
मूकनायक/ राजस्थान बूंदी
संवाददाता – शैतान सिंह बैरवा
इन्द्रगढ़ – राजस्थान सड़क सुरक्षा जागरूकता अभियान 13 दिसंबर से शुरू हो गया है। इसके तहत चिकित्सा विभाग ने फोरलेन हाइवे पर किशोरपुरा टोल प्लाजा व इंद्रगढ़ टोल प्लाजा पर वाहन चालकों की आंखों की जांच के लिए शिविर लगाया है। दैनिक भास्कर के 3 रिपोर्टरों ने 3 टोल नाकों पर जाकर नेत्र जांच शिविर के हालात देखे। इसमें भारी वाहन चालाकों की आंखों की जांच के लिए लगाए गए शिविर खानापूर्ति साबित हो रहे हैं।रिपोर्टरों ने किशोरपुरा, इंद्रगढ़ टोल प्लाजा पर जाकर देखा तो वहां पर शिविर में चिकित्सा विभाग के कर्मचारी बैठे हुए थे। हाइवे पर भारी वाहन गुजर रहे थे। वाहनों को रुकवाकर चालकों की जांच नहीं की जा रही थी। वहीं केशवरायपाटन टोल प्लाजा पर तो नेत्र जांच शिविर ही नहीं लगाया गया। ऐसे में इस हाइवे से गुजरने वाले चालकों की जांच नहीं हो पा रही है। यह जांच अभियान सदस्य सचिव स्टेट प्रोग्राम कमेटी चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाएं जयपुर के निर्देश पर चलाया जा रहा है।पेच की बावड़ी : 1 घंटे में 36 में से 35 चालकों की जांच नहीं, सिर्फ 1 की जांच भास्कर रिपोर्टर ने टोल प्लाजा पर करीब आधे घंटे तक ठहरकर नेत्र चिकित्सा शिविर का जायजा लिया। टोल से निकलने वाले वाहनों पर निगरानी की तो करीब आधे घंटे में टोल से करीब 36 बड़े वाहन निकले। इस दौरान एक डंपर चालक ने स्वयं कैंप में पहुंचकर परामर्श लिया। बाकी वाहनों को रुकवाकर चालकों की नेत्र जांच नहीं की गई। यहां कैंप में मौजूद नेत्र रोग सहायक भगवान काबरा ने बताया कि चेकअप कैंप राज्य सरकार के निर्देशानुसार 13 से 27 नवंबर तक आयोजित किए जाएंगे। ^टोल नाकों पर हमारा नेत्र जांच शिविर लगा हुआ है। पहले दिन तो पुलिस जवान लगा दिए थे, जिससे वाहनों को रुकवाने में आसानी हो रही थी। उसके बाद पुलिस के जवानों की ड्यूटी नहीं लगी। ऐसे में वाहन चालक तेज गति से निकल जाते हैं, वे गाड़ी नहीं रोकते। इसलिए समस्या आ रही होगी। हमने अब तक 670 चालकों का नेत्र परीक्षण किया है।जांच में 155 चालकों की आंखों में खराबी आई है। उन्हें उपचार की सलाह दी है और आई ड्रॉप व चश्मे वितरित किए हैं। शिविर समय सुबह 9 से 3 बजे तक है। केशवरायपाटन टोल पर पिछले माह नेत्र जांच शिविर लगाया था। इस बार इसी हाइवे पर आगे की ओर इंद्रगढ़ में लगा दिया है। – डॉ. प्रदीप शर्मा, नोडल अधिकारी व डिप्टी सीएमएचओ, बूंदी करीब 50 मिनट के भीतर टोल से गुजरने वाले एक भी भारी वाहन चालक की आंखों की जांच नहीं की गई। 50 मिनट के भीतर दोनों साइड से लगभग 125 वाहन निकल चुके थे। एक भी वाहन को रोककर चालक की जांच नहीं की गई। मौके पर शिविर में देई सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के नेत्र सहायक घनश्याम सैनी मौजूद थे। उन्होंने बताया कि अब तक 14 वाहन चालकों की आंखों की जांच की गई है। उनका कहना था कि यह शिविर सुबह 10 से शाम 5 बजे तक चलता है। जब उनसे पूछा कि आपने हमारे सामने 50 मिनट के भीतर एक भी वाहन चालक की जांच नहीं की। इस पर नेत्र सहायक घनश्याम सैनी का कहना था कि लोग तेज गति से जाते हैं। जिनका फास्टैग खत्म हो जाता है, वही यहां रुकते हैं तो उनकी जांच कर लेते हैं। टोल नाके वालों का भी सहयोग लिया जा रहा है। इस कार्य के लिए परिवहन विभाग वालों का भी सहयोग मांगा जा रहा है, जो फिलहाल नहीं मिल पाया है। केशवरायपाटन : कोई कैंप का आयोजन नहीं, वाहन आते-जाते रहे मेगा हाइवे टोल नाके पर चिकित्सा विभाग की ओर से गुरुवार को आंखों की जांच के लिए कोई कैंप आयोजित नहीं किया गया।टोल पर वाहनों की आवाजाही होती रही। भास्कर रिपोर्टर पहुंचा तो टोल पर चिकित्सा विभाग का कोई कर्मचारी नहीं मिला। टोल पेट्रोलिंग इंचार्ज धनराज सुमन ने बताया कि इस माह में वाहन चालकों की आंखों की जांच के लिए विभाग की ओर से कोई कैंप नहीं लगाया गया है। पिछले माह 12 नवंबर से 18 नवंबर तक कैंप लगाया गया था। शिविर में चश्मे के नंबर जांचे जाते हैं, मोतियाबिंद, आंखों की अन्य जांच की जाती है। जांच के बाद वाहन चालक का नाम, उम्र, मोबाइल नंबर के साथ ही वाहन के नंबर भी लिखे जा रहे हैं। वाहन चालकों को आंखों की सुरक्षा कैसे करनी है, यह भी समझाया जाता है।

