Thursday, February 26, 2026
Homeदेशशिक्षा ही ज्ञान और अंधकार को मिटा करके विवेकपूर्ण विचारों को सोचने...

शिक्षा ही ज्ञान और अंधकार को मिटा करके विवेकपूर्ण विचारों को सोचने की प्रदान करता है शक्ति

मूकनायक/देश
राष्ट्रीय प्रभारी ओमप्रकाश वर्मा
✍🏻✍🏻
शिक्षा अंधविश्वास को कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है, क्योंकि यह लोगों को वैज्ञानिक दृष्टिकोण विकसित करने और तर्कसंगत सोच अपनाने में मदद करती है, जिससे वे अंधविश्वासों को आसानी से पहचान और खारिज कर सकते हैं । अशिक्षा और अज्ञानता ने अंधविश्वास व धार्मिक कट्टरता को भारत में फैलाने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ रखी है। यदि अशिक्षित व्यक्ति अंधविश्वास को मानता है, तो यह बात कुछ समझ में आती है, परंतु यह अचरज का विषय है कि इस वैज्ञानिक युग में अत्यंत शिक्षित और पढ़े-लिखे लोग भी अंधविश्वास और धार्मिक कट्टरता के पीछे भागने लगे तो यह समाज और देश के लिए दुर्भाग्य की बात है। मकान में वास्तु दोष दूर करने के लिए उसमें अनावश्यक तोड़-फोड़ व सुधार करने के लिए लोग लाखों रुपए खर्च कर देते हैं, जो अंधविश्वास का ही प्रमाण है।
*अंधविश्वास ऐसी मान्यताएं या विश्वास हैं जो तर्क या वैज्ञानिक प्रमाणों पर आधारित नहीं होते हैं, बल्कि वे केवल अंधविश्वास या रूढ़ियों पर आधारित होते हैं । शिक्षा लोगों को ज्ञान, तर्क और आलोचनात्मक सोच प्रदान करती है, जिससे वे अंधविश्वासों को समझने और उनसे दूर रहने में सक्षम हो जाते हैं । यह तो तय है कि शिक्षा ही ज्ञान और अंधकार को मिटा करके विवेकपूर्ण विचारों को सोचने की शक्ति प्रदान करता है और इसके बाद ही मनुष्य वैज्ञानिक आधार पर तर्क रखकर अपनी बात को मानना स्वीकार करता है। शिक्षा ही विज्ञान और तकनीकी ज्ञान को समाज में तर्क संगत बातों का विश्वास करने पर भरोसा दिलाता है और धीरे-धीरे अंधविश्वास व धार्मिक कट्टरता से दूर रहने के लिए मनुष्य को पूर्ण जागरूक भी करता है।
लेखक
बिरदीचंद गोठवाल, नारनौल
प्रदेश प्रभारी मूकनायक, हरियाणा

- Advertisment -

Most Popular

Recent Comments