगर सहायक रजिस्ट्रार साँचौर, नवचयनित आरएसएस दिनेशकुमार डाबी एवं सीनियर रिसर्च स्कॉलर जेएनयू ने भी अपने विचार व्यक्त किए।
कार्यक्रम में जिला कलक्टर जालौर, जिला कलक्टर बाड़मेर एवं विधानसभा राजस्थान के नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली उपस्थित नहीं हो पाए।
समारोह में पूर्व अध्यक्ष केशाराम मेहरा, नेमीचंद खोरवाल, केवलाराम परमार, एईएन मोहनलाल परमार, आरईएस पूराराम पारीक, साँवलाराम खींची, सरपंच प्रतिनिधि पथुराम चौहान, नायब तहसीलदार वेरसीराम पारेगी, बाबूलाल पारेगी जाखल (भू-निरीक्षक), जेताराम परमार, एडवोकेट राजेंद्र हिंगड़ा सहित अम्बालाल राणुआ, पोपटलाल धोरावत आमली, छतराराम धोरावत, जयचंद परमार रानीवाड़ा, वीराराम वाघेला मैत्रीवाड़ा, मुलाराम वाघेला, अमृतलाल दहिया, रूपाराम परमार, धर्माराम परमार, दशरथ गुलसर, बलवंता राम गुलसर, मफाराम परमार गुन्दाऊ, बेचराराम पातलिया सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, अधिकारी, कर्मचारी एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
समारोह का उत्कृष्ट एवं प्रभावशाली मंच संचालन प्रकाशचंद्र पाँचल ने किया, जिससे कार्यक्रम अनुशासित, गरिमामय एवं स्मरणीय बन गया।

