Thursday, February 26, 2026
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दूसरों के प्रति नि:स्वार्थ सेवा का भाव रखना ही जीवन में कामयाबी का है मूलमंत्र

मूकनायक/देश
राष्ट्रीय प्रभारी ओमप्रकाश वर्मा
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परिवार से लेकर समाज तक हम सभी किसी ना किसी तरह की निस्‍वार्थ सेवा में शामिल रहते हैं, परंतु क्‍या आपने कभी गौर किया है कि सेवा की यह भावना असल में आपके मानसिक स्‍वास्‍थ्‍य के लिए कितनी फायदेमंद है ? दूसरों की मदद करने से हमें संतुष्टि मिलती है । दूसरों की मदद करने का यह साइकोलॉजिकल फायदा हम नहीं कह रहे, बल्कि वैज्ञानिक शोध इसे साबित कर रहा है। पबमेड सेंट्रल में प्रकाशित लेख के अनुसार वैज्ञानिक आधार पर यह कहना उचित होगा कि दूसरों की सेवा करने पर हमारे दिमाग में हैप्पी हार्मोन्स निकलते हैं । यह हॉर्मोन्स ही हमें संतुष्ट बनाते हैं और इसके साथ अपनेपन की भावना भी आती है क्योंकि जब आप दूसरों की मदद करते हैं, खासकर जब आप उनसे मिलते हैं या मेहनत के माध्यम से सहायता करते हैं, तो आप में अपनेपन की भावना विकसित होती है। ऐसा करने से दूसरों के जीवन में तो खुशी आती ही है, आपका अकेलापन भी दूर होता है। सेवा करना न सिर्फ आपको संतोष देता है, बल्कि यह आपकी मेंटल हेल्‍थ के लिए भी बहुत फायदेमंद है।
दूसरों के प्रति नि:स्वार्थ सेवा का भाव रखना ही जीवन में कामयाबी का मूलमंत्र है क्योंकि सेवाभाव से आपको जीवन का उद्देश्य भी समझ में आता है और आप खुद को पुरस्कृत महसूस करते हैं। आपको लगता है कि आपके जीवन में भी एक सकारात्मक उद्देश्य है। यह भावना बहुत महत्वपूर्ण है। खासकर ऐसे समय में जब हम सभी प्रोडक्टिव होने की कोशिश कर रहे हैं। आपका नजरिया पॉजिटिव होता है, जब आप किसी व्यक्ति की मदद कर रहे होते हैं । आपको उनके जीवन की झलक देखने को मिलती है क्योंकि दूसरों की परिस्थियां देख कर ही हमें एहसास होता है कि हम कितने सौभाग्यशाली हैं। इससे जीवन के प्रति आपका दृष्टिकोण ज्‍यादा सकारात्मक होता है।
बिरदीचंद गोठवाल, नारनौल
प्रदेश प्रभारी मूकनायक, हरियाणा

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