Thursday, February 26, 2026
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इंसान जब करवट लेता है, तो “दिशा” बदल जाती है और जब समय करवट लेता है, तो बदल जाती है “दशा”

इंसान जब करवट लेता है, तो “दिशा” बदल जाती है और जब समय करवट लेता है, तो बदल जाती है “दशा”

मूकनायक/देश
राष्ट्रीय प्रभारी ओमप्रकाश वर्मा
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जीवन में दिशा और दशा दोनों ही महत्वपूर्ण हैं । जीवन में एक सही दिशा तय करने और जीवन की दशा को बेहतर बनाने के लिए, सकारात्मक सोच, लक्ष्य निर्धारण, सही मार्ग का चयन और स्वस्थ जीवनशैली अपनाना आवश्यक है। जीवन में सही दिशा तय करना दशा को सुधारने में मदद कर सकता है। जब हम सही दिशा में चलते हैं, तो हमारे जीवन की दशा भी बेहतर होती है। उदाहरण के लिए, यदि आप एक अच्छी दिशा में पढ़ाई करते हैं और एक अच्छा करियर बनाते हैं, तो आपकी दशा बेहतर होगी। किताबी ज्ञान जीवन के लक्ष्य को पाने के लिए उठाया गया पहला कदम है, परंतु कब तक हम उस पहले कदम के सहारे वहीं खड़े रहेंगे? क्योंकि अमल करके चलना शुरू करेंगे तभी तो जीवन की दिशा और दशा सुधारकर मंजिल पर पहुँचेंगे!!
जब इंसान करवट लेता है, तो “दिशा” बदल जाती है। और जब समय करवट लेता है, तो “दशा” बदल जाती हैं। इसलिए मन की पीड़ा का कोई अंत नहीं है और इसके लिए दूसरों को कोसने का भी कोई लाभ भी नहीं है । इसका सबसे सरल उपाय है कि अपने मन को प्रकृति को समर्पित कर दो, प्रकृति के साथ जुड़ते ही जीवन में खुशियों का, सुकून का, संयम का, सहनशक्ति का, प्रेम का, नई ऊर्जा का जीवन की सही राह का, संतुष्टि का, आरंभ हो जाता है और हम मन की पीड़ा से कैसे मुक्त हो जाते हैं, पता भी नहीं चलता।
बिरदीचंद गोठवाल, नारनौल
प्रदेश प्रभारी मूकनायक, हरियाणा

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