Thursday, February 26, 2026
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परिवार में चल रही अनबन को हमेशा राज ही रहने दें, वरना लोग बड़ी दिलचस्पी से उड़ाएंगे मजाक

मूकनायक/देश
राष्ट्रीय प्रभारी ओमप्रकाश वर्मा
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परिवार जीवन का अभिन्न अंग होता है, जहां बिना शर्त प्रेम, सुरक्षा और अधिकार आदि ऐसी चीजें मिलती हैं, जो दूसरी जगह नहीं मिल पाती, लेकिन जब इस तरह की जगह पर लड़ाई झगड़ा होना आम बात हो जाती है तो ऐसी स्थिति में जीवन तनावग्रस्त बन जाता है। घर-परिवार में अक्सर किसी ना किसी बात पर नाराजगी हो जाती है। अगर कभी परिवार वाले आपसे किसी बात पर नाराज हो जाएं और आपके खिलाफ बोलने लगें तो उसमें बुरा ना मानें और धैर्य से उनकी बातें सुनें। इस बात का आंकलन करें कि क्या वाकई आपसे गलती हुई है। बहुत सी महिलाएं तनाव की स्थिति में अपने घर वालों की बातों से बुरी तरह आहत हो जाती हैं और अपने बचाव में कई ऐसी बातें बोल देती हैं, जो परिवार वालों को तकलीफ देती हैं। अपने बचाव में बहुत ज्यादा बोलने से संबंधों में तनाव पैदा होता है। अगर आप अपने प्रियजनों की बातें ध्यान से सुनें और उनका नजरिया समझने की कोशिश करें, तो मुमकिन है कि समस्या का समाधान निकल आए और तनाव भी दूर हो जाए।
पारिवारिक जीवन में लड़ाई झगडों की वजह अक्सर अच्छे संस्कारों और सहिष्णुता की कमी आम देखने को मिलती है क्योंकि मतभेद होने पर लोग चीखने चिल्लाने लगते हैं। इससे घर में तनाव बढ़ता है। कई बार गुस्से में कहे गए आपके अपशब्द परिवार के सदस्य को आहत करते हैं, जिसके कारण उनकी ओर से भी प्रतिक्रिया आती है और विवाद बढ़ने लगता है। इसलिए मनमुटाव की स्थिति में भी भाषा पर नियंत्रण रखें और चिल्ला कर बात न करें। पारिवारिक जीवन की गाड़ी तभी चलती है, जब सदस्यों में त्याग, आपसी प्रेम भावना, स्नेह, उदारता, सेवा, सहिष्णुता और परस्पर आदर भाव हो । बुजुर्ग कहते हैं कि परिवार में चल रही अनबन को हमेशा राज़ ही रखना चाहिए वरना ऐसी खबरों को लोग बड़ी दिलचस्पी से फैलाते हैं और मजाक बनाते हैं । भले ही उनके घर में खुद महाभारत हो रही हो । बाकी-: दुनिया में सब कुछ छोड़ देना, लेकिन मुस्कुराना और उम्मीद कभी मत छोड़ना..
लेखक
बिरदीचंद गोठवाल, नारनौल
प्रदेश प्रभारी मूकनायक, हरियाणा

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