
मूकनायक/ कमलेश लवहात्रै
बिलासपुर छत्तीसगढ़
बारिश की इस लगातार झड़ी में भी आंदोलनकर्ताओं का मनोबल डगमगाया नहीं। वे प्रतिदिन की भांति आज भी भीम गर्जना कर अपने हक अधिकार की लड़ाई लड़ने धरने स्थल पर डटे रहे। आज ठिठुरते हुए बच्चों के कपड़े भीगे है किंतु महाबोधी महाविहार मकसद से वे ना डिगे है। भारतीय बौद्ध महासभा 1119 भिलाई के उपाध्यक्ष विनोद वासनिक जी ने महाबोधी महाविहार मुक्ति आन्दोलन और धरने का समर्थन करते हुए संबोधित किया । नीलिमा कांहेकर ने कहा समाज के लोग महाबोधी महाविहार मुक्ति आंदोलन के लिए जागरूक होकर और घरों से बाहर निकलकर धरने में शामिल होकर अपना कर्तव्य पूरा करें ।
ऑल इंडिया बुद्धिष्ट फोरम, छत्तीसगढ़ और दुर्ग/भिलाई के समस्त बौद्ध संगठन बिहार के बोधगया महाबोधी महाविहार से बीटी 1949 एक्ट निरस्त कराने और महाबोधी महाविहार को ब्राह्मणवाद से मुक्त करने के लिए देश के अलग अलग राज्यों में आंदोलन चल रहे है । दुर्ग जिले में ऑल इंडिया बुद्धिष्ट फोरम छत्तीसगढ़ प्रदेश अध्यक्ष सविता बौद्ध संकल्पी अर्थात सामनेरी खेमा के नेतृत्व और मार्गदर्शन में एवं समता सुरक्षा सेना के संरक्षण में निरंतर जारी रहेगा। धरने स्थल पर सामनेरी विशाखा,सामनेरी संघप्रिया भिक्खू उपस्थित रहा । हमारी केवल दो ही मांगे पहली बीटी एक्ट 1949 रद्द हो और महाबोधि महाविहार गैर बौद्धों से मुक्त होना चाहिए । अन्यथा यह आंदोलन तब तक जारी रहेगा जब तक बिहार सरकार बीटी एक्ट 1949 खत्म नहीं कर देती और महाबोधी महाविहार प्रबंधन बौद्धों को सौंप नहीं देती।
इस अवसर पर समता सुरक्षा सेना के डॉ.अरविंद चौधरी,अनिल जोग , रामाराव ढोक,सुदेश कुमार जयश्री बौद्ध,अल्का बौद्ध, ,कानीपनाथ वासनिक,महेंद्र बौद्ध,सरिता टेंभुरने, साक्षी बौद्ध,श्रेया,रिया ,सुलोचना बौद्ध,महेंद्र चौहान,माधुरी रंगारी,मंजू डोंगरे,प्रमिला रंगारी,भूपत बोरकर,योगेश सहारे,योगा डोंगरे,लतिका खांडेकर ,अष्टशिला वासनिक,राजेंद्र मेश्राम,राजू गेडाम भूषण नाडिया आदि ने शांति पूर्ण नारों से अपनी आवाज बुलंद कर गरिमामई उपस्थिति दर्ज कराई।रामाराव ढोक और इंदु ढोक ने धरना प्रदर्शन में जलपान की सेवाएं संभाली है।

