बुद्धप्रकाश बौद्ध, पत्रकार
मूकनायक, जिला ब्यूरो चीफ भिण्ड मप्र
दबोह, 23 अगस्त/मूकनायक। लहार तहसील के ग्राम दाबनी में शासन की जमीन पर अवैध कब्जे का सनसनीखेज मामला सामने आया है। ग्रामीणों ने सामूहिक रूप से मोर्चा खोलते हुए आरोप लगाया है कि विजय सिंह बघेल पुत्र घमंडी ने चरनोई भूमि पर कब्जा जमाकर लाखों में बेच डाली।—
चरनोई भूमि को 50 हजार रुपये बिस्वा मे बेचा
ग्रामीणों के अनुसार सर्वे नंबर 247, रकबा 5.30 हेक्टेयर की यह भूमि शासन के नाम दर्ज है और पशुओं के चरने के लिए आरक्षित है। आरोप है कि कुल 70 बीघा भूमि में से करीब 26 बीघा जमीन पर कब्जा कर उसे 50 हजार रुपये प्रति बिस्वा के हिसाब से बेचा जा रहा है। इस जमीन पर लोगों ने मकान भी खड़े करना शुरू कर दिया है।
गांव वालों ने खोला नामों का पिटारा
शिकायत पत्र में खुलासा हुआ है कि कब्जाधारी ने भूमि के टुकड़े कर 30×105, 16×105 और 38×105 क्षेत्रफल में बांटकर बाबूराम दोहरे, उमेश दोहरे, रामेश्वर दोहरे सहित कई लोगों को बेच दिया। ग्रामीणों का कहना है कि शासन की भूमि बेचने का अधिकार किसी भी व्यक्ति को नहीं है, यह सीधा भ्रष्टाचार और धोखाधड़ी है।
कई बार शिकायत, लेकिन कार्रवाई शून्य
ग्रामवासियों ने बताया कि इस मामले की जानकारी कई बार संबंधित विभागों को दी गई, लेकिन जिम्मेदार अधिकारियों ने अब तक कोई कदम नहीं उठाया। इससे ग्रामीणों में भारी आक्रोश है।
नायब तहसीलदार दबोह को भी दिया आवेदन
ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री, राजस्व मंत्री, आयुक्त ग्वालियर संभाग, कलेक्टर भिण्ड और एसडीएम लहार, नायब तहसीलदार दबोह तक शिकायत पत्र भेजकर मांग की है कि अवैध कब्जे को तत्काल हटाया जाए । मकान निर्माण रोका जाए । जमीन खरीदने और बेचने वाले पर सख्त कार्यवाही हो—
‘गांव के साथ धोखाधड़ी’ – ग्रामीण
ग्रामीणों का कहना है कि चरनोई भूमि पर कब्जा न केवल कानून का उल्लंघन है बल्कि पूरे गांव के साथ धोखाधड़ी भी है। इस कारण पशुधन चराने की समस्या गहराती जा रही है। शिकायत करने वालों में गंगाप्रसाद बघेल, रामसिया बघेल, शिया शरण दुबे, पन्नालाल, छक्कीलाल, हरवंश, लाखन सिंह, रामशरण दुबे, जसराम सहित अन्य ग्रामीण शामिल हैं।

