नवी मुंबई – तुर्भे विभाग के हनुमान नगर स्थित पंचशील बुद्ध विहार और धम्मदीप बुद्ध विहार परिसर में किए गए विकास कार्यों में भारी अनियमितता और घटिया दर्जे का काम सामने आया है। इस मुद्दे पर पूर्व नगरसेवक बाबासाहेब गायकवाड ने नवी मुंबई महानगरपालिका के आयुक्त डॉ. कैलास शिंदे को पत्र लिखकर संबंधित ठेकेदार के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।स्थानीय नागरिकों का कहना है कि इस काम के लिए पालिका द्वारा लाखों रुपये खर्च किए गए, लेकिन जमीन पर जो काम हुआ है वह बेहद ही खराब गुणवत्ता का है। क्षेत्र में कांक्रीटीकरण (कंक्रीट सड़क) होना था, लेकिन उसकी जगह सिर्फ मिट्टी और थोड़ा बहुत सीमेंट डालकर खानापूर्ति की गई है। इससे बरसात में कीचड़ फैलता है और लोगों को आने-जाने में परेशानी होती है।यह क्षेत्र बौद्ध समाज की घनत्व से बसा बस्ती है, और बुद्ध विहार जैसे धार्मिक स्थलों के आसपास की बदहाली ने नागरिकों में रोष पैदा कर दिया है। उनका कहना है कि विकास कार्यों में भ्रष्टाचार और लापरवाही से न केवल आम जनता को नुकसान हुआ है, बल्कि महानगरपालिका का कीमती राजस्व भी व्यर्थ चला गया।पूर्व नगरसेवक बाबासाहेब गायकवाड ने अपने पत्र में लिखा है कि ठेकेदार द्वारा सिर्फ दिखावे के लिए काम किया गया है, जबकि वास्तविकता कुछ और ही है। उन्होंने मांग की है कि पालिका इस कार्य की उच्च स्तरीय जांच करे और दोषियों के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई करे।अब सभी की निगाहें नवी मुंबई महानगरपालिका के आयुक्त डॉ. कैलास शिंदे पर टिकी हुई हैं कि वे इस भ्रष्टाचार के मामले में क्या कदम उठाते हैं। यदि शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई तो नागरिकों द्वारा आंदोलन छेड़ने की भी संभावना जताई जा रही है।

