डीजीपी कैलाश मकवाना की बड़ी कार्रवाई, जबलपुर IG ने एसपी सिवनी को शो कॉज नोटिस थमाया
मूकनायक/ स्वतंत्र पत्रकार नेहा पहारिया
सिवनी/मध्य प्रदेश
मध्यप्रदेश के सिवनी जिले में हवाला धन डकैती कांड ने पुलिस विभाग की छवि धूमिल कर दी। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देश पर डीजीपी कैलाश मकवाना ने सख्त कदम उठाते हुए एसडीओपी समेत कुल 11 पुलिसकर्मियों के खिलाफ FIR दर्ज करने के आदेश दिए हैं। आरोप है कि इस मामले में पुलिस के शीर्ष अफसर भी आपराधिक षड्यंत्र में शामिल थे, जिसकी जांच अब जबलपुर क्राइम ब्रांच के अतिरिक्त SP जितेन्द्र सिंह करेंगे।
एफआईआर में दर्ज धारा
- 310(2) डकैती
- 126(2) गलत तरीके से रोकना
- 140(3) अपहरण/अपहरण
- 61(2) आपराधिक षडयंत्र
आरोपियों में प्रमुख हैं:
- पूनम पांडे (SDOP), कोतवाली लखनवाड़ा
- थाना प्रभारी सहित 10 अन्य पुलिस कर्मी
बताया जा रहा है कि इस हवाला लूट मामले में बरामद धन के मालिकाना हक को लेकर पुलिस में सांठगांठ सामने आई है। IG जबलपुर प्रमोद वर्मा ने सिवनी एसपी को कड़ी फटकार लगाते हुए जवाब मांगा है कि आखिर बरामद पैसा किसका है और वरिष्ठ अधिकारियों के साथ समन्वय और सूचना व्यवस्था में इतनी गैरजिम्मेदारी क्यों बरती गई? यदि संतोषजनक जवाब नहीं मिला तो सिवनी पुलिस प्रशासन में और भी बड़े फेरबदल की संभावना जताई जा रही है।
जिला प्रशासन ने तत्काल इस मामले की जांच के लिए जबलपुर क्राइम ब्रांच की टीम गठित की है। FIR की डायरी पहले ही जबलपुर पहुंच चुकी है और मामले की तह तक जाकर सच्चाई सामने लाने के लिए विशेष जांच शुरू हो गई है।
राजनीतिक हलकों में भी सवाल उठ रहे हैं कि क्या पुलिस विभाग में जड़ जमा भ्रष्टाचार का सफाया होगा या यह मामला भी धूल में मिल जाएगा? जनता इस कार्रवाई पर बारीकी से नजर रखे हुए है।
क्या पुलिस ही अपराधियों की सुरक्षा करती है? सत्य जल्द सामने आएगा।

