मूकनायक/विजयराम आज़ाद
मुजफ्फरनगर/लखनऊ।
सोशल मीडिया पर इन दिनों एक खौफनाक वीडियो वायरल हुआ, जिसमें खून से लथपथ महिला और बच्चों की लाशें दिखाई दे रही थीं। वीडियो के साथ दावा किया गया कि यह उत्तर प्रदेश के मुज़फ़रनगर या अमरोहा जिले की घटना है। वायरल होते ही इस वीडियो ने लोगों में डर और गुस्सा दोनों पैदा कर दिया।
लेकिन फैक्ट-चेक के बाद सच्चाई सामने आई। यह वीडियो न तो मुज़फ़रनगर का है और न ही उत्तर प्रदेश का। असल में यह पाकिस्तान का पुराना वीडियो है, जिसे सांप्रदायिक तनाव भड़काने के इरादे से गलत दावों के साथ भारत से जोड़कर फैलाया गया।
फैक्ट की जांच करने पर क्या मिला
- वीडियो की हकीकत
फैक्टली की जांच के अनुसार, यह वीडियो अप्रैल 2024 की घटना है। यह पाकिस्तान के पंजाब प्रांत के Muzaffargarh ज़िले के Midwala/Mudwala, Alipur तहसील में हुई थी। आरोपी Sajjad ने मानसिक तनाव और आर्थिक तंगी के चलते अपनी पत्नी और सात बच्चों की हत्या कर दी थी।
- मीडिया रिपोर्ट्स की पुष्टि Dawn ने अप्रैल 2024 में इस घटना पर विस्तृत रिपोर्ट प्रकाशित की थी। PTI Fact Check ने भी स्पष्ट किया कि वीडियो पाकिस्तान का है और भारत के किसी इलाके से इसका कोई संबंध नहीं है। Indian Express ने खबर दी कि मुज़फ़रनगर पुलिस ने इस फर्जी वीडियो को फैलाने के आरोप में तीन लोगों को गिरफ्तार किया है।
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पुलिस की कार्रवाई और बयान
मुज़फ़रनगर पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी SSP संजय कुमार वर्मा ने बयान जारी कर बताया कि— वायरल वीडियो पाकिस्तान का है, न कि उत्तर प्रदेश का। इसे गलत दावे के साथ फैलाकर सांप्रदायिक तनाव पैदा करने की कोशिश की गई। पुलिस ने ऐसे सभी तत्वों पर कड़ी कार्रवाई करने का संकल्प लिया है।
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गिरफ्तारियां और कानूनी धाराएं
पुलिस ने ककरोली थाना क्षेत्र में तीन लोगों को गिरफ्तार किया है:
Nadeem (25 वर्ष), Mansher (45 वर्ष), Rahees (35 वर्ष), तीनों आरोपी मुज़फ़रनगर जिले के निवासी हैं। उनके मोबाइल फोन जब्त कर लिए गए हैं, जिनसे यह वीडियो शेयर किया जा रहा था।
इन पर निम्न धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज हुआ है:
भारतीय न्याय संहिता (Bharatiya Nyaya Sanhita – BNS) की कई धाराएँ — झूठी सूचना, छल और सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने से संबंधित। गैर-कानूनी गतिविधियाँ (निवारण) अधिनियम (UAPA)। आईटी एक्ट की प्रासंगिक धाराएँ।
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ऐसी जानकारी आए तब क्या करें
यह घटना एक बड़ा सबक है कि—
- किसी भी वायरल वीडियो या संदेश पर आंख मूंदकर विश्वास न करें।
- हर कंटेंट को साझा करने से पहले उसका सत्यापन करें।
- झूठी सूचनाएँ न केवल कानूनन अपराध हैं, बल्कि समाज की एकता और भाईचारे को भी तोड़ती हैं।
- पुलिस और प्रशासन को तुरंत सूचित करना नागरिकों की जिम्मेदारी है।
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हकीकत और सख्त कदम
वायरल वीडियो का उत्तर प्रदेश से कोई संबंध नहीं था। यह पाकिस्तान की पुरानी घटना थी, जिसे झूठे दावे के साथ मुज़फ़रनगर का बताकर फैलाया गया। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है और स्पष्ट संदेश दिया है कि अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे।

