वीरभान सिंह
मूकनायक/स्टेट हेड मप्र
भिंड, 24 अगस्त, 2025 – 30 एमपी बटालियन एनसीसी, भिंड के सात जांबाज कैडेट्स ने अपनी कड़ी मेहनत और अटूट लगन के दम पर एक बड़ी और अभूतपूर्व उपलब्धि हासिल की है। इन कैडेट्स का चयन देश के सबसे प्रतिष्ठित थल सेना कैंप (टीएससी) में फायरिंग प्रतियोगिता के लिए किया गया है, जिसका आयोजन दिल्ली में होगा। यह न केवल इन कैडेट्स और उनके परिवारों के लिए, बल्कि पूरी बटालियन और भिंड शहर के लिए भी एक बेहद गर्व का क्षण है।
इन जांबाज कैडेट्स की गौरवशाली यात्रा की शुरुआत 11 से 20 जून, 2025 तक चले संयुक्त वार्षिक प्रशिक्षण शिविर (सीएटीसी) से हुई थी। इस शिविर में इन कैडेट्स ने अपने असाधारण कौशल और अनुशासन का परिचय देते हुए टीएससी फायरिंग कैंप के लिए अपनी जगह पक्की की। इस शानदार प्रदर्शन के बाद, उनका चयन भोपाल में आयोजित एनसीसी निदेशालय स्तर के कैंप के लिए हुआ, जहाँ उन्होंने अपने शूटिंग कौशल को और भी निखारा।
इस टीम की ट्रेनिंग और सिलेक्शन की मुख्य ज़िम्मेदारी कर्नल अवनिंदर सिंह, सूबेदार पुष्पराज और हवलदार उमेश की थी, जिन्होंने इन कैडेट्स को राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता के लिए तैयार किया।
इन सभी कठिन और प्रतिस्पर्धी चरणों में शानदार प्रदर्शन के बाद, अब इन कैडेट्स का चयन अंतिम रूप से दिल्ली में होने वाले राष्ट्रीय स्तर के टीएससी कैंप के लिए हुआ है। इस कैंप में वे देश भर के सर्वश्रेष्ठ कैडेट्स के साथ प्रतिस्पर्धा करेंगे और अपनी उपलब्धियों के लिए पदक व सम्मान प्राप्त करेंगे।
इस शानदार सफलता पर, 30 एमपी बटालियन एनसीसी के कमांडिंग ऑफिसर कर्नल कुलवंत सिंह कुहड़ और पूरी बटालियन के सभी पीआई स्टाफ, एएनओ (एसोसिएट एनसीसी ऑफिसर), और अन्य कैडेट्स ने हार्दिक खुशी व्यक्त की है। कर्नल कुहड़ ने कहा, “यह हमारे लिए एक ऐतिहासिक क्षण है। हमारे सात होनहार कैडेट्स- यूओ हरिओम, कैडेट रोहित यादव, कैडेट श्याम चंद्र, कैडेट रिया चौहान, कैडेट संगम यादव, कैडेट पलक और कैडेट वर्षा ने अपनी लगन और मेहनत से यह साबित कर दिया है कि अगर हौसले बुलंद हों तो कोई भी लक्ष्य असंभव नहीं है।”
कर्नल कुहड़ ने आगे कहा, “इन कैडेट्स ने न केवल अपने घर वालों और बटालियन का, बल्कि पूरे भिंड शहर का नाम रोशन किया है। उनकी यह उपलब्धि अन्य सभी युवा कैडेट्स के लिए एक प्रेरणा है। हम उनके उज्जवल भविष्य की कामना करते हैं और उम्मीद करते हैं कि वे दिल्ली में भी उत्कृष्ट प्रदर्शन करके लौटेंगे।”
यह उपलब्धि एनसीसी के “एकता और अनुशासन” के मूल मंत्र को चरितार्थ करती है और यह दर्शाती है कि कड़ी मेहनत और सही मार्गदर्शन से युवा किसी भी क्षेत्र में सफलता हासिल कर सकते हैं।

